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क्या खत्म हो जाएंगे भारत-कनाडा के कूटनीतिक संबंध? जानें उच्चायुक्त की वापसी का कारण

भारत और कनाडा के बीच राजनयिक संबंधों में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने एक बड़ा कदम उठाते हुए कनाडा से अपने उच्चायुक्त को वापस बुला लिया है। इस निर्णय के पीछे का मुख्य कारण कनाडा की ट्रूडो सरकार द्वारा भारतीय राजनयिकों को निशाना बनाना और उनकी सुरक्षा पर उठे सवाल हैं।

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भारत और कनाडा के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है, और इसका ताज़ा उदाहरण भारत द्वारा अपने उच्चायुक्त को कनाडा से वापस बुलाने का फैसला है। इस कदम से दोनों देशों के बीच संबंधों में और अधिक खटास आ गई है, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि राजनयिक संबंध खत्म होने की कगार पर हैं।

भारत का बड़ा फैसला
भारत ने अपने कनाडा स्थित उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा को तत्काल प्रभाव से वापस बुलाने का फैसला किया है। इसके साथ ही अन्य भारतीय राजनयिकों और अधिकारियों को भी निशाना बनाए जाने की आशंका के मद्देनजर उन्हें भी वापस बुलाने का निर्णय लिया गया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने यह कदम उठाते हुए कहा कि अब ट्रूडो सरकार पर विश्वास नहीं किया जा सकता और हमें कनाडा में भारतीय राजनयिकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता है।

कनाडाई राजनयिकों को चेतावनी
भारत ने कनाडा के प्रभारी राजदूत को तलब किया और उन्हें कड़ी चेतावनी दी कि भारतीय राजनयिकों को बिना किसी ठोस आधार के निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह एक गंभीर मुद्दा है और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दरअसल, कनाडा ने भारत को एक ‘‘राजनयिक संचार'' भेजा था, जिसमें कहा गया कि भारतीय उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा और अन्य राजनयिक ‘निगरानी वाले व्यक्ति' की श्रेणी में हैं। इस पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई, क्योंकि संजय वर्मा का 36 वर्षों का समृद्ध और शानदार करियर रहा है।

भारत ने कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की सरकार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने हिंसक चरमपंथियों और आतंकवादियों को जानबूझकर स्थान दिया है, जिससे भारतीय राजनयिकों को धमकियां मिल रही हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ट्रूडो सरकार ने भारतीय राजनयिकों और सामुदायिक नेताओं को डराने के लिए चरमपंथियों को इस्तेमाल किया है, जो बेहद खतरनाक है।

भारत-कनाडा संबंधों पर क्या पड़ेगा असर?
भारत के इस कदम से यह स्पष्ट हो गया है कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों में बड़ी दरार आ गई है। जहां एक ओर कनाडा ने भारतीय उच्चायुक्त पर निगरानी के आरोप लगाए, वहीं भारत ने इसे हास्यास्पद और अपमानजनक बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले समय में और गंभीर हो सकता है और दोनों देशों के बीच व्यापारिक और राजनीतिक संबंध भी प्रभावित हो सकते हैं।

भारत का कनाडा से अपने उच्चायुक्त को वापस बुलाने का फैसला, दोनों देशों के रिश्तों में नया मोड़ लेकर आ सकता है। राजनयिक संबंधों में इस प्रकार का तनाव भविष्य में किस दिशा में जाएगा, यह देखना दिलचस्प होगा। लेकिन इतना तय है कि भारत-कनाडा संबंधों में यह विवाद गहराता जा रहा है, और इससे निपटने के लिए दोनों देशों को जल्द ही किसी ठोस समाधान पर पहुंचना होगा।
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