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नागपुर हिंसा के पीछे का मास्टरमाइंड कौन ? क्या ये साज़िश है ? जाँच के बीच राज्य के डीप्टी सीएम एकनाथ शिंदे का बड़ा बयान

नागपुर हिंसा मामले पर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि ‘यह एक साजिश लगती है। यह पुरी घटना पूरी प्लानिंग के तहत हुई है। पेट्रोल बॉम्ब के इस्तेमाल हुए हैं। कई लोग बाहर से आए थे। जिस तरीके से पेट्रोल बॉम्ब के इस्तेमाल हुए हैं, इसके पीछे एंटी सोशल लोग इस साजिश में शामिल हैं।’

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नागपुर में हिंसा हुई, उपद्रवियों ने कई घरों और गाड़ियों में तोड़फोड़ की। लेकिन इस हिंसा के पीछे कौन है? हिंसा की आग फैलाने की साज़िश किसने की? इन तमाम सवालों के जवाब अब तक नहीं मिले हैं, पुलिस जाँच कर रही है। इसी बीच महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इस पूरी घटना को साज़िश बताया है और कहा है कि इस हिंसा को एक प्लानिंग के ज़रिए अंजाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि ‘यह एक साजिश लगती है। यह पुरी घटना पूरी प्लानिंग के तहत हुई है। पेट्रोल बॉम्ब के इस्तेमाल हुए हैं। कई लोग बाहर से आए थे। जिस तरीके से पेट्रोल बॉम्ब के इस्तेमाल हुए हैं, इसके पीछे एंटी सोशल लोग इस साजिश में शामिल हैं।’


हिंसा पर डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे का बयान

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नागपुर हिंसा मामले पर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि ‘नागपुर के महल इलाके में पथराव हुआ है। गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया है। पुलिस पर भी पथराव किया गया. जिसमें चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। लोगों को दो समुदायों के बीच हिंसा भड़काने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।’ उन्‍होंने कहा, ‘औरंगजेब का महिमामंडन नहीं होना चाहिए। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।’ 


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डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे से जब पूछा गया कि आख़िर झड़प कैसे हुई तो उन्होंने बताया कि ‘दोपहर में औरंगजेब के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुआ था। इसी दौरान दो समुदायों में झड़प हो गई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में कर लिया, लेकिन शाम होते-होते फिर से इलाके में भीड़ जमा हो गई।’


औरंगजेब के समर्थकों को शिंदे ने बताया ग़द्दार

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इससे पहले महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने औरंगजेब का महिमामंडन करने वालों की कड़ी निंदा की थी। उन्होंने उन सभी को ‘गद्दार’ बताया था। उन्होंने कहा कि औरंगजेब महाराष्ट्र को तबाह करने के इरादे से आया था, लेकिन छत्रपति शिवाजी महाराज एक दैवीय शक्ति थे जिन्होंने उसके अत्याचार का विरोध किया था। 


क्या है पूरा मामला

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दरअसल, जब से फ़िल्म छावा रिलिज हुई है तब से ही औरंबजेब को लेकर पूरे देश की राजनीति दो घड़ों में बंट गई है। एक जो समर्थक है और दूसरे जो ख़िलाफ़ है। इसी कड़ी में नगपुर में मुगल बादशाह औरंगजेब के मकबरे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बाद शहर में को हिंसा भड़क गई। स्थिति को देखते हुए नागपुर के कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। इस दौरान उपद्रवियों की तरफ़ से कई घरों और गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। फिलहाल, पुलिस का एक्शन जारी है। पुलिस ने अब तक करीब 50 लोगों को हिरासत में लिया है। 

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