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धनखड़ के इस्तीफे के बाद कौन बनेगा देश का अगला उपराष्ट्रपति? रेस में ये नाम सबसे आगे

देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जून (सोमवार) की शाम अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया. धनखड़ के इस्तीफे के बाद उनके उत्तराधिकारी की दौड़ शुरू हो गई है. जिनमें राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, जम्मू कश्मीर के राज्यपाल मनोज सिन्हा समेत कई नाम रेस में आगे चल रहे हैं.

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे गए अपने इस्तीफे में धनखड़ ने लिखा कि वे "स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने" के लिए यह फैसला ले रहे हैं. उनके इस अचानक फैसले से राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर तेज हो गया है. 

उपराष्ट्रपति की नियुक्ति के लिए जल्द होगा चुनाव 

धनखड़ का इस्तीफा संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन आ गया. फिलहाल उनके उत्तराधिकारी की दौड़ शुरू हो गई है. सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एनडीए गठबंधन को निर्वाचक मंडल में बहुमत प्राप्त है, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल हैं. आगामी दिनों में संभावित नामों पर विचार किए जाने की संभावना है. 

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धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद उनके उत्तराधिकारी की नियुक्ति के लिए चुनाव ‘‘जल्द से जल्द’’ कराना होगा. संविधान के अनुच्छेद 68 के खंड दो के अनुसार, उपराष्ट्रपति की मृत्यु, इस्तीफे या उन्हें पद से हटाए जाने या अन्य किसी कारण से होने वाली रिक्ति को भरने के लिए चुनाव, रिक्ति होने के बाद "यथाशीघ्र" आयोजित किया जाएगा. रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचित व्यक्ति "अपने पदभार ग्रहण करने की तिथि से पांच वर्ष की अवधि तक" पद धारण करने का हकदार होगा. 

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कौन बनेगा देश का अगला उपराष्ट्रपति?

भाजपा के पास इस पद पर चुनने के लिए नेताओं का एक बड़ा समूह है. राज्यपालों में से या संगठन के अनुभवी नेताओं अथवा केंद्रीय मंत्रियों में से किसी का चुनाव किया जा सकता है. धनखड़ भी उपराष्ट्रपति बनने से पहले पश्चिम बंगाल के राज्यपाल थे. 

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जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश का नाम संभावित उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि वह 2020 से इस पद पर कार्यरत हैं और उन्हें सरकार का विश्वास प्राप्त है. इसके अलावा जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को लेकर भी अटकलें तेज हैं, बीते दिनों ही प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी मुलाकात हुई थी. वहीं राजनीतिक गलियारों में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के पद पर रहें जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के नाम की भी चर्चा तेज है. इन सब के अलावा बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर भी कयासों का दौर तेज है. इसकी गवाही देती है नीतीश का स्वास्थ्य तथा कुछ राजनीतिक समीकरण.

विपक्ष से टकराव वाला रहा 3 साल का कार्यकाल 

जगदीप धनखड़ ने अगस्त 2022 में उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली थी और उनका कार्यकाल 2027 तक था. अपने कार्यकाल के दौरान उनका विपक्ष से कई बार टकराव हुआ और उनके खिलाफ पहली बार महाभियोग प्रस्ताव लाया गया जिसे राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने खारिज कर दिया था. मार्च 2025 में AIIMS दिल्ली में उनकी एंजियोप्लास्टी हुई थी और वे कुछ दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहे थे. हालांकि वे कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय रहे, पर उनकी तबीयत को लेकर समय-समय पर चर्चा होती रही. 

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कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का त्यागपत्र समझ से परे है और उन्हें अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए, क्योंकि यही राष्ट्रहित में होगा. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री मोदी, धनखड़ को अपना मन बदलने के लिए मनाएंगे. रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, "उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति का अचानक इस्तीफा देना जितना चौंकाने वाला है, उतना ही समझ से परे भी। मैं आज शाम लगभग पांच बजे तक कई अन्य सांसदों के साथ उनके साथ था और शाम साढ़े सात बजे उनसे फोन पर बात की थी."

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