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जब इंडोनेशिया के राष्ट्रपति पीएम मोदी के 'मिसाइल मिनिस्टर' को देखकर बोले, "मैं आपको जानता हूं, आप काफी फेमस हैं"
ब्राजील में G20 शिखर सम्मेलन के दौरान कई यादगार लम्हे देखने को मिले, लेकिन एक खास घटना ऐसी रही जिसने सभी का ध्यान खींचा। यह घटना भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच हुई। एक सामान्य परिचय के दौरान ऐसा कुछ हुआ, जिसने माहौल को खुशनुमा बना दिया।
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ब्राज़ील में हुए G20 शिखर सम्मेलन के दौरान कई महत्वपूर्ण घटनाएं घटीं, लेकिन एक घटना ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। यह घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच हुई एक अनोखी मुलाकात से जुड़ी है। यह वाकया न केवल दिलचस्प था, बल्कि भारत और इंडोनेशिया के मजबूत होते रिश्तों का प्रतीक भी बना।
ब्राज़ीलिया में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच द्विपक्षीय बैठक का कार्यक्रम तय था। जब दोनों नेता एक-दूसरे से मिले, तो गर्मजोशी से हाथ मिलाया। मोदी अपनी कुर्सी की ओर बढ़े, लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने सभी को मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया। प्रधानमंत्री मोदी के साथ विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी वहां मौजूद थे। प्रोटोकॉल के तहत अब बारी थी जयशंकर और प्रबोवो के हाथ मिलाने की। जैसे ही जयशंकर ने अपना परिचय देना शुरू किया, राष्ट्रपति प्रबोवो ने उत्साह में दो कदम आगे बढ़ते हुए जयशंकर से हाथ मिलाया।
एस. जयशंकर ने सोचा कि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति शायद उन्हें न जानते हों, इसलिए उन्होंने खुद को भारत के विदेश मंत्री के रूप में परिचित कराया। लेकिन, इसके बाद जो हुआ, उसने माहौल को खुशनुमा बना दिया। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो ने बड़े ही आत्मविश्वास और मुस्कान के साथ जयशंकर की ओर देखा और कहा, "मैं आपको जानता हूं। आप काफी फेमस हैं।" यह सुनकर जयशंकर ने सम्मानपूर्वक सिर झुका लिया और मुस्कुराने लगे। यह मजेदार संवाद सुनकर प्रधानमंत्री मोदी, जो पास में ही खड़े थे, वह भी मुस्कुरा उठे। राष्ट्रपति प्रबोवो और जयशंकर के बीच यह छोटा लेकिन आत्मीय संवाद भारत और इंडोनेशिया के बीच गहरे और मैत्रीपूर्ण संबंधों को दर्शाता है।
जयशंकर की वैश्विक पहचान
एस. जयशंकर का यह पहली बार नहीं है जब उन्हें वैश्विक मंच पर इस प्रकार का सम्मान मिला हो। भारत के विदेश मंत्री के रूप में उन्होंने भारत की विदेश नीति को मजबूती से पेश किया है। उनके बेबाक और तथ्यात्मक बयानों ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान दिलाई है। पश्चिमी देशों की आलोचना हो या रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत का संतुलित दृष्टिकोण, जयशंकर ने हर बार भारत के हितों की मजबूती से पैरवी की है। उनकी भाषण शैली और बेबाक रवैया सोशल मीडिया पर अक्सर वायरल होते हैं।
वैसे आपको बता दें कि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो हाल ही में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति बने हैं। प्रधानमंत्री मोदी और उनके बीच यह पहली औपचारिक मुलाकात थी। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच 75 साल पुराने राजनयिक संबंधों पर चर्चा की। इंडोनेशिया दक्षिण पूर्व एशिया का सबसे बड़ा मुस्लिम बहुल देश है और भारत के साथ इसका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध भी रहा है। भारत और इंडोनेशिया के बीच व्यापार और कूटनीति को और मजबूत करने के लिए यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस मुलाकात के बाद दोनों देशों के नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने पर चर्चा की। भारत और इंडोनेशिया के बीच व्यापार, रक्षा, और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में नई संभावनाओं पर जोर दिया गया।
पीएम मोदी के 'मिसाइल मिनिस्टर'
प्रधानमंत्री मोदी और एस. जयशंकर की जोड़ी भारत की विदेश नीति में एक नई ऊर्जा का प्रतीक है। जयशंकर को उनकी तेज-तर्रार और सटीक बयानबाजी के लिए 'मिसाइल मिनिस्टर' कहा जाता है। जयशंकर ने पश्चिमी देशों के "दोहरे मापदंडों" को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बार-बार उजागर किया है। चाहे वह अमेरिका हो या यूरोपीय यूनियन, उन्होंने हमेशा भारत के पक्ष को बेबाकी से रखा है।
ब्राज़ील में G20 शिखर सम्मेलन के दौरान हुआ यह छोटा सा घटनाक्रम न केवल मजेदार था, बल्कि यह भारत और इंडोनेशिया के बढ़ते कूटनीतिक संबंधों की गहराई को भी दिखाता है। जयशंकर और प्रबोवो के बीच यह संवाद एक यादगार पल बन गया, जो इस सम्मेलन की सुर्खियों का हिस्सा बना।
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