Advertisement

Loading Ad...

'चाहे जितने कपड़े फाड़ लें, लेकिन…', PM मोदी ने AI समिट में कांग्रेस के शर्टलेस प्रोटेस्ट पर किया कड़ा कटाक्ष

पीएम मोदी ने इंडिया इम्पैक्ट समिट में इंडियन यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रोटेस्ट की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने विदेशी मेहमानों के सामने अपना वैचारिक दिवालियापन दिखाया है. मोदी ने कहा कि विरोध से फर्क नहीं पड़ेगा, सरकार विकास के रास्ते पर आगे बढ़ती रहेगी.

Social Media
Loading Ad...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित 'न्यूज18 राइजिंग भारत समिट' में कांग्रेस द्वारा इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में किए गए शर्टलेस प्रोटेस्ट की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने न केवल अपने कपड़े उतारे, बल्कि विदेशी मेहमानों के सामने अपनी 'वैचारिक दिवालियापन' भी दिखा दी. पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि चाहे कांग्रेस जितने भी कपड़े फाड़ ले, उनकी पार्टी भारत के विकास के लिए लगातार काम करती रहेगी.

प्रधानमंत्री ने अपने लगभग 45 मिनट के भाषण में कांग्रेस के लगातार गिरते ग्राफ पर भी विस्तार से बात की. उन्होंने याद दिलाया कि 1984 में कांग्रेस ने 39 प्रतिशत वोट और 400 से अधिक सीटें जीती थीं, लेकिन उसके बाद से पार्टी का लगातार पतन हो रहा है. आज केवल चार राज्यों में ही कांग्रेस के 50 से ज्यादा विधायक हैं. पीएम मोदी के अनुसार, पिछले 40 वर्षों में युवा मतदाताओं की संख्या बढ़ी है, लेकिन कांग्रेस का कद लगातार छोटा होता गया है और जनता अब उसे वोट के योग्य नहीं समझती.

‘बब्बर शेर’ पर पीएम मोदी का कटाक्ष

Loading Ad...

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान पर अप्रत्यक्ष कटाक्ष किया, जिसमें उन्होंने भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को ‘बब्बर शेर’ बताया था. पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष नए संसद भवन पर स्थापित बब्बर शेरों की प्रतिमा देखकर नाखुश है, लेकिन उनके अपने बब्बर शेर आम जनता के जूतों का सामना करने के बाद भाग रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि युवा पीढ़ी ने देश की सबसे पुरानी पार्टी को सबक सिखा दिया है और अब नई पीढ़ी भी ऐसा ही करने के लिए तैयार है.

Loading Ad...

गुलामी मानसिकता और भारत की क्षमता

पीएम मोदी ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भी कुछ लोगों ने अपने निजी फायदे के लिए देश में औपनिवेशिक मानसिकता बनाए रखी. उन्होंने बताया कि सदियों की गुलामी ने देश की क्षमता में हीन भावना भर दी थी और बाहरी विचारधाराओं ने यह धारणा बना दी कि भारतीय अशिक्षित और अधीन हैं. लेकिन पिछले 11 वर्षों में देश की चेतना में ऊर्जा का संचार हुआ है. भारत अब अपनी खोई हुई क्षमता को वापस पाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है और दुनिया के सामने एक मजबूत राष्ट्र के रूप में उभर रहा है. प्रधानमंत्री ने हाल ही में विदेशी देशों के साथ हुए व्यापारिक समझौतों का भी उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि यदि भारत ने अपनी अंतर्निहित शक्ति को नहीं पहचाना होता और संस्थानों को मजबूत नहीं किया होता, तो कोई भी देश हमारे साथ व्यापारिक सौदे नहीं करता. 2014 से पहले के समय में भारत निराशा के दौर में था और 'फ्रेजाइल फाइव' में गिना जाता. लेकिन अब विकसित राष्ट्र खुद भारत के साथ व्यापारिक समझौते करने के लिए आगे आ रहे हैं क्योंकि उन्हें भारत की क्षमता पर भरोसा है.

Loading Ad...

विपक्ष की भूमिका और कांग्रेस की आलोचना

प्रधानमंत्री मोदी ने लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम केवल सरकार के हर कदम का आंख मूंदकर विरोध करना नहीं है, बल्कि एक वैकल्पिक दृष्टिकोण पेश करना होता है. पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए हमेशा महात्मा गांधी का सहारा लेती है, लेकिन कुछ भी अच्छा होने पर उसका श्रेय केवल एक परिवार को देने की कोशिश करती है. उनके अनुसार, देश की जागरूक जनता अब कांग्रेस के इस दोहरे मापदंड को समझ चुकी है और इसी कारण पार्टी को लगातार सबक मिल रहा है.

क्या है पूरा मामला?

Loading Ad...

दरअसल, 20 फरवरी को भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के कुछ कार्यकर्ताओं ने प्रवेश कर शर्टलेस प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारे लगाए. प्रदर्शनकारियों ने पीएम मोदी और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की भी आलोचना की. इस प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने IYC के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब समेत आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया. फिलहाल इस मामले में जांच जारी है. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में यह भी साफ किया कि देश का विकास और युवा पीढ़ी की ऊर्जा किसी राजनीतिक नाटकों से प्रभावित नहीं होगी. उन्होंने कहा कि भारत के युवा देश के भविष्य के लिए काम करना जानते हैं और किसी प्रदर्शन या प्रोटेस्ट से उनकी जिम्मेदारी और राष्ट्रभक्ति कम नहीं होती.

यह भी पढ़ें

बताते चलें कि प्रधानमंत्री के भाषण ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि भारत में लोकतंत्र है, लेकिन राष्ट्रहित सर्वोपरि है. विकास, व्यापार, और युवा शक्ति पर ध्यान केंद्रित करने वाली सरकार किसी भी बाहरी या आंतरिक विरोध से विचलित नहीं होगी. मोदी का यह संदेश न केवल कांग्रेस बल्कि सभी राजनीतिक दलों के लिए एक चेतावनी और देशवासियों के लिए एक प्रेरणा बन गया है.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...