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योगी आदित्यनाथ को यहां तक पहुंचने में लगा कड़ा संघर्ष, बीजेपी नेता का बयान

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार को 24 मार्च 2025 को 8 साल पूरे हो गए हैं, इन 8 सालों में यूपी ने विकास का नया मॉडल देखा, इन 8 सालों में सीएम योगी को बहुत प्यार मिला, लेकिन योगी आदित्यनाथ को जो प्यार आज मिल रहा है उसकी शुरुआत होती है 90 के दशक में, विस्तार से जानिए पूरी कहानी

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योगी आदित्यनाथ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, गोरक्षपीठ के महंत, जिनके बारे में आज कहा जा रहा है कि वो आने वाले वक़्त में भारत का भविष्य होंगे, यूपी से लेकर देश के तमाम हिस्सों में ये बात हो रही है, कोई योगी को शेर बता रहा तो कोई उन्हें दिल्ली जाने का रास्ता दिखा रहा, हालांकि ये जनता के दिल की बात है, बीजेपी क्या तय करेगी भविष्य के लिए वो उनकी कोर टीम ही जाने, लेकिन लोगों के दिलों पर योगी पिछले कई सालों से राज करना शुरु कर चुके हैं, उनके संघर्ष को लोग याद कर रहें हैं, बीजेपी के तमाम नेता भी सीएम योगी के गोरखपुर में मठ में जिम्मेदारी संभालने से लेकर यूपी की सत्ता सँभालने तक के संघर्ष की सराहना कर रहें हैं। 

झारखंड में बीजेपी के प्रवक्ता और नेता मृत्युंजय शर्मा ने कुछ महीने पहले पॉडकास्ट में ये बातें मेरे साथ साझा कि और सीएम योगी के संघर्ष की सराहना करते हुए उनकी तारीफ़ की, लेकिन योगी आदित्यनाथ को जो प्यार आज मिल रहा है उसकी शुरुआत होती है 90 के दशक में, 1993 के अंत में योगी जिनका तब नाम अजय सिंह बिष्ट था वो गोरखपुर पहुंचते और महंत अवैद्यनाथ के शरण में चले गए और दीक्षा ले ली, 1994 में संन्यासी बन गए, नया नाम योगी आदित्यनाथ हो गया, अब यहाँ से बारी थी राजनीति में कदम रखने की, 1998 में 26 साल की उम्र में योगी आदित्यनाथ चुनावी मैदान में कूद पड़े और कमाल करते हुए पहली बार में ही जीत हासिल करके लोकसभा पहुंच गए, फिर देश ने देखा पहली बार युवा योगी आदित्यनाथ का तेज़।संस्कृत वाली शपथ सुनानी है।


फिर तो ये कारवां निकल पड़ा योगी हर दिन के साथ मज़बूत होते गए, योगी आदित्याथ ने हिंदुत्व की खुलकर बात की, उनकी छवि फायर ब्रांड हो गई, यही वजह रही कि लगातार 5 बार सांसद बनकर दिल्ली पहुंचते रहे और संसद भवन में भी हिंदुत्व का परचम लहराते रहे

लेकिन फिर आया साल 2014, केंद्र में बीजेपी आ गई नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बन गए, पीएम मोदी की पहली कैबिनेट बनी तो योगी आदित्यनाथ का नाम शामिल नहीं था, राजनीतिक गलियारों में तमाम चर्चाएं होने लगी, योगी को साइडलाइन किए जाने की बात होने लगी, लेकिन फिर तीन साल बाद ही पूरी तस्वीर पलट गई, 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश की ज़िम्मेदारी मिली यानि वो मुख्यमंत्री बना दिए गए, एक बड़े प्रदेश की कमान संभालना बड़ी ज़िम्मेदारी थी, फिर क्या था यूपी में गुंडे, माफियाओं की गर्मी शांत की जाने लगी, अपराधियों का एनकाउंटर होने लगा, योगी एक सशक्त सीएम बनकर उभरे जिसका नतीजा ये हुआ कि, 2022 में यूपी की जनता ने फिर से उन्हें ही चुन लिया, इस जीत ने योगी आदित्यनाथ का क़द और बढ़ा दिया है और पिछले 8 साल में सीएम योगी ने प्रदेश की तस्वीर बदल कर रख दी।

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार को 24 मार्च 2025 को 8 साल पूरे हो गए हैं, इन 8 सालों में यूपी ने विकास का नया मॉडल देखा, आध्यात्म का संगम देखा, क़ानून व्यवस्था को सुधरते देखा, किसानों के लिए काम होते हुए देखा, गुंडे, माफियाओं, अपराधियों का एनकाउंटर होते देखा, दंगाईयों पर बुलडोज़र चलते हुए देखा, जो ये बताने के लिए काफ़ी है कि योगी भले ही सांसद से सीएम बन गए हों लेकिन उनके काम करने का स्टाइल पहले जैसा ही है, इसीलिए जनता, नेता उनकी तारीफ़ कर रहें हैं, उन्हें संघर्षों की सराहना कर रहें हैं और उनमें भारत का भविष्य देख रहें हैं, बहरहाल जिस तरह से बीजेपी नेता मृत्युंजय शर्मा ने सीएम योगी को लेकर बातें कहीं उसपर आपकी क्या राय है कमेंट में जरुर बताएं और पूरा पॉडकास्ट देखने के लिए Comment सेक्शन में जाकर पिन किए हुए लिंक पर क्लिक करें और सरकार के 8 साल पूरे होने पर सीएम योगी ने क्या कहा वो भी सुनिए।

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