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योगी सरकार की बड़ी पहल से महिलाएं बनीं बिजनेस वुमन, इस योजना से दे रही हैं रोजगार
CM Yogi: राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन बताती हैं कि योगी आदित्यनाथ सरकार की योजनाओं के कारण लोग अपने व्यवसाय शुरू कर खुद और दूसरों की जिंदगी भी बेहतर बना पा रहे हैं.
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CM Yogi Yojana: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से अब गांव-गांव की महिलाएं स्वरोजगार की ओर बढ़ रही हैं. भदोही जिले के जगदीपुर गांव की 29 साल की रेखा देवी इसका सबसे अच्छा उदाहरण हैं. पहले वह सिलाई करके अपने घर की मदद करती थीं, लेकिन अब उन्होंने “प्रियल” नाम से अपना डिटर्जेंट पाउडर बनाना शुरू किया है. इस काम से न सिर्फ उनकी खुद की आमदनी बढ़ी है, बल्कि गांव की कई महिलाओं को रोजगार भी मिल रहा है. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन बताती हैं कि योगी आदित्यनाथ सरकार की योजनाओं के कारण लोग अपने व्यवसाय शुरू कर खुद और दूसरों की जिंदगी भी बेहतर बना पा रहे हैं.
साधारण परिवार से सफलता की ओर
रेखा देवी बी.ए. तक पढ़ी हैं और साधारण परिवार से आती हैं. उनके पति बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते हैं और उनके तीन छोटे बच्चे हैं. बढ़ते खर्च और जिम्मेदारियों को देखते हुए रेखा ने ठाना कि परिवार की आय बढ़ाने के लिए कुछ बड़ा करना होगा. स्वयं सहायता समूह ‘जय हनुमान SHG’ से जुड़ने के बाद उन्हें ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (R-SETI) और परियोजना टीम से जानकारी मिली कि डिटर्जेंट पाउडर बनाना एक अच्छा व्यवसाय हो सकता है. इसके लिए योगी सरकार ने पूरी मदद की. सामुदायिक बैठकों और वर्कशॉप में रेखा ने अपनी योजना प्रस्तुत की. मूल्यांकन के बाद परियोजना टीम ने उन्हें "रंग दे एमएफआई" योजना के तहत 80,000 रुपये का ऋण दिया. रेखा ने खुद से 20,000 रुपये और जोड़कर मशीनें खरीदीं, कच्चा माल लिया और पैकेजिंग के साथ “प्रियल” ब्रांड की शुरुआत की. एक साल में ही उनकी आय 4,000 रुपये से बढ़कर 10,000 रुपये प्रति माह हो गई.
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परिवार और गांव पर असर
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रेखा देवी ने सिर्फ अपने घर की आर्थिक स्थिति ही नहीं सुधारी, बल्कि अपने परिवार के हर सदस्य को इस काम में शामिल किया. अब वह ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से भुगतान लेती हैं और वित्तीय लेन-देन खुद संभालती हैं साथ ही सिलाई से भी अतिरिक्त आमदनी हो रही है. उनके बच्चों की पढ़ाई भी बेहतर हुई है. अब तीनों बच्चे अच्छे स्कूलों में पढ़ रहे हैं. गांव की अन्य महिलाएं कहती हैं कि रेखा ने साबित कर दिया कि सही मार्गदर्शन, वित्तीय मदद और मेहनत मिल जाए तो महिलाएं अपने पैरों पर मजबूती से खड़ी हो सकती हैं.
हर घर में आत्मनिर्भरता की नई रोशनी
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भविष्य को लेकर रेखा देवी का उत्साह और बढ़ गया है. वह कहती हैं कि अगर सरकार का सहयोग इसी तरह मिलता रहा तो वह डिटर्जेंट के साथ टॉयलेट क्लीनर और अन्य उत्पाद भी बनाना शुरू करेंगी. रेखा चाहती हैं कि और महिलाएं उनके साथ जुड़ें और अपना जीवन बदलें. उनकी कहानी यह दिखाती है कि योगी सरकार की महिला सशक्तिकरण योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गांवों में नई संभावनाएं और आत्मनिर्भरता की रोशनी जगा रही हैं.