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'हमारे रिश्ते कभी कमजोर नहीं कर पाओगे...', भारत के टैरिफ प्लान मामले में अमेरिका पर भड़का रूस, कहा - ट्रंप के मंसूबे कभी कामयाब नहीं हो पाएंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत के टैरिफ दर पर रूस भड़क उठा है. रूस ने नाराजगी जताते हुए अमेरिका समेत पश्चिमी देशों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि 'अमेरिका और यूरोपीय यूनियन ने साबित कर दिया कि उनपर भरोसा नहीं किया जा सकता. उन्हें भले ही लगता हो, कि भारत के खिलाफ इस तरह के कदम उठाकर हमारे संबधों को कमजोर किया जा सकता है. लेकिन हम उन्हें बता दें कि उनके यह मंसूबे कामयाब नहीं होने देंगे.'
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए 25 फीसदी टैरिफ दर पर रूस का भी बयान सामने आया है. उसने अमेरिका को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि हमारे रिश्ते को कमजोर नहीं कर पाओगे. यही नहीं उसने पश्चिमी देशों को भी फटकार लगाई है. बता दें कि यह बयान भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव की तरफ से आया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार देर रात 68 देशों पर टैरिफ प्लान लागू कर दिया है.
टैरिफ दर मामले में भारत के साथ खड़ा हुआ रूस
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत टैरिफ दर पर रूस भड़क उठा है. रूस ने नाराजगी जताते हुए अमेरिका समेत पश्चिमी देशों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पश्चिम के देश भारत के साथ रिश्ते खराब करने पर तुले हुए हैं. भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने बयान जारी कर कहा है कि 'अमेरिका और यूरोपीय यूनियन ने साबित कर दिया है कि उनपर अब भरोसा नहीं किया जा सकता है. उन्हें भले ही लगता हो कि भारत के खिलाफ इस तरह के कदम उठाकर हमारे संबधों को कमजोर किया जा सकता है. लेकिन उन्हें बता दें कि हम उनके यह मंसूबे कामयाब नहीं होने देंगे.'
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'पश्चिमी देश विश्वास कायम नहीं कर सकते'
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एक तरफ अमेरिका ने भारत पर 25 फीसदी टैरिफ का ऐलान किया है, तो दूसरी तरफ यूरोपीय यूनियन वाडीनार रिफाइनरी पर भी प्रतिबंध लगा दिए हैं. इस रिफाइनरी में रूस भी हिस्सेदार है. इसको लेकर भी अलीपोव ने कहा है कि 'इस तरह के कदमों और धमकियों से पश्चिम देश भारत के साथ संबंधों में टाइम बम लगा रहा है. इस तरह की हरकत करके पश्चिमी देश कभी भी विश्वास कायम नहीं कर सकते हैं. अमेरिका ने जो भी कदम उठाया है, उससे उसी की क्रेडिबिलिटी खराब होगी.'
'रूस ने बिना किसी स्वार्थ के भारत से संबंध मजबूत किए'
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अलीपोव ने आगे कहा कि 'रूस ने कभी भी किसी स्वार्थ के लिए भारत से संबंध मजबूत नहीं किए हैं. वहीं अमेरिका हर एक चीज में सिर्फ अपना फायदा ढूंढता है.' बता दें कि भारत 80 फीसदी तक पेट्रोलियम का आयात करता है और रूस से बड़ी मात्रा में तेल की खरीददारी करता है. वहीं भारत रूस से अपने संबंधों को मजबूत करने में लगा हुआ है. पश्चिमी देशों के लगातार दबाव के बाद भी भारत ने रूस से न तो व्यापारिक संबंध खत्म किए और न ही किसी तरह के प्रतिबंध लगाए हैं.
68 देशों पर लागू हुआ टैरिफ प्लान
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को भारत समेत 68 देशों पर टैरिफ दर तय कर दिए हैं. ट्रंप ने कहा है कि अगले 7 दिनों में ये टैरिफ दर लागू हो जाएंगे.
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सोशल मीडिया पर जताया था अपना गुस्सा
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर रूस-भारत के व्यापार और संबंधों पर अपना गुस्सा जताया था. उन्होंने कहा था कि रूस और भारत की अर्थव्यवस्था मर चुकी है. ट्रंप ने अपनी पोस्ट में भारत की व्यापार नीतियों को 'सबसे कठिन और अप्रिय' बताया था.
'भारत को जुर्माने की धमकी दी थी'
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भारत और रूस के मजबूत रिश्तों से झल्लाए ट्रंप ने भारत को धमकी देते हुए यह भी कहा है कि 'सब कुछ ठीक नहीं है, इसलिए भारत को 1 अगस्त से 25 प्रतिशत शुल्क और रूस से तेल खरीद को लेकर 'जुर्माना' भी देना होगा. ट्रंप ने भारत को रूस से अपने सैन्य उपकरण और ऊर्जा उत्पाद खरीदने पर भी नाराजगी जताई है.