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कौन है ये महिला जो कभी Lalu Yadav की थीं करीबी अब Smriti Irani का संभालेंगी मंत्रालय ?

मृति ईरानी साल 2014 में पहली बार अमेठी में राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरी थीं।लेकिन पहले ही चुनाव में उन्हें करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था, इस हार के बावजूद पीएम मोदी ने उन्हें पहले कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री बनाया था ।और जब साल 2019 में स्मृति ईरानी दोबारा अमेठी से चुनाव लड़ीं, तो इस बार राहुल गांधी को चुनाव हराकर इतिहास रच दिया। जिसका ईनाम भी उन्हें मिला और एक बार फिर से पीएम मोदी ने उन्हें अपनी कैबिनेट में जगह दी।

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एक वक्त था जब स्मृति ईरानी (Smriti Irani ) साल 2014 में पहली बार अमेठी में राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरी थीं।लेकिन पहले ही चुनाव में उन्हें करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था, इस हार के बावजूद पीएम मोदी ने उन्हें पहले कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री बनाया था ।और जब साल 2019 में स्मृति ईरानी दोबारा अमेठी से चुनाव लड़ीं, तो इस बार राहुल गांधी को चुनाव हराकर इतिहास रच दिया। जिसका ईनाम भी उन्हें मिला और एक बार फिर से पीएम मोदी ने उन्हें अपनी कैबिनेट में जगह दी, लेकिन इस बार के लोकसभा चुनाव में वो अमेठी सीट नहीं बचा पाईं और कांग्रेस के एक ऐसे कार्यकर्ता से हार गईं जिसे शायद चुनाव लड़ने से पहले अमेठी के बाहर कोई जानता तक नहीं था।

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मोदी के मंत्रालय से स्मृति ईरानी की हो गई छुट्टी

एक तरफ जहां अमेठी की जनता ने स्मृति ईरानी (Smriti Irani ) को बाहर का रास्ता दिखा दिया, तो वहीं दूसरी तरफ पीएम मोदी ने भी उन्हें अपनी टीम से निकाल दिया और उनकी जगह एक ऐसी महिला को दे दी जिनका लालू यादव की पार्टी से गहरा रिश्ता रहा है।

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दरअसल अमेठी से चुनाव हारने वालीं स्मृति ईरानी की मोदी की टीम से भी छुट्टी कर दी गई है।वैसे बीजेपी चाहती तो उन्हें मंत्री बना कर राज्यसभा से संसद भेज सकती थी,लेकिन लगता है अमेठी की हार पीएम मोदी को बर्दाश्त नहीं हुई। इसीलिये उन्होंने चुनाव हारते ही सबसे पहले तो स्मृति ईरानी को अपनी टीम से निकाल दिया। तो वहीं अब उनका मंत्रालय महिला सांसद अन्नपूर्णा देवी को दे दिया है,जिनका लालू यादव की पार्टी से गहरा रिश्ता रहा है।

जिस महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी कभी स्मृति ईरानी संभाला करती थीं, वो मंत्रालय अब झारखंड की सांसद अन्नपूर्णा देवी संभालेंगी। कोडरमा से लगातार दूसरी बार चुनाव जीतने वालीं अन्नपूर्णा देवी के अतीत की बात करें तो साल 2019 में वो बीजेपी में शामिल हुई थीं और झारखंड की इसी कोडरमा सीट से जीत कर सांसद बनी थीं।यही वजह है कि इस बार बीजेपी ने उन्हें कोडरमा से लड़ाया और अन्नपूर्णा देवी ने वामपंथी उम्मीदवार विनोद कुमार सिंह को साढ़े तीन लाख से भी ज्यादा वोटों से हराकर जीत हासिल की है। जिसके ईनाम के तौर पर उन्हें स्मृति ईरानी का मंत्रालय मिला है।

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वैसे आपको बता दें साल 2019 में बीजेपी में शामिल होने से पहले अन्नपूर्णा देवी लालू यादव की पार्टी आरजेडी की बड़ी नेता थीं उन्हें लालू यादव का बेहद करीबी भी माना जाता था।यहां तक कि कोडरमा विधानसभा सीट से अन्नपूर्णा देवी 2000, 2005 और 2009 में विधायक भी रह चुकी हैं। इतना ही नहीं साल 2014 से 2019 तक लालू यादव ने उन्हें झारखंड आरजेडी का अध्यक्ष भी बनाया था।लेकिन इसके बावजूद अन्नपूर्णा देवी साल 2019 में आरजेडी छोड़कर बीजेपी में चली गईं और झारखंड के पहले मुख्यमंत्री बाबू लाल मरांडी को चुनाव हरा कर संसद पहुंची।यही वजह है कि साल 2024 के चुनाव में भी बीजेपी ने उन्हें कोडरमा से लड़ाया और इस बार भी उन्होंने जीत हासिल की।

ओबीसी यादव समाज से आने वालीं अन्नपूर्णा देवी का कोडरमा जिले में आने वालीं छ सीटों पर अच्छा खासा प्रभाव देखा जाता है और सबसे बड़ी बात तो ये है कि झारखंड में इसी साल के आखिर में विधानसभा चुनाव भी होने वाले हैं।यही वजह है कि मोदी सरकार में उन्हें इस बार स्मृति ईरानी वाला मंत्रालय मिला है। जिन्हें मोदी की टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। बहरहाल कभी आरजेडी की कद्दावर नेता रहीं अन्नपूर्णा देवी को मोदी ने बड़ी जिम्मेदारी दी है।


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