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बात हिंदुत्व की आई तो बोले Yogi- गोल टोपी नहीं लगाना है तो नहीं लगाना है
बात हिंदुत्व की आई तो बोले Yogi Adityanath बोले- रक्षा सूत्र बांधूंगा तो रक्षा सूत्र ही बांधूंगा, गोल टोपी नहीं लगाना है तो नहीं लगाना है तो वहीं ईद मनाने को लेकर सुनिये क्या जवाब दिया !
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बात चाहे लालू यादव परिवार की हो। Akhilesh Yadav । अरविंद केजरीवाल। जैसे नेताओं की। मुस्लिम वोट बैंक के लिए इफ्तार पार्टी में दावत उड़ाना।ऐसे नेताओं की राजनीति में शामिल रहा है। बात इफ्तार पार्टी में शामिल होने तक ही। होती तो। और बात थी। लेकिन यहां तो ऐसे तमाम नेता कई मौके पर मुस्लिम टोपी भी पहने हुए नजर आए। लेकिन बात जब भगवाधारी महंत योगी आदित्यनाथ की आती है तो। योगी एक ऐसे नेता हैं। जो डंके की चोट पर बोलते हैं मैं टीका लगाता हूं और टोपी नहीं लगाऊंगा।
देश के तमाम नेताओं के लिए जाति धर्म की राजनीति करना कोई नई बात नहीं। लेकिन बात जब गोरक्षनाथ मठ के महंत योगी आदित्यनाथ की आती है। तो वो एक ऐसे नेता हैं जो अपने धर्म से कभी समझौता नहीं करते हैं। वो हिंदू हैं। तो डंके की चोट पर बोलते हैं। हम हिंदू हैं। और सनातन धर्म इस देश का राष्ट्रीय धर्म हैं।
सनातन धर्म के लिए हुंकार भरने वाले योगी आदित्यनाथ। कुछ इसी मिजाज के नेता हैं। जो अपने धर्म से कोई समझौता नहीं करते। तो वहीं दूसरे धर्मों का भी पूरा सम्मान करते हैं। इसीलिये कभी सिर पर गुरु ग्रंथ साहिब को सम्मान के साथ उठा लेते हैं। तो कभी ईद की बधाई देते हैं। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि सीएम योगी मुस्लिम वोट बैंक को खुश करने के लिए गोल टोपी लगा लें। वो तो इसके सख्त खिलाफ हैं। इसीलिये एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि।
"मैं उन लोगों में नहीं हूं जो चोरी-छुपे टीका लगाते हों, चोटी रखते हों और किसी सम्मेलन में जाकर गोल टोपी लगा कर लोगों को भरमाने का काम भी करते हों, मैं टीका लगाऊंगा तो टीका ही लगाऊंगा, रक्षा सूत्र बांधूंगा तो रक्षा सूत्र ही बांधूंगा, गोल टोपी नहीं लगाना है तो नहीं लगाना है, मुझे जो करना है, मेरी आस्था राम में है तो मैं मंदिर ही जाऊंगा, अनावश्यक रूप से दूसरे को भ्रम में नहीं रखूंगा "
बात यहीं खत्म नहीं होती। साल 2017 में योगी आदित्यनाथ ने जब पहली बार यूपी की सत्ता संभाली थी। उसके एक साल बाद जब उनसे पूछा गया था कि आपने दिवाली अयोध्या में मनाई। होली ब्रज में मनाई तो ईद कहां मनाएंगे। जिस पर सीएम योगी ने जवाब दिया था कि। मैं एक हिंदू और मैं ईद नहीं मनाता।
योगी का ये बयान बता रहा है कि वो एक हिंदू हैं। और अपने धर्म के प्रति ईमानदार हैं। तो वहीं ईद मनाने के मुद्दे पर जवाब दिया कि अगर शांतिपूर्ण तरीके से ईद मनाई जाएगी तो हमारी सरकार उनका पूरा साथ देगी। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि दूसरे नेताओं की तरह गोल टोपी लगा कर इफ्तार पार्टी करें। जिससे मुस्लिम वोट बैंक मजबूत किया जा सके। योगी और बाकी नेताओं में यही फर्क है।
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