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कर्तव्य पथ पर नारी शक्ति की मिसाल, पुरुषों की टुकड़ी का नेतृत्व करने वालीं 26 वर्षीय CRPF अधिकारी सिमरन बाला कौन हैं?
कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में जम्मू-कश्मीर की 26 साल की सिमरन बाला ने इतिहास रच दिया है. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की सहायक कमांडेंट सिमरन 140 अधिक जवानों वाली पुरुष फोर्स की टुकड़ी का नेतृत्व कर रही हैं. बाला ने इस तरह नारी शक्ति की मिसाल पेश की है.
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देश आज 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. रिपब्लिक डे परेड इस बार ऐतिहासिक बन गया. इस बार परेड में जम्मू-कश्मीर की 26 साल की सिमरन बाला केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की सहायक कमांडेंट अपनी फोर्स की पुरुष सदस्यीय टुकड़ी का नेतृत्व कर रही हैं. आपको बता दें कि यह पहली बार है जब एक महिला अधिकारी 140 से ज्यादा पुरुषों की टुकड़ी की कमान संभाल रही हैं.
आज दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली 77वीं गणतंत्र दिवस परेड में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की सहायक कमांडेंट सिमरन बाला इतिहास रचने जा रही हैं. जम्मू-कश्मीर की रहने वाली 26 साल की सिमरन बाला आज CRPF की पूरी तरह पुरुषों से बनी टुकड़ी का नेतृत्व कर रही हैं. यह पहला मौका है जब कोई महिला अधिकारी गणतंत्र दिवस परेड में 140 से अधिक पुरुष जवानों की टुकड़ी की कमान संभाल रही हैं.
कौन हैं सिमरन बाला?
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सिमरन बाला जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले की निवासी हैं. वे अपने जिले से देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में अधिकारी के रूप में चयनित होने वाली पहली महिला हैं. CRPF देश का सबसे बड़ा पैरामिलिट्री फोर्स है, जिसमें करीब 3.25 लाख जवान कार्यरत हैं और जो देश की आंतरिक सुरक्षा की रीढ़ माना जाता है.
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CRPF की प्रमुख जिम्मेदारियों में नक्सल प्रभावित इलाकों में अभियान, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन और पूर्वोत्तर राज्यों में उग्रवाद के खिलाफ कार्रवाई शामिल है.
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पढ़ाई से परेड तक का सफर
सिमरन बाला ने जम्मू के गांधी नगर स्थित सरकारी महिला कॉलेज से राजनीति शास्त्र में स्नातक की पढ़ाई की है. इसके बाद उन्होंने 2025 में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित CAPF सहायक कमांडेंट परीक्षा पास की और CRPF में कमीशन प्राप्त किया.
उनकी पहली तैनाती छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके में स्थित ‘बस्तरिया बटालियन’ में हुई, जहां उन्होंने नक्सल विरोधी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई. प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने CRPF अकादमी, गुरुग्राम में उत्कृष्ट प्रशिक्षण प्रदर्शन और प्रभावी सार्वजनिक भाषण के लिए विशेष पुरस्कार भी हासिल किए.
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महिला नेतृत्व की नई मिसाल
गणतंत्र दिवस परेड में सिमरन बाला का पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व करना न सिर्फ CRPF बल्कि देश की सभी अर्धसैनिक और सुरक्षा बलों के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है. यह दिखाता है कि भारतीय सुरक्षा बलों में अब नेतृत्व केवल लिंग से नहीं, बल्कि काबिलियत, अनुशासन और साहस से तय होता है.
इस साल की गणतंत्र दिवस परेड में 'वंदे मातरम' के 150 साल, भारत की सैन्य शक्ति, जिसमें ब्रह्मोस और आकाश मिसाइलें शामिल हैं, और 30 शानदार झांकियों के ज़रिए समृद्ध सांस्कृतिक विविधता का अनोखा संगम देखने को मिलेगा. पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के बाद होने वाली यह पहली गणतंत्र दिवस परेड है, जिसमें अत्याधुनिक रक्षा प्लेटफॉर्म और 29 विमानों के शानदार फ्लाईपास्ट के जरिए सैन्य शक्ति का खास प्रदर्शन किया जाएगा.
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गणतंत्र परेड में अत्याधुनिक रक्षा प्लेटफॉर्म और 2,500 कलाकारों द्वारा शानदार सांस्कृतिक प्रदर्शन होगा, जो वंदे मातरम और 'आत्मनिर्भर भारत' का जश्न मनाएंगे.