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राम नगरी को Yogi ने दी बड़ी सौगात, अब बड़े शहरों से जुड़ेगी Ayodhya

लोकसभा चुनाव में मिली हार के बावजूद अयोध्या को नहीं भूले सीएम योगी, आज भी राम नगरी को देते हैं सौगत, अब 20 इलेक्ट्रिक बसों से यूपी के बड़े शहरों को जोड़ेगी योगी सरकार

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जी, प्रभु राम की नगरी Ayodhya धाम में जब से राम लला मंदिर में विराजमान हुए हैं और करीब 550 वर्षो का जो इंतज़ार ख़त्म हुआ है। उसके बाद अयोध्या धाम में हर रोज़ लाखों भक्तों का हुजूम टूट पड़ा है। 22 जनवरी यानि प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही अब तक करोड़ो भक्तों ने दर्शन किए हैं ।ऐसे में यूपी के मुखिया योगी आदित्यनाथ राम भक्तों की सुविधाओ में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे। बताते चले कि पूरे अयोध्या में 32000 करोड़ के कई सौ प्रोजेक्ट चल रहे हैं। जिनमें पूरी अयोध्या को सुख सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। अयोध्या जहां राम मंदिर उद्घाटन को लेकर चर्चा में थी।तो वहीं जून महीने में हुए लोकसभा चुनाव में मिली हार पर भी अयोध्या धाम की चर्चा सबसे ज्यादा रही। अयोध्यावासियों को देश के लोगों ने काफी भला बुरा कहा। रिजल्ट आए करीब 3 महीने से ज्यादा का वक्त हो चुका है। ऐसे में हार का गम भुलाते हुए और हार के ज़ख्म पर मलहम लगाते हुए। एक बार फिर से पवन धाम अयोध्या में भीड़ देश के अलग-अलग कोने से लगातार आ रही है।जिसको ध्यान में रखते हुए योगी सरकार श्रद्धालुओं को लगातार कई सुविधाएं प्रदान कर रही है।


हार के बाद भी योगी आदित्यनाथ करीब 3 से 4 बार अयोध्या आ चुके हैं। अयोध्या दिन-ब-दिन चमक दमक रही है। इस बीच आपको बताते चलें कि यूपी के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने यूपी के कई बड़े शहरों के लोगों को एक बड़ी सौगात दी है। और इन शहरों से अब हर रोज हजारों यात्री राम लला के दरबार दर्शन करने आसानी से पहुंच सकेंगे। खबरों के मुताबिक योगी आदित्यनाथ ने यूपी के कई बड़े शहरों से 20 इलेक्ट्रिक एसी बसों के संचालन का फैसला किया है ।इससे पहले भी योगी आदित्यनाथ ने कई सौ इलेक्ट्रिक एसी बसों की सौगात अयोध्या वासियों को दी है। लेकिन अयोध्या धाम में किसी दूसरे शहर से इलेक्ट्रिक बस अब तक नहीं चल रही थी।लेकिन सीएम योगी ने 20 इलेक्ट्रिक एसी बसों के संचालन का फैसला लिया है और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का हर बीड़ा खुद से उठाया है। ये सभी बस खास सुख सुविधाओं से लैस होगी। खबरों के मुताबिक ये बसें अयोध्या,बस्ती, अंबेडकर नगर, वाराणसी , लखनऊ , गोंडा और बाराबंकी से संचालित होगी। जानकारी के मुताबिक इन सभी शहरों की अयोध्या से दूरी करीब 200 से 250 सौ किलोमीटर के बीच है। और इन सभी शहरों को धार्मिक स्थलों से जोड़ने का फैसला किया गया है।महाकुंभ मेलें में भी अयोध्या से इसी प्रकार की कई बसों के संचालन की उम्मीद हैं।

दरअसल, योगी आदित्यनाथ ने इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की जो शुरुआत की है। उसका मकसद सिर्फ यही है। कि इलेक्ट्रिक बसों से संचालन से स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन को बल मिलेगा। साथ ही इससे सड़क परिवहन में परिवहन में जैविक ईंधन उक्त वाहनों के चलने से वायु प्रदूषण में कमी आएगी। वातानुकूलित बस होने पर तीर्थ यात्रियों को प्रतिकूल मौसम मे भी तीर्थाटन करने मे सुविधा मिलेगी। इस परियोजना के अंतर्गत अयोध्या शहर में स्वच्छ ऊर्जा आधारित सार्वजनिक परिवहन विभाग के कार्यबल में भी विस्तार किया जाएगा।

फिलहाल इन सभी बसों का संचालन किस तारीख से शुरू होगी। इस पर अभी परिवहन विभाग से कोई भी जानकारी नहीं मिली है। बता दें कि केंद्र सरकार ने अयोध्या को साल 2047 तक यूपी के कई महानगरों की तरह सबसे हाईटेक और आर्थिक वाला शहर बनाने का एक बड़ा प्लान तैयार किया है। योगी आदित्यनाथ ने लोकसभा चुनाव में हार के बाद भी अयोध्या को डेवलप करने में कोई कमी नहीं छोड़ी है ।दिवाली से पहले योगी ने अयोध्या के सभी अधिकारियों को दीपोत्सव की तैयारी के आदेश दे दिए हैं। इस बार अयोध्या करीब 25 लाख दियों से जगमग होगी। और फिर से एक नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है।
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