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ओबामा ने जब मनमोहन सिंह का ज़िक्र कर हिन्दुस्तानियों को गर्व से भर दिया था, कही थी ये बात

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुरुवार (26 दिसंबर) को दिल्ली के एम्स में आखिरी सांस ली. वो काफी लंबे वक्त से बीमार चल रहे थे. उनके जीवन और योगदान को याद करते हुए कई प्रमुख घटनाओं का जिक्र हो रहा है. इनमें से एक घटना अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के संस्मरण से जुड़ी है. ओबामा ने अपनी पुस्तक "ए प्रॉमिस्ड लैंड" में डॉ. मनमोहन सिंह की खूब सराहना की थी

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पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहे। एक महान शख़्सियत, राजनीतिज्ञ, और भारत की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने में अहम योगदान देने वाले मनमोहन सिंह का 92 साल की उम्र में दिल्ली AIIMS में निधन हो गया। इस वक़्त उनकी पूरी ज़िंदगी से जुड़े कई क़िस्से सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे हैं। लोग उनके किए गए कामों को याद कर रहे हैं। सिर्फ़ देश ही नहीं, विदेश में भी उनको याद किया जा रहा है। और इससे ये पता चलता है कि भले ही उनके कम बोलने की वजह से उनका मज़ाक़ उड़ाया जाता रहा हो, लेकिन जब वो बोलते थे तो पूरी दुनिया उनको सुनती थी। और ठीक यही बात अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कई मौकों पर कही और मनमोहन सिंह की जमकर तारीफ़ की। इसी से मनमोहन सिंह के व्यक्तित्व का पता चलता है।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की 2020 में आई किताब में भी इस बात का ज़िक्र है। ओबामा ने अपनी किताब 'A Promised Land' में मनमोहन सिंह की जमकर तारीफ़ की थी। मनमोहन सिंह भारत की अर्थव्यवस्था के आधुनिकीकरण के इंजीनियर रहे हैं, और यह ओबामा अच्छे से जानता है। तभी उन्होंने अपनी किताब में लिखा कि..

"मेरी नजर में मनमोहन सिंह बुद्धिमान, विचार और राजनीतिक रूप से ईमानदार व्यक्ति हैं। भारत के आर्थिक कायाकल्प के चीफ आर्किटेक्ट के रूप में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मुझे विकास के प्रतीक के रूप में दिखे: एक छोटे सिख समुदाय का सदस्य, जिसे कई बार सताया भी गया, जो कि इस देश के सबसे बड़े पद तक पहुंचा और वे एक ऐसे विनम्र टेक्नोक्रेट थे जिन्होंने लोगों का विश्वास उनकी भावनाओं को अपील कर नहीं जीता, बल्कि लोगों को उच्च जीवन स्तर देकर वे कामयाब हुए। उन्होंने बड़ी मेहनत से अर्जित बेईमान न होने की अपनी ख्याति कायम रखी।"

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बराक ओबामा ने जून 2010 में कनाडा में हुए जी-20 सम्मेलन के दौरान डॉ. मनमोहन सिंह से मुलाकात के बाद कहा था, "जब मनमोहन सिंह बोलते हैं, तब पूरी दुनिया सुनती है।"

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ओबामा ने यह भी बताया कि मनमोहन सिंह ने अपनी ईमानदारी की छवि को बनाए रखा और हमेशा अपने काम में पारदर्शिता बरती। ओबामा ने लिखा कि मनमोहन सिंह विदेश नीति में बहुत सतर्क रहते थे और भारतीय ब्यूरोक्रेसी की शंकाओं को समझते हुए सावधानी से काम करते थे।

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