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वक्फ बिल को संसद से हरी झंडी मिलते योगी सरकार का बड़ा एक्शन, जप्त होंगी यें संपत्तियां

उत्तर प्रदेश के मुख्य योगी आदित्यनाथ की सरकार फुल एक्शन मोड में आ गई है। प्रदेश सरकार की नजर अब वक्फ की उन संपत्तियों पर जिसका रिकॉर्ड रेवेन्यू में दर्ज नहीं है।

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वक्फ संशोधन बिल लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी पूर्ण बहुमत के साथ आज हो गया है। अब राष्ट्रपति के दस्तखत के बाद ये कानून के रूप ले लेगा। इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्य योगी आदित्यनाथ की सरकार फुल एक्शन मोड में आ गई है। प्रदेश सरकार की नजर अब वक्फ की उन संपत्तियों पर जिसका रिकॉर्ड रेवेन्यू में दर्ज नहीं है। इसको लेकर प्रदेश सरकार ने सभी जिलाधिकारी को सख़्त निर्देश दिया है कि वह अभियान चलाकर अपने जिले में ऐसी संपत्तियों की पहचान करें जो वक्फ की है। जिसे नियमों को नजरअंदाज करके वक्फ घोषित किया है। ऐसी संपत्तियों को प्रशासन कार्रवाई करते हुए जप्त करें। 


हकीकत और आंकड़े में फर्क

अगर उत्तर प्रदेश की बात करें तो यूपी में वक्फ बोर्ड की तरफ से जिन संपत्तियों पर दवा करके उसे वक्फ घोषित किया गया है। उनमें से ज्यादातर का कोई सरकारी रिकॉर्ड नहीं है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रेवेन्यू रिकॉर्ड के अनुसार सुन्नी वक्फ बोर्ड कि सिर्फ 2500 संपत्तियां हैं जो सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है। इसी तरह शिया वक्फ बोर्ड की कुल 450 संपत्ति सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है। लेकिन वक्फ के दावे कुछ और कहते नजर आ रहे है। इस प्रकार सुन्नी वक्फ बोर्ड के पास 1,24,355 और शिया वक्फ बोर्ड के पास 7,785 संपत्तियां है। यही अंतर बता रहा है कि इन दोनों बोर्ड ने कितनी बड़ी गड़बड़ी की है। इन संपत्तियों में ग्राम समाज, बड़े -बड़े तालाब जैसी बड़ी जमीनों को वक्फ घोष किया। अब इन्हीं संपत्तियों की जांच कर सरकार अपना शिकंजा कसेगी। प्रदेश सरकार ने सभी जिलों को जिलाधिकारी को यह निर्देश दिया है कि केवल उन संपत्तियों को ही वक्फ की संपत्ति माना जाएगा जो साफतौर पर दान की गई हो। इस लिहाज से योगी सरकार ने अब अपना रुख साफ कर दिया है कि संपत्तियों की जप्त करने की कार्रवाई के साथ दोषियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। 


CM योगी ने मंच से किया था ऐलान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को प्रयागराज के दौरे पर थे, इस दौरान उन्होंने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि वक्फ के नाम पर प्रदेश में कई जगहों पर जमीनों पर कब्जा करने का प्रयास हुआ। मुख्यमंत्री ने महाकुंभ का जिक्र करते हुए कहा कि महाकुंभ के समय भी वक्फ बोर्ड मनमाने ढंग से दावा कर रहा था कि कुंभ जिस जमीन पर हो रहा है वह वक्फ की जमीन है। सीएम योगी ने चेतावनी देते हुए साफ कर दिया था कि वक्फ के नाम पर भू माफियाओं को नहीं पनपने दिया जाएगा।
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