Advertisement
Nitish Kumar की बात क्यों नहीं सुन रहे Amit Shah ? कहां फंसा है पेंच ?
पिछले ढाई महीने से बिहार सरकार की तरफ़ से गृह मंत्रालय को पत्र लिखे जा रहे हैं लेकिन शाह सुनने को तैयार नहीं हैं।
Advertisement
ढाई महीने से ज़िद पर अड़े हैं नीतीश कुमार
सरकार की तरफ़ से मांग है कि इन पांच पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को एक साल और बढ़ा दिया जाए तीन साल की इनकी प्रतिनियुक्ति पूरी हो चुकी है। इसी संबंध में सरकार की तरफ़ से गृह मंत्रालय को तीन तीन ख़त लिखे जा चुके हैं लेकिन उधर से कोई जवाब नहीं आ रहा। सोशल मीडिया पर इसको शाह और नीतीश की पसंद नापसंद से जोड़कर भी देखा जा रहा है। कहा तो ये तक जा रहा है कि शाह आज भी नीतीश को पसंद नहीं करते, ना ही वो चाहते थे कि गठबंधन हो।क्योंकि यही वो अमित शाह थे जिन्होंने डंके की चोट पर ऐलान किया था कि नीतीश जी के लिए बीजेपी के दरवाज़े हमेशा हमेशा के लिए बंद हैं।
Advertisement
यह भी पढ़ें
लेकिन ये क्या जरुरत पड़ी तो फिर गठबधंन हो गया। ऐसे में शाह की बात झूठी साबित हो गई।कहा जाता है कि इसी को लेकर शाह नीतीश को पसंद नहीं करते, हालांकि इसकी पुष्टि ना ही NMF News करता है और ना ही मैं,लेकिन सोशल मीडिया के दौर में लोगों ने वो वीडियो भी देखा है जिसमें दूर से पास आए नीतीश को देखकर शाह हलका सा मुस्कुराए तो लेकिन बाद में बहुत दूर तक उन्हें घूरते रहे।बहरहाल, अब तो मिलीजुली सरकार है कब तक अमित शाह नीतीश की बात को पानी नहीं देंगे।देखना होगा कि शाह नीतीश सरकार की इस मांग को कब तक पूरा करते हैं।