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कौन हैं Pramila Pandey जिनके सामने बुल्डोजर रोकने के लिए गिड़गिड़ाती रहीं SP MLA Nasim Solanki ?

कौन हैं बीजेपी की तेज तर्रार नेता और कानपुर की मेयर प्रमिला पांडेय जिनके सामने गिड़गिड़ाती रहीं सपा विधायक नसीम सोलंकी लेकिन इसके बावजूद नहीं रोका बुल्डोजर ?

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कुछ ऐसी ही कड़क मिजाज हैं उत्तर प्रदेश की फायर ब्रांड बीजेपी नेता और शहर कानपुर की मेयर प्रमिला पांडेय। जिन्हें कोई रिवॉल्वर दादी कहता है। तो कोई रिवॉल्वर दीदी। जिनकी उम्र भले ही 68 साल हो। लेकिन वो आज भी किसी युवा नेता से ज्यादा तेज नजर आती हैं। कभी बुल्डोजर पर चढ़ कर फूल बरसाते हुए नजर आती हैं।तो कभी लड़कियों के साथ कबड्डी खेलते हुए नजर आती हैं।


बीजेपी की तेज तर्रार नेता और कानपुर की मेयर प्रमिला पांडेय किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। साल 2017 से शहर कानपुर की मेयर की कमान संभाल रहीं प्रमिला पांडेय। अक्सर किसी ना किसी वजह से सुर्खियों में छाई रहती हैं।  कभी बुल्डोजर पर चढ़ कर तिरंगा लहराने की वजह से। तो कभी अवैध निर्माण पर बुल्डोजर चलवाने की वजह से। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ जब कानपुर के सीसामऊ में मौजूद एक नाले में गिर कर मासूम बच्चे की मौत हो गई। फिर क्या था। ये खबर जैसे ही मेयर प्रमिला पांडेय को मिली। उन्होंने तुरंत बुल्डोजर एक्शन का आदेश दे दिया और खुद भारी पुलिस बल और बुल्डोजर के साथ नाले से अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंच गईं।

जिस सीसामऊ इलाके में मेयर प्रमिला पांडेय बुल्डोजर चलवा रही थीं। वो सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी का विधानसभा क्षेत्र है। जहां से कुछ ही दिनों पहले उनकी पत्नी नसीम सोलंकी उपचुनाव जीत कर विधायक बनी हैं। और जब उन्हें बुल्डोजर एक्शन की खबर मिली तो तुरंत बुल्डोजर रुकवाने के लिए मौके पर पहुंच गईं।लेकिन उनका पाला मेयर प्रमिला पांडेय से पड़ गया ।जिनके सामने सपा विधायक नसीम सोलंकी बुल्डोजर रुकवाने के लिए गिड़गिड़ाती रहीं लेकिन प्रमिला पांडेय ने एक बात नहीं सुनी। और एक तरफ जहां बुल्डोजर गरजता रहा तो वहीं दूसरी तरफ प्रमिला पांडेय सपा विधायक को बहू बेटी बोल कर वहां से जाने के लिए कह दिया।

विधायक नसीम सोलंकी गिड़गिड़ाती रहीं लेकिन मेयर प्रमिला पांडेय ने एक नहीं सुनी।और बुल्डोजर चलवा कर ही मानीं। जिसके बाद से ही मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक मेयर प्रमिला पांडेय छा गईं।

कौन हैं प्रमिला पांडेय ?


प्रमिला पांडेय का जन्म 1958 में जौनपुर जिले के मड़ियाहूं तहसील के एक गांव में हुआ।
जिस स्कूल में प्रमिला पांडेय पढ़ीं उसमें 8वीं क्लास में लड़कों के बीच अकेले लड़की थीं।
1976 में जौनपुर के ही सिकराना तहसील के रहने वाले लक्ष्मी शंकर पांडेय से शादी हुई।
पति के साथ प्रमिला पांडेय कानपुर आ गईं, एफएम कॉलोनी में परिवार के साथ रहने लगीं ।
1995 में प्रमिला पांडेय पहली बार पार्षद बनीं और 10 दस साल तक इस पद पर बनी रहीं।
प्रमिला पांडेय BJP महिला मोर्चा में बूथ लेवल से प्रदेश स्तर तक पदाधिकारी रह चुकी हैं।
कानपुर शहर में प्रमिला पांडेय को लोग माताजी, चाची, दीदी, मौसी भी कह कर बुलाते हैं।
प्रमिला पांडेय के पास बंदूक होने की वजह से उन्हें रिवॉल्वर दादी, रिवॉल्वर दीदी भी कहते हैं।
2017 में पहली बार प्रमिला पांडेय बीजेपी के टिकट पर जीत कर कानपुर शहर की मेयर बनीं।
साल 2023 में बीजेपी ने उन्हें दोबारा टिकट दिया और एक बार फिर जीत कर मेयर बन गईं।

साल 2017 में पहली बार योगी आदित्यनाथ ने बतौर मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश की सत्ता संभाली तो वहीं दूसरी तरफ प्रमिला पांडेय भी साल 2017 में ही चुनाव जीत कर पहली बार कानपुर की मेयर बनीं। और अपने कार्यकाल में उन्होंने इतना काम किया कि बीजेपी ने जहां लगातार दूसरी बार उन्हें टिकट दिया तो कानपुर की जनता ने भी दोबारा प्रमिला पांडेय को जिता कर कानपुर शहर की मेयर बना दिया। जो हर पल हर वक्त कानपुर की जनता के साथ खड़ी नजर आती हैं। 


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