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Nitish Kumar की बात क्यों नहीं सुन रहे Amit Shah ? कहां फंसा है पेंच ?

पिछले ढाई महीने से बिहार सरकार की तरफ़ से गृह मंत्रालय को पत्र लिखे जा रहे हैं लेकिन शाह सुनने को तैयार नहीं हैं।

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4 जून के बाद जो नतीजे आए उसने मोदी सरकार को सत्ता में तो काबिज कराया लेकिन गठबंधन के साथ। दो बार अकेले सरकार चलाने वाली मोदी सरकार इस बार नीतीश की JDU और चंद्रबाबू नायडू की TDP साथ में है। साथ सिर्फ़ कहने का लगता है क्योंकि ये दोनों पार्टियों अपनी कुछ मांगों को लेकर आगे बढ़ रही है।हर बार मोदी सरकार के लिए मुमकिन नहीं होगा कि वो सारी बात मानें और बात नहीं मानते तो हर बार ये भी मुमकिन नहीं होगा कि दूसरे दल बख्श दें।अब देखिए ना ये जो अग्निवीर योजना में बदलाव की मुद्दा उठा है ये भी गठबंधन के नेताओं की तरफ़ से ही उठा है।नहीं तो सरकार का फ़ैसला तो आप जानते ही हैं।

ढाई महीने से ज़िद पर अड़े हैं नीतीश कुमार 

खैर, अब ख़बर है कि पिछले 2-2.5 महीनों से बिहार की नीतिश सरकार भी एक मांग पर अटकी हुई है।एक नहीं तो नहीं बल्कि तीन तीन बार गृहमंत्रालय को पत्र लिखे जा चुके हैं, लेकिन उधर से मांग तो छोड़िए पत्र का जवाब तक नहीं आया है। आख़िर ऐसी क्या मांग है नीतीश सरकार की जिसे अमित शाह भाव ही नहीं दे रहे हैं चलिए आपको बताते हैं।दरअसल बिहार के कुछ इलाक़े नक्सल प्रभावित हैं, उन ज़िलों में अपर पुलिस अधीक्षक यानि एएसपी अभियान के पद पर पहले से नियुक्त पांच अधिकारियों के टाइम पीरियड को बढ़ाए जाने की मांग नीतीश सरकार गृह मंत्रालय के सामने उठा रही है।

सरकार की तरफ़ से मांग है कि इन पांच पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को एक साल और बढ़ा दिया जाए तीन साल की इनकी प्रतिनियुक्ति पूरी हो चुकी है। इसी संबंध में सरकार की तरफ़ से गृह मंत्रालय को तीन तीन ख़त लिखे जा चुके हैं लेकिन उधर से कोई जवाब नहीं आ रहा। सोशल मीडिया पर इसको शाह और नीतीश की पसंद नापसंद से जोड़कर भी देखा जा रहा है। कहा तो ये तक जा रहा है कि शाह आज भी नीतीश को पसंद नहीं करते, ना ही वो चाहते थे कि गठबंधन हो।क्योंकि यही वो अमित शाह थे जिन्होंने डंके की चोट पर ऐलान किया था कि नीतीश जी के लिए बीजेपी के दरवाज़े हमेशा हमेशा के लिए बंद हैं।

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लेकिन ये क्या जरुरत पड़ी तो फिर गठबधंन हो गया। ऐसे में शाह की बात झूठी साबित हो गई।कहा जाता है कि इसी को लेकर शाह नीतीश को पसंद नहीं करते, हालांकि इसकी पुष्टि ना ही NMF News करता है और ना ही मैं,लेकिन सोशल मीडिया के दौर में लोगों ने वो वीडियो भी देखा है जिसमें दूर से पास आए नीतीश को देखकर शाह हलका सा मुस्कुराए तो लेकिन बाद में बहुत दूर तक उन्हें घूरते रहे।बहरहाल, अब तो मिलीजुली सरकार है कब तक अमित शाह नीतीश की बात को पानी नहीं देंगे।देखना होगा कि शाह नीतीश सरकार की इस मांग को कब तक पूरा करते हैं।

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