Advertisement

Loading Ad...

योगी सरकार की पहल, वंचित समुदायों की आत्मनिर्भरता से ‘उत्तम प्रदेश’ की ओर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट मानना है कि उत्तर प्रदेश तभी 'उत्तम प्रदेश' बनेगा, जब राज्य का सबसे कमजोर व्यक्ति सशक्त होगा. इसी सोच के तहत इन विशिष्ट समूहों को स्टार्ट-अप फंड, रिवॉल्विंग फंड और कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड के जरिए भी आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है.

Loading Ad...

उत्तर प्रदेश के वंचित समुदाय जिन्हें कल तक बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ता था, लेकिन आज वही मुसहर, वनटांगिया, बावरिया और बुक्सा समुदाय की महिलाएं और पुरुष 'आत्मनिर्भर' बनकर विकास की नई कहानी लिख रहे हैं. 

उत्तर प्रदेश में जिलों से लेकर सुदूर जंगलों तक योगी सरकार की मुहिम ने इन परिवारों को न केवल सरकारी योजनाओं से जोड़ा, बल्कि उन्हें समाज में एक नई पहचान और सम्मान भी दिलाया है.

आर्थिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव

Loading Ad...

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट मानना है कि उत्तर प्रदेश तभी 'उत्तम प्रदेश' बनेगा, जब राज्य का सबसे कमजोर व्यक्ति सशक्त होगा. इसी सोच के तहत इन विशिष्ट समूहों को स्टार्ट-अप फंड, रिवॉल्विंग फंड और कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड के जरिए भी आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है. इससे वे साहूकारों के चंगुल से मुक्त होकर खुद का व्यवसाय कर रहे हैं. सीएम योगी के निर्देश हैं कि वंचित समुदायों के दरवाजे तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए.

Loading Ad...

मुसहर समुदाय: दशकों का अभाव अब अतीत

कभी समाज की मुख्यधारा से पूरी तरह कटे हुए मुसहर समुदाय के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अभूतपूर्व कदम उठाए गए हैं. प्रदेश की 2843 ग्राम पंचायतों में इस समुदाय को संगठित किया गया है. यहां 1896 विशिष्ट मुसहर समूहों का गठन किया गया है. स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से इन परिवारों को सीधे स्वरोजगार और सरकारी अनुदान से जोड़ा गया है, जिससे दशकों से चला आ रहा पलायन और गरीबी का चक्र टूटा है.

Loading Ad...

वनटांगिया समुदाय: अधिकारों से आत्मनिर्भरता तक

आजादी के बाद भी लंबे समय तक बुनियादी अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले वनटांगिया समुदाय के 496 समूहों का गठन किया गया है. इन्हें न केवल राजस्व ग्राम का अधिकार मिला, बल्कि अब ये समूह आर्थिक रूप से सक्षम हो रहे हैं. इसी प्रकार, बुक्सा जनजाति के 548 सदस्यों को भी समूहों में जोड़कर उनके पारंपरिक कौशल को आधुनिक बाजार से जोड़ा गया है, जिससे उनकी आजीविका में बड़ा उछाल आया है.

बुक्सा जनजाति: परंपरा से बाजार तक

Loading Ad...

यह भी पढ़ें

घुमंतू और उपेक्षित रहे बावरिया समुदाय के 2346 परिवारों को पहली बार सरकार ने संगठित कर उन्हें 'सुरक्षा कवच' प्रदान किया है. इन परिवारों को चिन्हित कर आवास, आयुष्मान कार्ड, राशन और पेंशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का सीधा लाभ दिलाया जा रहा है. सरकार का मुख्य उद्देश्य इन्हें स्थायी रूप से बसाकर समाज की गौरवशाली पहचान दिलाना है.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...