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दिल्ली में नारी शक्ति ने बनाया इतिहास, नेता सदन और नेता प्रतिपक्ष दोनों महिला

दिल्ली की कमान रेखा गुप्ता के हाथ में है। वो सदन का नेतृत्व करते हुए सरकार का कामकाज की जानकारी देंगी वही दूसरी ओरदिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आप नेता आतिशी सदन में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में है। जिन्हें एक दिन पहले रविवार को आम आदमी पार्टी के विधायक दल की बैठक में नेता विपक्ष चुना गया है।

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दिल्ली की राजनीति में सोमवार को विधानसभा के तीन दिवसीय सत्र की शुरुआत के साथ एक नया अध्याय जुड़ गया है। विधानसभा में यह पहल मौका है जब सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की कमान महिला के हाथ में होगी। सदन में सरकार का नेतृत्व मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता करेंगी, वही दूसरी तरफ विपक्ष का नेतृत्व दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आप की नेता आतिशी करेंगी। 


कैसी है सदन की स्थिति ?

दरअसल, दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद आज पहला मौका है जब सदन चल रहा है। इस सदन में पिछले दस सालों में आम आदमी पार्टी की संख्या सबसे अधिक और विपक्ष की संख्या इतनी कम थी कि उंगलियों पर गिन लिया जाए। लेकिन अब स्थिति पूरी विपरीत है। इस बार बीजेपी के 48 तो आम आदमी पार्टी के 22 विधायक ही सदन के अंदर मौजूद है। इस बार सत्ता में बीजेपी तो विपक्ष में आम आदमी पार्टी है। विधानसभा चुनाव परिणाम के 12 दिन बाद बीजेपी के विधायक दल की बैठक में नेता चुने जाने के बाद अब दिल्ली की कमान रेखा गुप्ता के हाथ में है। वो सदन का नेतृत्व करते हुए सरकार का कामकाज की जानकारी देंगी वही दूसरी ओरदिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आप नेता आतिशी सदन में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में है। जिन्हें एक दिन पहले रविवार को आम आदमी पार्टी के विधायक दल की बैठक में नेता विपक्ष चुना गया है। 


किसे कितना अनुभव ?

सदन की कारवाई काफी रोचक हो सकती है। वही क़यास यह भी लगाए जा रहे है कि सदन के अंदर सत्ता पक्ष बनाम विपक्ष के बीच हंगामा भी हो सकता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के पास लंबा राजनीतिक अनुभव तो है लेकिन बतौर मुख्यमंत्री या फिर यह कह लीजिए की बतौर विधायक यह उनका पहला अनुभव होगा लिहाज़ा उन्हें कार्य प्रणाली समझने में थोड़ा वक़्त लग सकता है। वही दूसरी तरफ़ नेता प्रतिपक्ष आतिशी के पास विधायक, मंत्री और मुख्यमंत्री का दायित्व संभालने का बेहतर अनुभव है। ऐसे में सत्ता पक्ष ख़ासतौर से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को सदन में आतिशी से कड़ी चुनौती मिल सकती है। 


बताते चले की राजधानी में नई सरकार के गठन के बाद पहला विधानसभा सत्र सोमवार को शुरू हुआ है। जो  27 फरवरी तक चलेगा। इससे पहले 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन अवकाश रहेगा। इस सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों दलों के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने वाले विधायक सदन के भीतर विधानसभा के सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। 
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