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रात हो या दिन, सुरक्षित और बेखौफ होंगी UP की महिलाएं, योगी सरकार की सेफ सिटी योजना तैयार
UP Safe City Yojana: सरकार का मानना है कि जब तक शहर पूरी तरह सुरक्षित नहीं होंगे, तब तक महिलाओं को सही मायनों में आजादी महसूस नहीं होगी. सेफ सिटी योजना के लागू होने से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे बिना डर के घर से बाहर निकल सकेंगी.
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UP WOmen Safe City Yojana: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश की महिलाओं को और ज्यादा सुरक्षित माहौल देने की दिशा में एक बड़ा और अहम कदम उठाने जा रही है. अब सिर्फ बड़े शहर ही नहीं, बल्कि प्रदेश के छोटे शहरों पर भी खास ध्यान दिया जाएगा. सरकार ने फैसला किया है कि प्रदेश की सभी 200 नगर पालिका परिषदों को “सेफ सिटी” के रूप में विकसित किया जाएगा. इसका सीधा मतलब है कि इन शहरों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए जरूरी सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि महिलाएं बिना डर के बाहर आ-जा सकें और अपने रोजमर्रा के काम आसानी से कर सकें.
सीसीटीवी कैमरे और पिंक शौचालय की व्यवस्था
महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए शहरों में जरूरत के हिसाब से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. ये कैमरे बाजार, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, स्कूल-कॉलेज के आसपास, भीड़भाड़ वाले इलाकों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर लगाए जाएंगे. इन कैमरों को कमांड कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा, जिससे हर समय निगरानी रखी जा सके. इसके साथ ही महिलाओं के लिए पिंक शौचालय भी बनाए जाएंगे, ताकि बाहर निकलने पर उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो और वे खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें.
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स्ट्रीट लाइट और हाईमास्ट लाइट से रोशन होंगे शहर
अक्सर देखा जाता है कि रात के समय अंधेरे की वजह से महिलाओं को असुरक्षा महसूस होती है. इसी को ध्यान में रखते हुए सभी प्रमुख सड़कों, चौराहों और संवेदनशील इलाकों में स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी. जहां जरूरत होगी, वहां हाईमास्ट लाइट भी लगाई जाएंगी, जिससे दूर-दूर तक रोशनी फैले। इससे न सिर्फ महिलाओं की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि शहर में रहने वाले सभी लोगों को फायदा होगा.
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पहले भी हो चुका है काम, अब होगा विस्तार
सरकार पहले ही स्मार्ट सिटी योजना के तहत नगर निगम वाले शहरों को सेफ सिटी के रूप में विकसित कर चुकी है. इसके बाद दूसरे चरण में मंडल मुख्यालय वाले 58 नगर पालिका परिषदों में यह काम किया गया. अब सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की सभी 200 नगर पालिका परिषदों को इस योजना में शामिल किया जाए. नगर विकास विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में इस पर सहमति बन चुकी है और इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं.
बजट की व्यवस्था और आगे की योजना
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इस योजना को सफल बनाने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा रहा है. अगर आगे चलकर जरूरत पड़ी तो इस बजट को और बढ़ाया भी जाएगा. बजट पास होने के बाद सबसे पहले सर्वे कराया जाएगा. इस सर्वे में यह तय किया जाएगा कि कहां-कहां सीसीटीवी कैमरे, पिंक शौचालय और लाइटें लगाई जानी हैं. इसके बाद संबंधित नगर पालिका परिषदों से प्रस्ताव लिए जाएंगे और काम शुरू किया जाएगा.
महिलाओं को मिलेगा भरोसेमंद और सुरक्षित माहौल
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सरकार का मानना है कि जब तक शहर पूरी तरह सुरक्षित नहीं होंगे, तब तक महिलाओं को सही मायनों में आजादी महसूस नहीं होगी. सेफ सिटी योजना के लागू होने से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे बिना डर के घर से बाहर निकल सकेंगी. यह योजना प्रदेश के छोटे शहरों में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को एक नई मजबूती देने का काम करेगी.