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विमान को मिली एक धमकी से कितना नुकसान होता है जानकर दंग रह जाएंगे !
Rail Jihad के बाद अब तो लगता है देश में जहाज जिहाद शुरु हो गया है क्योंकि जिस तरह से राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को ताबड़तोड़ धमकियां मिल रही हैं, उसे देख कर तो यही लग रहा है कि देश में अब जहाज जिहाद शुरू हो गया है जिसे भारत को आर्थिक चोट दी जाए
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जिस भारतीय विमान से लोग दिल्ली से दुबई, लखनऊ से लंदन तक का सफर तय करते हैं, वो विमान भी लगता है अब सुरक्षित नहीं रहा। क्योंकि 14 अक्टूबर को मुंबई से न्यूयॉर्क जाने वाली अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट को जबसे धमकी मिली है, ये सिलसिला खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक दर्जनों फ्लाइट्स को इस तरह से बम की धमकियां मिल चुकी हैं, जिससे विमान में सफर करने वाले यात्रियों में तो खौफ है ही, मोदी सरकार भी टेंशन में आ गई है। क्योंकि धमकी देने वाला एक फोन कॉल या सोशल मीडिया पर मैसेज करके फ्लाइट में बम की धमकी दे देता है। इस एक धमकी से जहां यात्रियों की सांसें थम जाती हैं, वहीं सरकार को भी करोड़ों का नुकसान होता है।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक...
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एक धमकी और 3 करोड़ रुपये स्वाहा!
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14 अक्टूबर को एयर इंडिया की बोइंग 777 उड़ान मुंबई से न्यूयॉर्क के लिए रवाना हुई। कुछ ही देर बाद बम की धमकी मिली और विमान की दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। उड़ान के वक्त विमान का वजन करीब 340-350 टन था, जिसे लैंडिंग के वक्त 250 करना होता है। इसके लिए विमान से 100 टन तेल बाहर फेंका गया, जिसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये थी।
इतना ही नहीं, अगर विमान की इमरजेंसी लैंडिंग होती है तो सरकार को यात्रियों के साथ ही क्रू मेंबर के ठहरने की व्यवस्था करनी पड़ती है। कनेक्टिंग फ्लाइट्स छूटने पर यात्रियों को मुआवजा भी देना पड़ता है। इसके अलावा, बम की धमकी मिलने पर विमान की जांच पर भी सरकार को खर्च करने पड़ते हैं। यानि एक धमकी मिलने पर कुल मिलाकर करीब तीन करोड़ रुपये खर्च हो जाते हैं। तो जरा सोचिए, अब तक ढाई सौ से भी ज्यादा फ्लाइट्स को बम की धमकी मिल चुकी है, जिससे एविएशन सेक्टर को कितना नुकसान हुआ होगा। 24 अक्टूबर को ही एयर इंडिया की 20, इंडिगो की 20, विस्तारा की 20 और अकासा की 25 फ्लाइट्स को धमकी दी गई, जिसकी वजह से उड़ान प्रभावित रही। यही वजह है कि इन धमकियों ने मोदी सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
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23 अक्टूबर को ही आईटी मंत्रालय ने धमकियों के सिलसिले में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स, मेटा और एयरलाइन कंपनियों के साथ वर्चुअल मीटिंग की थी। इस दौरान सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों से सवाल भी किया था कि इन खतरनाक अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए आपने क्या किया है? ये जो हालात हैं, उनसे जाहिर होता है कि आप जुर्म को बढ़ावा दे रहे हैं। वहीं सिविल एविएशन मंत्री राममोहन नायडू ने इस मामले पर कहा..
लगातार मिल रही धमकियों के बीच एक्शन में आई मोदी सरकार ने चार बड़े फैसले भी लिए हैं...
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धमकियों के बीच सरकार का एक्शन
केंद्र सरकार ने 16 अक्टूबर को फ्लाइट्स में एयर मार्शलों की संख्या दोगुनी करने का फैसला किया। गृह मंत्रालय ने फर्जी धमकियों को लेकर एविएशन मिनिस्ट्री से रिपोर्ट मांगी। CISF, NIA और IB को भी रिपोर्ट देने को कहा। ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) ने 19 अक्टूबर को सभी एयरलाइंस के CEOs के साथ बैठक की। बैठक में झूठी धमकियों से निपटने पर चर्चा की गई और यात्रियों की असुविधा और एयरलाइंस के नुकसान पर भी बात हुई। केंद्र ने 19 अक्टूबर को DGCA चीफ विक्रम देव दत्त को हटा कर कोयला मंत्रालय में सचिव बनाया, जिसे धमकी के मामलों से जोड़ा गया। मुंबई पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार किया, छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव से एक नाबालिग को पकड़ा गया, दोनों ने इंडिगो फ्लाइट में बम की धमकी दी थी। केरल के कोच्चि एयरपोर्ट पर सोमवार को एक यात्री को बम की धमकी देने के आरोप में हिरासत में लिया गया था।
लगातार मिल रही धमकियों के बीच छत्तीसगढ़ बीजेपी के आधिकारिक एक्स हैंडल से लिखा गया... नए भारत में एविएशन क्षेत्र में बढ़ते विकास को देखकर देशविरोधी ताकतें फ्लाइट जिहाद को अंजाम देने में लगी हैं, लेकिन इनके मंसूबे कभी सफल नहीं हो पाएंगे।
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जिस तरह से एक के बाद एक पटरियों पर कुछ ना कुछ सामान रख कर ट्रेन पलटने की साजिश की गई थी, ऐसा लग रहा है कि उसी तरह से अब फ्लाइट्स को धमकी देकर भारत को आर्थिक चोट पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में मोदी सरकार के सामने ये एक बड़ी चुनौती बन गई है। अब देखना ये है कि अब तक रेल जिहाद से जूझ रहे देश को कथित जहाज जिहाद से मोदी सरकार कैसे बचाती है।
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