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क्या Gujarat में Modi को हरा देंगे Rahul Gandhi, दिग्गज पत्रकार ने Congress की हैसियत बताई

Rahul Gandhi ने सबसे पहले देश की संसद में हुंकार भरी हम गुजरात में बीजेपी को हराने जा रहे हैं, फिर कुछ ही दिनों बाद मोदी के गढ़ गुजरात में जाकर हुंकार भरी।जैसे हमने अयोध्या में बीजेपी को हराया उसी तरह से हम गुजरात में बीजेपी को हराएंगे, राहुल के इस दावे में कितना दम है देश की वरिष्ठ पत्रकार ने बता दिया

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जिस गुजरात में कांग्रेस को सत्ता में आए 34 साल गुजर गये, जिस गुजरात में आज भी मोदी का भौकाल नजर आता है।जिस गुजरात में कांग्रेस 17 सीटों पर सिमट गई, उस गुजरात में राहुल गांधी बीजेपी को हराने का दम भर रहे हैं। इसीलिये सबसे पहले देश की संसद में हुंकार भरी हम गुजरात में बीजेपी को हराने जा रहे हैं।फिर कुछ ही दिनों बाद मोदी के गढ़ गुजरात में जाकर हुंकार भरी, जैसे हमने अयोध्या में बीजेपी को हराया उसी तरह से हम गुजरात में बीजेपी को हराएंगे।

तमाम विपक्षी पार्टियों के साथ गठबंधन करने वाली कांग्रेस पहली बार मोदी सरकार को बहुमत के आंकड़े से नीचे क्या लेकर आ गई, उसे लगता है कि अब मोदी के गढ़ गुजरात में भी बीजेपी को हरा देंगे। इसीलिये नए नए नेता विपक्ष बने राहुल गांधी बड़े ही आत्मविश्वास के साथ हुंकार भर रहे हैं कि हम गुजरात में बीजेपी को हरा देंगे।लेकिन लगता नहीं है कि बीजेपी को गुजरात में हराना इतना भी आसान है। जितनी आसानी से राहुल गांधी बीजेपी को हराने की बात कर रहे हैं, क्योंकि अभी कुछ ही साल पहले 2022 में जब गुजरात में विधानसभा चुनाव हुआ था तो, उस चुनाव में बीजेपी ने 182 में से 156 सीटें लाकर प्रचंड बहुमत के साथ जीत हासिल की थी। तो वहीं पूरी कांग्रेस महज 17 सीटों पर सिमट गई थी।ये नतीजे सबूत है कि मोदी को गुजरात छोड़े भले ही दस साल हो गये हों लेकिन गुजरात ने आज भी मोदी पर ही भरोसा करना नहीं छोड़ा है.। लेकिन इसके बावजूद राहुल गांधी कह रहे हैं लिख के ले लो हम गुजरात में बीजेपी को हराने जा रहे हैं।

गुजरात जीतने का दावा कर रहे राहुल गांधी क्या वाकई बीजेपी को हरा देंगे। क्या 34 साल बाद कांग्रेस गुजरात में जीत का झंडा लहरा पाएगी,इन सवालों का जवाब दिया है जानी मानी पत्रकार शीला भट्ट ने।जिन्होंने न्यूज तक से बात करते हुए बताया कि-

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देश के अंदर गुजरात बहुत अलग राज्य है और राहुल गांधी ने इसको लेकर ये बात चालाकी से कही है लेकिन उन्हें ये नहीं पता कि गुजरात की जनता को अभी भी लगता है कि प्रधानमंत्री ही गुजरात को चला रहे हैं, प्राइम मिनिस्टर ही गुजरात के चीफ मिनिस्टर हैं, जब तक मोदी दिल्ली की कुर्सी पर हैं गुजरात को हिला पाना बहुत कठिन है, वहां की जनता यही मानती है कि हमारा पीएम ही हमारा सीएम है, वहां पर सिर्फ संवैधानिक तौर पर मुख्यमंत्री बने हैं लेकिन जनता के मन में अभी भी मोदी ही हैं, ऐसा एक साल या दो साल से नहीं पिछले 10 साल से हो रहा है, मोदी की वजह से वोट मिलते रहे हैं और आगे भी मिलते रहेंगे ।

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नरेंद्र मोदी पहली बार साल 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे और सत्ता संभालने के बाद उन्होंने गुजरात को इतना बदल दिया कि। पूरे देश में गुजरात मॉडल की चर्चा होने लगी, यहां तक कि इसी गुजरात मॉडल के दम पर नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री भी बन गये और प्रधानमंत्री बनने के बावजूद गुजरात का दौरा समय समय पर करते रहते हैं। जिससे गुजरात की जनता को ये अहसास ना हो कि मोदी ने गुजरात छोड़ दिया है। यही वजह है कि मोदी के गुजरात छोड़ने के बाद दो विधानसभा चुनाव हुए और दोनों ही विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने गुजरात में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई।इसीलिये पत्रकार शीला भट्ट मानती हैं कि जब तक मोदी दिल्ली की कुर्सी पर हैं गुजरात में बीजेपी को हिला पाना कांग्रेस के बस की बात नहीं है। हालांकि साल 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान जरूर कांग्रेस के पास बीजेपी को हराने का मौका था, जब गुजरात में कांग्रेस बीजेपी को 99 सीटों पर ले आई थी।

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जो बहुमत के आंकड़े 92 सीटों से महज सात सीट ही ज्यादा थी लेकिन अगले पांच सालों तक बीजेपी ने इतनी मेहनत की, जिसका असर साल 2022 के विधानसभा चुनाव में नजर आया। जब बीजेपी ने इतिहास रचते हुए पहली बार 182 में से 156 सीटें जीत ले गई, इतनी सीटें तो बीजेपी को उस वक्त भी नहीं आई जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे। इसी बात से समझ सकते हैं कि गुजरात में मोदी ने कितनी मजबूती से पैर जमा लिया है, जिसे हिलाना राहुल गांधी के लिए आसान नहीं होगा।

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