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भड़के Ajeet Bharti ने Mohammad Zubair क्यों ‘समझाया’- देश में हिन्दू बहुसंख्यक हैं ?
Yogi के फैसले पर Mohammad Zubair जैसे मुसलमान इस कदर बौखलाए हुए हैं कि हिंदुओं के तीज त्योहारों का बहाना बनाकर सड़क पर नमाज पढ़ने को सही ठहराते हुए योगी के फैसले पर भी सवाल उठाने में लगे हुए हैं जिन्हें पत्रकार अजीत भारती ने भी मुंहतोड़ जवाब देते हुए बता दिया कि सड़कों पर नमाज क्यों नहीं हो सकती और हिंदुओं को सड़क पर त्योहार मनाने की छूट क्यों है
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दरअसल, यूपी की सत्ता में जब तक सपा-बSP की सरकारें रहीं, धड़ल्ले से सड़क घेरकर नमाज हुआ करती थी। लेकिन जबसे योगी यूपी की सत्ता में आए हैं, सड़क पर नमाज पढ़ने पर रोक लगाने के साथ ही मस्जिदों से लाउडस्पीकर भी हटवा दिए गए हैं।
योगी नमाज
योगी सरकार के आदेश से यूपी ही नहीं, पूरे देश में हड़कंप मच गया है, क्योंकि ऐसा पहली बार हो रहा है जब किसी सरकार ने सड़क पर नमाज पढ़ने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। और जो भी सड़क पर नमाज पढ़ता पाया गया, उसके खिलाफ पासपोर्ट जब्ती जैसी सख्त कार्रवाई भी हो रही है।
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यूपी में जारी इसी सख्ती को लेकर अब फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर ने योगी सरकार के फैसले पर तंज मारते हुए एक वीडियो शेयर किया और लिखा:
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छोटी-छोटी बच्चियों ने संघ के गढ़ नागपुर की सड़कों पर गुड़ी पड़वा त्योहार मनाया तो मोहम्मद जुबैर को बर्दाश्त नहीं हुआ और तंज मारते हुए कहने लगे कि अगर आप 1:38 पर ज़ूम इन करेंगे, तो आपको सड़क पर हरा कुर्ता और सफेद टोपी पहने एक आदमी नमाज अदा करते हुए दिखाई देगा।
जबकि इस वीडियो में ऐसा कुछ नहीं था। उन्होंने योगी सरकार के फैसले पर तंज मारने के लिए यह बात सोशल मीडिया पर लिखी थी, जिस पर पत्रकार अजीत भारती ने भी मोहम्मद जुबैर को मुंहतोड़ जवाब देते हुए लिखा:
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सड़क पर नमाज बैन के खिलाफ मोहम्मद जुबैर जैसे लोग तर्क देते हैं कि हिंदुओं की होली, राम नवमी की शोभायात्रा, मूर्ति विसर्जन यात्रा, दही हांडी भी तो सड़क पर होती है, तो फिर सड़क पर नमाज भी होनी चाहिए। ऐसे लोगों को अजीत भारती ने अच्छी तरह से समझा दिया कि हिंदुस्तान बहुसंख्यक हिंदुओं का देश है और यहां हिंदुओं की ही चलेगी।
वह सड़क पर विसर्जन यात्रा भी निकालेंगे, राम नवमी का जुलूस भी निकालेंगे और होली भी मनाएंगे, क्योंकि पाकिस्तान, बांग्लादेश या अफगानिस्तान जैसे देशों में जहां मुसलमान बहुसंख्यक हैं, वहां हिंदुओं को भी अपना तीज त्योहार डर के माहौल में मनाना पड़ता है। और कई बार तो हालात ऐसे हो जाते हैं कि उनके मंदिरों को भी तोड़ दिया जाता है।
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कम से कम भारत में अल्पसंख्यक मुसलमानों के साथ ऐसा नहीं होता। यहां उनकी इबादतगाह नहीं तोड़ी जाती। शायद यही वजह है कि मुख्यमंत्री योगी ने भी बयान दिया कि सौ हिंदू परिवारों के बीच एक मुस्लिम परिवार सुरक्षित रह सकता है, लेकिन सौ मुस्लिम परिवारों के बीच पचास हिंदू परिवार सुरक्षित नहीं रह सकता।
योगी यूं ही यह बात नहीं कह रहे हैं। उन्होंने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान जैसे मुस्लिम बहुल देशों का उदाहरण भी दिया, जहां हिंदुओं को या तो मार दिया जाता है या जबरन उनका धर्मांतरण करवा कर मुसलमान बना दिया जाता है। इससे हालात यह हो गए हैं कि इन देशों में लगातार हिंदुओं की आबादी घटती जा रही है।
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इसलिए योगी ने कहा कि सौ हिंदू परिवारों के बीच एक मुस्लिम परिवार सुरक्षित रह सकता है, लेकिन सौ मुस्लिम परिवारों के बीच पचास हिंदू परिवार सुरक्षित नहीं रह सकता।वहीं दूसरी तरफ अजीत भारती ने भी मोहम्मद जुबैर को समझा दिया कि भारत बहुसंख्यक हिंदुओं का देश है और यहां सड़कों पर ही हिंदू त्योहार मनाए जाएंगे।
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