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Yogi ने क्यों किया ऐलान- सर्जरी एक बार होगी और हमें इसके लिए तैयार रहना होगा ?

संभल में मस्जिद-मस्जिद विवाद के बीच यूपी के भगवाधारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्यों कहा कि फोड़ा कितना ही बड़ा क्यों ना हो एक बार सर्जरी हो जाएगी तो नए सिरे से वो आगे बढ़ेगा, सर्जरी एक बार होगी और उस सर्जरी के लिए हमें तैयार रहना होगा ?

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कहते हैं पुराने जख्म का अगर समय पर इलाज नहीं किया जाता है तो फिर वही जख्म पुराना होते होते। एक दिन कैंसर का रूप ले लेता है।और फिर उसके बाद कोई कितना ही कीमोथेरेपी या रेडियोथेरेपी कराता रहे। वो लाइलाज हो जाता है। और एक दिन उसी कैंसर की वजह से जान चली जाती है।इसीलिये किसी भी जख्म का समय पर इलाज होना बहुत जरूरी है। इसीलिये उत्तर प्रदेश की सत्ता संभाल रहे भगवाधारी योगी आदित्यनाथ भी किसी डॉक्टर की तरह कैंसर बनने से पहले ही जख्मों की सर्जरी करने के फंडे पर काम कर रहे हैं। जिसका सबसे बड़ा उदाहरण संभल में देखने को मिल रहा है। जहां विवादित जामा मस्जिद के सर्वे से शुरु हुआ विवाद जब संभल की खुदाई तक पहुंचा। तो जमीन भी सनातनी इतिहास उगलने लगा। कहीं कुएं से मूर्तियां निकलने लगीं। तो कहीं पुरानी बावली और मंदिर निकलने लगे।


सनातन धर्म के पुराणों के मुताबिक जिस संभल में भगवान कल्कि का अवतार होने वाला है। उस संभल में छिड़े मंदिर मस्जिद विवाद के बीच रिपब्लिक टीवी से बात करते हुए सीएम योगी ने किसी डॉक्टर के अंदाज में दहाड़ते हुए कहा कि।"आप देख रहे हैं कि कैसे एक-एक करके संभल का इस्लामीकरण हुआ है, कैसे वहां पर पूरी तरह एक-एक चिन्ह नष्ट किये गये और सनातन धर्म की विरासत से जुड़े स्थलों पर ताला बंद कर दिया गया, कुएं पाट दिये गये बावड़ी पाटकर घर बना दिये गये, पुराने जख्मों का इलाज होना बहुत जरूरी है नहीं तो कैंसर बन जाता है फिर कितनी ही कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी आप देते रहेंगे उसका इलाज नहीं होगा, फोड़ा कितना ही बड़ा क्यों ना हो एक बार सर्जरी हो जाएगी तो नए सिरे से वो आगे बढ़ेगा, सर्जरी एक बार होगी और उस सर्जरी के लिए हमें तैयार रहना होगा"

सीएम योगी किस पुराने जख्म की बात कर रहे हैं। और किसकी सर्जरी करने की बात कर रहे हैं। ये इसी बात से समझ सकते हैं कि संभल में जहां विवादित जामा मस्जिद है वहां कभी हरिहरनाथ मंदिर हुआ करता था। जिसका दावा खुद वहां रहने वाले हिंदुओं ने किया है।

ये बात हिंदू समाज भी जानता है कि जहां विवादित मस्जिद है वहां कभी मंदिर हुआ करता था। लेकिन इसके बावजूद मुस्लिमों की बड़ी आबादी की वजह से हिंदू भी खामोश रहे। लेकिन योगी सरकार लगता है खामोश नहीं रहने वाली है। और कोर्ट के रास्ते से लड़ाई लड़ने का पूरा मन बना लिया है। जिससे कभी इतिहास में मंदिर तोड़ कर दिये गये जख्म की सर्जरी करके समय पर इलाज किया जा सके।

काशी में भी चल रहा ज्ञानवापी विवाद।


संभल की तरह महादेव की काशी में भी मुगलों ने ज्ञानवापी मंदिर तोड़ कर उस पर विवादित ढांचा खड़ा करके हिंदुओं को जख्म दिया था। और अब उस जख्म का इलाज भी कोर्ट के जरिये करने की तैयारी जोरशोर से चल रही है। यानि जो काम पिछली सरकारों में नहीं हुआ वो काम अब दिल्ली की मोदी सरकार और यूपी की योगी सरकार मिल कर कर रही है।

दंगाइयों के इलाज में भी माहिर हैं ‘डॉक्टर’ योगी !


अयोध्या के बाद। काशी मथुरा और संभल में मंदिर वापस लेने की जंग जहां जारी है तो वहीं दंगाइयों का इलाज करने में भी योगी सरकार को माहिर माना जाता है। जिसका सबसे बड़ा ट्रेलर तो साल 2019 में देखने को मिला था। जब सीएए विरोध के नाम पर दंगाइयों ने सड़क पर तांडव मचाया था। उसके बाद योगी सरकार ने इन दंगाइयों का ऐसा इलाज किया कि दोबारा यूपी में सीएए विरोधी दंगा करने का नाम नहीं लिया। क्योंकि जिन दंगाइयों ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था। चौक चौराहे पर पोस्टर लगवा कर उन्हीं से सरकार ने वसूली भी करवाई थी। और अब संभल में जब दंगाइयों ने हिंसा की। तो इस बार भी योगी सरकार ने उन्हें सबक सिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। और खोज खोज कर उन्हें बिल से निकाला जा रहा है।तो वहीं दूसरी तरफ जिस विवादित मस्जिद के सर्वे के नाम पर दंगा किया गया था। उसी मस्जिद के ठीक सामने पुलिस चौकी भी बनवा रही है सरकार जिससे वक्त पर पुलिस दंगाइयों का इलाज कर सके।
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