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Waqf Board को Maharastra सरकार देगी 10 करोड़ रूपये ? VHP ने दी आंदोलन की चेतावनी

महाराष्ट्र की महायुति सरकार ने वक़्फ़ बोर्ड के लिए जो फ़ैसला लिया है उससे VHP के नेता कार्यकर्ता बुरी तरह चिढ़ गए हैं और इसीलिए आंदोलन करने की चेतावनी दे रहे हैं।

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Waqf Board : अभी कुछ महीने पहले की तो बात है जब बीजेपी सांसद हरनाथ सिंह यादव ने संसद में Waqf Board अधिनियम का मुद्दा उठाते हुए इसे पूरी तरह से असंवैधानिक करार दिया था और जल्द से जल्द रद्द किए जाने की मांग उठाई थी।  


बस फिर क्या चारों तरफ़ वक़्फ़ बोर्ड को लेकर ही चर्चा होने लगी। गूगल पर ज्यादा सर्च किया तो पाया कि I वक़्फ़ मैनेजमेंट सिस्टम ऑफ इंडिया के मुताबिक़ देश में क़रीब 8 लाख 55 हज़ार से ज़्यादा संपत्तियां ऐसी हैं जो वक़्फ़ की हैं। सेना और रेलवे के बाद देश में संपत्ति के मामले में वक़्फ़ तीसरा सबसे बड़ा भूमि मालिक है। 


मतलब आसान शब्दों में इसे ऐसे समझें कि एक सुबह आप सोकर उठें और आपकी ज़मीन पर एक बोर्ड लगा हो ये ज़मीन वक़्फ़ बोर्ड की है तो आप क्या करेंगे ? ज़ाहिर है न्याय के लिए गुहार लगाएंगे। कमाल की बात ये है कि गुहार भी आपको वक़्फ़ बोर्ड के आगे ही लगानी है। अब बताइये चोर के सामने अपनी ही चीज छोड़ने के लिए कहेंगे तो वो छोड़ेगा क्या ? 


वैसे देखा जाए तो वक़्फ़ बोर्ड का काम है वक़्फ़ की संपत्ति का रिकॉर्ड रखना, वक़्फ़ की संपत्ति से आने वाली आमदनी का हिसाब रखना। क़ायदे से काम करे तो ये वक़्फ़ बोर्ड मुस्लिमों के लिए बहुत कुछ कर सकता है लेकिन करता नहीं है। इससे परेशान कुछ लोगों ने अपनी आपबीती कई बार सुनाई है।

वक़्फ़ बोर्ड की मनमानी को लेकर पिछले कुछ महीनों में ऐसा माहौल बना कि बीजेपी नेताओं से खुले मंच पर पूछा जाने लगा कि अगर आप तीसरी बार सरकार में आते हैं तो क्या इसे ख़त्म करेंगे ? हालांकि स्पष्ट तौर पर कभी जवाब नहीं मिला।

लेकिन अब जो ख़बर महाराष्ट्र से सामने आई उसने मोदी सरकार की दोहरी नीति को दुनिया के सामने लाकर रख दिया। मतलब एक तरफ़ आपके सांसद कहते हैं कि इस अधिनियम को रद्द किया जाए और दूसरी तरफ़ महाराष्ट्र की महायुति सरकार ने वक़्फ़ बोर्ड को 10 करोड़ रूपये देने का फ़ैसला किया है।

ये फ़ैसला ऐसे वक़्त में लिया गया है जब लोकसभा चुनावों में बीजेपी का बुरा हाल हुआ। जैसे तैसे सरकार तो बन गईं लेकिन बहुमत से दूर रही पार्टी को गठबंधन के साथियों के सामने हाथ फैलाने पड़े। दूसरी बात अब चूंकि महाराष्ट्र में चुनाव होने हैं तो ऐसे में किसी एक वर्ग को ज़्यादा खुश करने में अब बीजेपी जुट गई है।
हालांकि बीजेपी इतना बड़ा फ़ैसला ले ले और इसका विरोध ना हो ऐसा भला हो सकता है क्या ? तो बस फिर महाराष्ट्र में शुरु हो गया है महायुति सरकार का। विश्व हिंदू परिषद की तरफ़ से ऐलान कर दिया गया है कि जल्द ही ये फ़ैसला वापस लो नहीं तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। VHP से पहले RSS अपनी नाराज़गी दर्ज करा ही चुका है।


जैसे ही ऐलान हुआ कि वित्त वर्ष 2024-25 में Digitalisation के लिए ये राशि वक़्फ़ को दी जाएगी वैसे ही VHP के नेता-कार्यकर्ता का ग़ुस्सा फूट पड़ा।VHP ने कहा जो काम कांग्रेस ने नहीं कि वो काम महायुति सरकार कर रही है। विरोध के बीच इतना भी जान लीजिए कि महाराष्ट्र सरकार के अल्पसंख्यक मंत्रालय की तरफ़ से वक़्फ़ बोर्ड के लिए 2 करोड़ की राशि जारी भी कर दी गई है।


इस मामले पर शिवसेना UBT के नेता संजय राउत भी खुलकर सामने आए हैं। उनका कहना है कि VHP विरोध कर सकता है। वही तो सरकार को लाए हैं। खैर ये मामला अब महाराष्ट्र के साथ साथ पूरे देश में तूल पकड़ गया है। मोदी सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठ रहे हैं। इस बीच अब देखना होगा महायुति सरकार इस फ़ैसले को वापस लेती है या फिर VHP को मनाती है ? बाक़ी आप इस ख़बर को लेकर क्या राय रखते हैं कमेंट करके हमें जरुर बताएं।

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