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दिल्ली में वोटर लिस्ट को लेकर AAP-BJP में घमासान, केजरीवाल ने BJP पर लगाए वोटरलिस्ट में फ़र्ज़ी नाम जोड़ने के आरोप
आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी पर दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची में हेरफेर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। केजरीवाल ने दावा किया कि मजबूत उम्मीदवार या मुद्दे पेश करने में विफल रहने के बाद बीजेपी 3 एजेंडों पर काम कर रही है जिसमें फ़र्ज़ी वोटरों के नाम लिस्ट में जोड़ना भी शामिल है
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वैसे तो वोटों की गिनती चुनाव नतीजों के दिन होती है। लेकिन दिल्ली के सियासी दंगल में चुनाव की तारीख़ों के ऐलान से पहले ही वोटों की गिनती शुरू हो गई है। ये नया खेल इसलिए शुरू हुआ है। क्योंकि आम आदमी पार्टी और बीजेपी दोनों की तरफ़ से एक दूसरे पर सियासी तीर छोड़ जा रहे हैं। वोटर लिस्ट लिस्ट में फ़र्ज़ी वोटरों को जोड़ने के आरोप लगाए जा रहे हैं। ये नाम ऐसे हैं। जो सिर्फ़ वोटर लिस्ट तक ही सीमित है। हक़ीक़त में है ही नहीं। ये वो लोग हैं जिनका वोटर लिस्ट में तो नाम दिखाई देता है लेकिन जब आप उन्हें हक़ीक़त में तलाशने जाएँगे। तो चौंक जाएँगे.। क्योंकि ये लोग आपको उस पते ही नहीं पाएंगे। इन आरोपों को उस वक़्त और ज़ोर मिला। जब आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीधे तौर पर लिस्ट दिखाते हुए बीजेपी पर फ़र्ज़ी वोटर जोड़ने के गंभीर आरोप लगाए।
अरविंद केजरीवाल के आरोपों की लिस्ट यहीं ख़त्म नहीं हुई। आगे उन्होंने कुछ एप्लिकेशन के ज़रिए बीजेपी आरोप लगाए। सवाल उठाए कि 15 दिन में नई दिल्ली विधानसभा सीट पर 10 हज़ार वोटर आख़िर कैसे जुड़ गए।
पहले शोर मचा था। साज़िश के तहत वोटर लिस्ट से दिल्ली के वोटरों के नाम कटवाए जा रहे हैं। उन्हें बांग्लादेशी घुटपैठिए बताकर चालाकी दिखाई जा रही है। इस शोर का हल निकला नहीं। कि अब वोटर लिस्ट में नए नाम जोड़ने का मुद्दा दिल्ली की सियासत में सेंटर प्वाइंट बन गया है। दोनों ही पार्टियों के नेता गली गली जा रहे हैं। लिस्ट लेकर वोटरों की जांच पड़ताल करवा रहे हैं। जहां आप बीजेपी को कोस रही है। वहीं बीजेपी भी पलटवार करते हुए उलटा आम आदमी पार्टी पर ही सवाल उठा रही है।
आम आदमी पार्टी बीजेपी पर। तो बीजेपी आप पर। आरोप लगाते हुए मैदान में उतर आई है। मतदान से पहले ही एक एक वोट बारिकी से गिने जा रहे हैं। कितने घुसपैठिए वोटर है और कितने दूसरे। इनके सबूत भी जुटाए जा रहे हैं। सुबह से शाम तक फ़र्ज़ी वोटरों के नाम प्रेस कॉन्फ़्रेंस में गिवनाए जा रहे है। सिर्फ़ केजरीवाल ही नहीं। आप नेता संजय सिंह ने तो बीजेपी पर उनकी पत्नी का वोट कटवाने की साज़िश का ही आरोप लगा दिया।
आप बीजेपी के आरोपों के बीच अब चुनाव आयोग की सफ़ाई भी सामने आई। चुनाव आयोग का कहना है कि "20 अगस्त से 18 अक्टूबर 2024 तक योग्य और अयोग्य निर्वाचकों की पहचान करने के लिए घर-घर जाकर सत्यापन किया था। ड्राफ्ट मतदाता सूची 29 अक्टूबर को प्रकाशित की गई थी। इसमें 29 अक्टूबर से 28 नवंबर तक मिली आपत्तियों का निपटारा 24 दिसंबर तक किया गया। इसके अलावा अंतिम मतदाता सूची 6 जनवरी को प्रकाशित की जाएगी, जिसमें 1 जनवरी तक मिली आपत्तियों का निपटारा किया जाएगा। मतदाताओं के नाम जोड़ने, हटाने और संशोधित करने की प्रक्रिया चलती रहती है और यह अब भी चल रही है"
एक तरफ़ बीजेपी बांग्देशी घुसपैठियों के फ़र्ज़ी वोटर बनवाने के आप पर आरोप रही है। तो आप नड्डा के बयान को कोड कर पुर्वांचलियों को घुसपैठिए बताने का बीजेपी पर आरोप लगा रही है। जिससे दिल्ली की सियासी लड़ाई फ़र्ज़ी वोटरों पर आ गई है।अब सवाल यही है कि आख़िर कौन वोटर लिस्ट में फ़र्ज़ी नाम जोड़ रहा है।
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