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Yogi ने कहा नमाज का वक्त टाल दो... अब मौलानाओं ने देखिये क्या जवाब दिया ?
Holi और जुमे की नमाज एक साथ पड़ी तो सीएम योगी ने मुसलमानों से कहा नमाज का वक्त आगे बढ़ा दो, जिस पर यूपी के मौलाना और मुस्लिम नेताओं ने सुनिये क्या जवाब दिया !
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उत्तर प्रदेश में एक बार फिर जुमे की नमाज और होली को लेकर बवाल छिड़ गया है।क्योंकि 14 मार्च को शुक्रवार के दिन एक तरफ जहां होली के जश्न में डूबे हिंदुओं की टोली होगी। तो वहीं दूसरी तरफ जुमे की नमाज पढ़ने वाले मुसलमानों की टोली होगी। जिन्हें कपड़े पर रंग के छीटे पड़ना भी पसंद नहीं है ।यही वजह है कि योगी सरकार ने पहले ही मुस्लिम समाज को संदेश दे दिया कि होली के दिन या तो नमाज घर पर पढ़ो या फिर नमाज का वक्त बढ़ा दो। जिस पर मौलानाओं ने जो जवाब दिया उसे सुनकर आप भी दंग रह जाएंगे।
दरअसल साल 2018 के बाद एक बार फिर हिंदुओं की होली और मुस्लिमों की जुमे की नमाज एक साथ पड़ गई। जिस पर योगी सरकार तर्क देने लगी कि होली तो साल में एक बार आती है और जुमे की नमाज तो साल में 52 दिन आता है। इसलिये नमाज का वक्त बढ़ा देना चाहिए। यहां तक कि सीएम योगी ने खुद एक इंटरव्यू में ये बात कही कि। "होली साल में एक बार पड़ती है और जुमे की नमाज तो हर सप्ताह पड़नी है, स्थगित भी हो सकती है कोई बाध्यकारी तो है नहीं कि होना ही होना है लेकिन कोई अगर कोई व्यक्ति पढ़ना ही चाहता है तो अपने घर में पढ़ सकता है जरूरी नहीं कि मस्जिद ही जाएं और अगर जाना है तो रंग से परहेज ना करें "
सीएम योगी ने जैसे ही मुसलमानों को होली के दिन नमाज घर पर पढ़ने या इसका वक्त बढ़ाने की सलाह दी। यूपी के मौलाना भी उनके समर्थन में उतर आए और यूपी के कोने-कोने से नमाज का वक्त बढ़ाने की अपील आने लगी।
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने भी सौहार्द का हवाला देते हुए मुसलमानों से अपील करते हुए कहा कि जुमे की नमाज को अगर हम थोड़ी देर के लिए आगे बढ़ा दें तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। ये एक बेहतरीन रास्ता है।
कुछ ही दिनों पहले क्रिकेटर मोहम्मद शमी के खिलाफ बयान देकर सुर्खियां बंटोरने वाले मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी भी इस मामले में योगी सरकार के साथ खड़े नजर आए और मुसलमानों से नमाज का वक्त बढ़ाने की अपील की।
बात यहीं खत्म नहीं होती। जिन मुसलमानों को लगता है कि सफेद कुर्ते पर रंग के छीटे पड़ने से उनका कपड़ा नापाक हो जाएगा। ऐसी सोच वाले मुसलमानों को भी मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने नसीहत देते हुए कहा कि रंग का ना तो कोई मजहब होता है ना ही उसका कोई दीन होता है। इसलिये कपड़े पर रंग पड़ने से वो कपड़ा नापाक नहीं होता।
मौलाना तो मौलाना सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी मुसलमानों से होली के बाद ही नमाज अदा करने की अपील की। जिससे सामाजिक सौहार्द बना रहे।
होली अभी 14 मार्च को है। और होली से पहले ही जिस तरह से मौलाना से लेकर मुस्लिम नेता तक। लगातार अपने समाज के लोगों से नमाज टालने की अपील कर रहे हैं।इसी बात से समझ सकते हैं कि जब सत्ता योगी जैसा सख्त फैसला लेने वाला मुख्यमंत्री होता है तो उसका क्या असर होता है। नहीं तो इसी यूपी ने वो दौर भी देखा है जब जुमे की नमाज और होली एक साथ पड़ने पर होली मनाने के वक्त में ही कटौती कर दी जाती थी।यकीन नहीं तो सीएम योगी का ये बयान सुन लीजिये। कैसे साल 2018 में सीएम योगी को यूपी के पुलिस प्रशासन ने होली के समय में ही कटौती करने की उन्हें सलाह दी थी। वो तो भला हो सत्ता में योगी थे जिन्होंने मुसलमानों को ही नमाज का वक्त आगे बढ़ाने का आदेश दे दिया था।
सीएम योगी की अपील पर मुसलमानों ने उस दौर में भी नमाज का वक्त बढ़ा दिया था। जिसके बाद खुद सीएम योगी ने ऐसे मौलानाओं को मंच से ही धन्यवाद दिया था।और अब एक बार फिर जब होली और जुमे की नमाज एक साथ पड़ी तो मौलानाओं ने नमाज का वक्त आगे बढ़ाना शुरू कर दिया।इसी बात से समझ सकते हैं कि जब सत्ता में योगी जैसा कड़क मिजाज वाला मुख्यमंत्री बैठता है तो उसका क्या असर होता है। बहरहाल मौलानाओं ने जिस तरह से नमाज का वक्त आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है।
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