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देश में कब शुरू होगी जातिगत जनगणना? मोदी सरकार ने कर दिया तारीखों का ऐलान, जानें डिटेल

देश में दशकों बाद हो रही जातिगत जनगणना की तारीख सामने आ गई है. मोदी सरकार ने पूरी जानकारी जारी कर दी है. साथ ही जनगणना 2027 को लेकर भी डिटेल सामने आई है.

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भारत में जातिगत जनगणना को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. अब साफ हो गया है कि पूरे देश में इस प्रक्रिया की शुरुआत कब होगी. यानी कि जातिगत जनगणना कब होगी, इसकी डेट सहित पूरी जानकारी अब सामने आ गई है.

दो चरणों में होगी जातिगत जनगणना 
देश में जातीय जनगणना दो फेज में कराई जाएगी. इसका पहला चरण एक अक्टूबर 2026 से शुरू होगा. वहीं दूसरे चरण की शुरुआत एक मार्च 2027 से होगी. पहले फेज में जातिगत जनगणना चार राज्यों में कराई जाएगी. जिसमें पहाड़ी क्षेत्र उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर शामिल हैं. बता दें कि देश में पिछली बार जनगणना साल 2011 में हुई थी. 

मोदी कैबिनेट ने बीते महीने कॉस्ट सेंसस की मंजूरी दी थी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में जाति जनगणना को मंजूरी दी गई थी. केंद्र सरकार के फैसले की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया था कि कांग्रेस की सरकारों ने जाति जनगणना का विरोध किया है. 1947 के बाद से जाति जनगणना नहीं हुई. जाति जनगणना की जगह कांग्रेस ने जाति सर्वे कराया, यूपीए सरकार में कई राज्यों ने राजनीतिक दृष्टि से जाति सर्वे किया है. जनगणना का विषय संविधान के अनुच्छेद 246 की केंद्रीय सूची की क्रम संख्या 69 पर अंकित है और यह केंद्र का विषय है. हालांकि, कई राज्यों ने सर्वे के माध्यम से जातियों की जनगणना की है. जहां कुछ राज्यों में यह कार्य सुचारू रूप से संपन्न हुआ है, वहीं कुछ अन्य राज्यों ने राजनीतिक दृष्टि से और गैर-पारदर्शी ढंग से सर्वे किया है.

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जातीय जनगणना के साथ-साथ जनगणना-2027 भी होगी!

पीआईबी ने अपने बयान में बताया कि जातियों की गणना के साथ-साथ जनगणना-2027 को दो चरणों में कराने का निर्णय लिया गया है. जनगणना-2027 के लिए संदर्भ तिथि मार्च, 2027 के प्रथम दिन 00:00 बजे होगी. केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों के असमकालिक बर्फीले क्षेत्रों के लिए संदर्भ तिथि अक्टूबर, 2026 को होगी. जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 3 के प्रावधान के अनुसार उपरोक्त संदर्भ तिथियों के साथ जनगणना कराने के आशय की अधिसूचना संभवतः 16.06.2025 को आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित की जाएगी.

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बयान में आगे बताया गया है कि भारत की जनगणना, जनगणना अधिनियम, 1948 और जनगणना नियम, 1990 के प्रावधानों के अंतर्गत की जाती है. भारत की पिछली जनगणना 2011 में दो चरणों में की गई थी, अर्थात् i) चरण I – मकान सूचीकरण (एचएलओ) (1 अप्रैल से 30 सितंबर 2010) और (ii) चरण II – जनगणना (पीई) (09 फरवरी से 28 फरवरी 2011) संदर्भ तिथि - मार्च 2011 के पहले दिन 00:00 बजे, तथा जम्मू -कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के बर्फ से ढके असमकालिक क्षेत्रों के लिए यह 11 से 30 सितंबर 2010 के दौरान आयोजित की गई थी और संदर्भ तिथि अक्टूबर 2010 के पहले दिन 00.00 बजे थी .

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जनगणना 2021 को भी इसी तरह दो चरणों में आयोजित करने का प्रस्ताव था, पहला चरण अप्रैल-सितंबर 2020 के दौरान और दूसरा चरण फरवरी 2021 में आयोजित किया जाना था. 2021 में आयोजित की जाने वाली जनगणना के पहले चरण की सभी तैयारियां पूरी हो गई थीं और 1 अप्रैल, 2020 से कुछ राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में क्षेत्रीय कार्य शुरू होने वाला था. हालांकि, देश भर में कोविड-19 महामारी के प्रकोप के कारण जनगणना का काम स्थगित करना पड़ा.

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