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चुनाव में उतरीं Priyanka Gandhi तो लोगों ने PM Modi को क्यों कहा Thank You ?
Priyanka Gandhi अपने भाई राहुल गांधी की वायनाड सीट से चुनाव भी लड़ने जा रही हैं तो क्या इसके पीछे सबसे बड़ी वजह मोदी सरकार है, आखिर प्रियंका के चुनाव लड़ने पर लोग पीएम मोदी को क्यों थैंक्यू बोल रहे हैं !
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एक वक्त था जब प्रियंका गांधी। अपनी मां सोनिया गांधी के लिए रायबरेली तो वहीं भाई राहुल गांधी के लिए अमेठी में चुनाव प्रचार किया करती थीं। लेकिन अब वही प्रियंका गांधी पिछले कुछ सालों से सक्रिय राजनीति में उतर गईं हैं। और अपने भाई राहुल गांधी की वायनाड सीट से चुनाव भी लड़ने जा रही हैं। तो क्या इसके पीछे सबसे बड़ी वजह मोदी सरकार है। आखिर प्रियंका के चुनाव लड़ने पर लोग पीएम मोदी को क्यों थैंक्यू बोल रहे हैं।
दरअसल सोनिया गांधी ने अपने बेटे राहुल गांधी को। साल 2004 में ही लोकसभा चुनाव लड़वा दिया था। और अमेठी से जीत कर पहली बार राहुल गांधी सांसद भी बन गये। लेकिन उनकी बहन प्रियंका गांधी साल 2024 के लोकसभा चुनाव तक। कभी मां सोनिया गांधी और राहुल गांधी के लिए। तो कभी कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार करती रहीं। लेकिन कभी खुद चुनाव नहीं लड़ीं। एक वक्त तो ऐसा था जब साल 2004 से 2014 तक कांग्रेस सत्ता में थी। लेकिन इसके बावजूद प्रियंका गांधी चुनाव नहीं लड़ीं। उस वक्त प्रियंका गांधी राजनीति में भी नहीं उतरना चाहती थीं । और जब मीडिया सवाल करता था। तो प्रियंका गांधी कहा करती थीं। "आप लोग हमेशा मेरे से पूछते हो कि राजनीति में क्यों नहीं आती हैं, यही वजह है क्योंकि मेरी समझ में आजकल राजनीति में इंसानियत नहीं है"
प्रियंका गांधी का ये बयान साल 2011 का बताया जा रहा है। जब देश में मनमोहन सरकार थी। उनकी मां सोनिया रायबरेली से सांसद थीं। और भाई राहुल गांधी अमेठी से सांसद थे। लेकिन इसके बावजूद प्रियंका गांधी को लगता था कि राजनीति में इंसानियत नहीं है। इसीलिये वो राजनीति में आने से बचती थीं। लेकिन वक्त ने पलटी मारी। कांग्रेस सरकार सत्ता से गई। और मोदी सरकार सत्ता में आ गई। तब शायद प्रियंका गांधी को ये अहसास हुआ कि राजनीति में इंसानियत है। इसीलिये उन्होंने साल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले ही सक्रिय राजनीति में उतर गईं। और
कांग्रेस ने उन्हें महासचिव बनाकर उत्तर प्रदेश भेज दिया। 2022 का यूपी चुनाव भी प्रियंका के नेतृत्व में लड़ा। फिर भी कांग्रेस 403 में से सिर्फ 2 सीट जीत पाई।
यूपी चुनाव की पहली परीक्षा में ही प्रियंका गांधी फेल हो गईं। और सिर्फ दो सीट ही कांग्रेस को जिता पाईं। लेकिन इसके बावजूद गांधी परिवार से आने वालीं प्रियंका गांधी से महासचिव के पद से इस्तीफा नहीं लिया। वो इसी पद पर बनी रहीं। और अब केरल की वायनाड लोकसभा सीट से उपचुनाव भी लड़ने जा रही हैं।
कभी कांग्रेस के सत्ता में रहते यही प्रियंका गांधी कहा करती थीं कि राजनीति में इंसानियत नहीं है। इसीलिये वो नहीं आना चाहती हैं। और अब वही प्रियंका गांधी मोदी राज में लोकसभा चुनाव लड़ने जा रही हैं। तो सोशल मीडिया पर प्रियंका को उनका पुराना बयान याद दिलाया जा रहा है। एक सोशल मीडिया हैंडल से तो प्रियंका के चुनाव लड़ने के लिए भी मोदी को वजह बताते हुए लिखा गया। थैंक्यू मोदी जी…
के ताराचंद नाम के एक सोशल मीडिया यूजर ने तंज मारते हुए लिखा।" मोदी जी ने इनको भी राजनीति में ला दिया"
प्रकाश नाम के एक यूजर ने लिखा" 2011 में राजनीति में इंसानियत नहीं थी, इसलिए प्रियंका गांधी राजनीति में नहीं आई, 2024 में राजनीति में इंसानियत आ गई तो प्रियंका भी राजनीति में आ गई"
विशाल नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा " पिछले 10 सालों में मोदी जी ने राजनीति में जो इंसानियत और ईमानदारी लाई है, उसकी वजह से प्रियंका गांधी अब राजनीति में आ सकी हैं, वो कहती थीं, 'राजनीति गंदी है, इंसानियत नहीं है', लेकिन अब बदलाव हो चुका है, क्या आप भी मानते हैं कि राजनीति में ये बदलाव आया है?
प्रियंका गांधी ने जबसे वायनाड से नामांकन भरा है। सोशल मीडिया पर कुछ इसी तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। लोग पूछ रहे हैं कि क्या मोदी सरकार के राज में राजनीति में इंसानियत आ गई है। इसीलिये प्रियंका गांधी वायनाड से चुनाव लड़ रही हैं। अब इसका जवाब तो खुद प्रियंका गांधी या कांग्रेस ही दे सकती है। वैसे आपको क्या लगता है। क्या प्रियंका गांधी वायनाड से जीत पाएंगी।
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