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‘बाबा के बुलडोज़र’ के बाद ‘दादा के बुलडोज़र’ की चर्चा क्यों हो रही ?

बाबा के बुलडोज़र के साथ ही साथ दादा के बुलडोज़र की चर्चा होने लगी है, गुजरात में भी बुलडोज़र की धमक सुनाई दे रही है और अपराधियों की संपत्तियों को ध्वस्त करने के लिए दादा का बुलडोजर तैनात किया गया है, विस्तार से जानिए पूरी ख़बर

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2017 में सीएम योगी ने जब उत्तर प्रदेश की सत्ता संभाली तो उसके बाद क़ानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए और गुंडों, माफियाओं के आतंक को ख़त्म करने, अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए बुलडोज़र का उपयोगा शुरु हुआ, जिसका असर ये हुआ कि, यूपी में पूर्वांचल से लेकर पश्चिम तक के अपराधियों के अंदर खौफ पैदा हुआ और बुलडोज़र की नई पहचान ‘बाबा का बुलडोज़र’ के रुप में हो गई, धीरे-धीरे ‘बाबा के बुलडोज़र’ की धमक दूसरे प्रदेशों में भी सुनाई पड़ने लगी, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र से लेकर गुजरात कर बुलडोज़र का जलवा देखने का मिला, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता हर प्रदेश में बढ़ गई, लेकिन अब बाबा के बुलडोज़र के साथ ही साथ दादा के बुलडोज़र की चर्चा होने लगी है। 

साल था 2022, गुजरात में विधानसभा चुनाव थे, इस दौरान वहां यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का ग़ज़ब भौकाल दिखा, बुलडोजर बाबा की धमक सुनने को मिली।


गुजरात चुनाव के दौरान जनता ने ही ऐलान कर दिया था कि गुजरात में दादा का जलवा है, यहां भूपेंद्र भाई पटेल का। ऐसे में अब गुजरात में भी बुलडोज़र की धमक सुनाई दे रही है और अपराधियों की संपत्तियों को ध्वस्त करने के लिए दादा का बुलडोजर तैनात किया गया है।  

वैसे तो गुजरात में अवैध अतिक्रमण के ख़िलाफ़ अभियान 2022 में ही  शुरू हो गया था, लेकिन एक विशेष समुदाय को टार्गेट करने का आरोप सरकार पर लगने लगा था, फिर भी दादा के बुलडोज़र की रफ़्तार नहीं रुकी, गुंडे, माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रही है, इसी कड़ी में 15 मार्च को गुजरात पुलिस ने अवैध संपत्तियों को ध्वस्त करने के लिए बुलडोजर और जेसीबी के उपयोग का अभियान शुरू किया, हज़ारों अपराधियों पर एक्शन हुआ तो गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने कहा  "यह सब लोगों की सुरक्षा और संरक्षा के लिए है, अवैध संपत्तियों को ध्वस्त किया जा रहा है, उनमें से अधिकतर सरकारी भूमि पर बनी हैं, जो सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर रहे हैं मेरे राज्य में आते हैं, दंगे भड़काते हैं, क्या उनके घरों को बुलडोजर से नहीं गिराया जाना चाहिए? दादा का बुलडोजर भले ही कुछ परेशानी पैदा करे, लेकिन यह राज्य में किसी के साथ अन्याय नहीं होने देगा"

गुजरात के गृहमंत्री हर्ष सांघवी ने प्रदेश में गुंडे, माफियाओं और अपराधियों पर चल रहे बुलडोज़र को दादा के बुलडोज़र की कार्रवाई बताई तो इसका विरोध शुरु हो गया, कांग्रेस विधायक अमित चावड़ा ने कहा "पुलिस की कार्रवाई भेदभावपूर्ण थी और केवल गरीबों को निशाना बनाया जा रहा था, जिन्हें कोई विकल्प नहीं दिया जा रहा था, क्या वे बड़े लोगों के घरों को ध्वस्त करने की हिम्मत करेंगे? कौन सी सूची तैयार की जा रही है?

जिस तरह से यूपी में बाबा के बुलडोज़र पर सवाल उठते हैं, उसी तरह गुजरात में भी दादा के बुलडोज़र पर सवाल उठ रहें हैं, लेकिन इसके बावजूद बुलडोज़र गुंडों, माफियाओं और अपराधियों की अकड़ तोड़ रहा है और जनता साथ में खड़ी है।
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