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संसद में तू तड़ाक पर उतरे Dharmendra Yadav तो BJP बोली- लल्ला ये संसद है घर का आंगन नहीं

संसद में बोलते बोलते भाषायी मर्यादा भूलने वाले सपाई सांसद धर्मेंद्र यादव ने जिस तरह से सत्ता पक्ष के सांसद के खिलाफ अबे जैसी भाषा का इस्तेमाल किया। उस पर बुरी तरह से भड़के बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया बोले लल्ला ये संसद है घर का आंगन नहीं।

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Dharmendra Yadav : साल 2019 के लोकसभा चुनाव में मुलायम परिवार से सिर्फ मुलायम और अखिलेश ही चुनाव जीत पाए थे। लेकिन इस बार के लोकसभा चुनाव में मुलायम परिवार के पांच नेता चुनाव जीत कर संसद पहुंचे। जिनमें एक नाम Dharmendra Yadav का भी है। जो इससे पहले लगातार तीन बार सांसद भी रह चुके हैं।और चौथी बार आजमगढ़ से जीत कर संसद पहुंचे हैं। लेकिन इसके बावजूद लगता है सांसद धर्मेंद्र यादव ये नहीं सीख पाए कि संसद में किस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जाता है। इसीलिये 24 जुलाई को जब संसद में बोलना शुरू किया तो। संसद और सड़क छाप भाषा के बीच अंतर ही भूल गये।


दरअसल साल 2019 में भाजपाई संघमित्रा मौर्य से लोकसभा चुनाव हारने वाले धर्मेंद्र यादव। साल 2022 में मुलायम की सीट आजमगढ़ में हुए उपचुनाव में जब उतरे तो। यहां भाजपाई निरहुआ ने उन्हें हराकर वापस सैफई भेज दिया था। लेकिन इस बार के लोकसभा चुनाव में धर्मेंद्र यादव आखिरकार चुनाव जीत कर संसद पहुंच ही गये। और जीत के बाद 24 जुलाई को जब पहली बार संसद में बोलना शुरू किया तो।  इस दौरान सत्ता पक्ष की ओर से उन्हें जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा। जिस पर धर्मेंद्र यादव इस कदर अपना आपा खो बैठे कि। यहां तक भूल गये कि वो किसी सड़क पर नहीं खड़े हैं।  लोकतंत्र के मंदिर में खड़े हैं। और गुस्से से लाल धर्मेंद्र यादव ने सत्ता पक्ष के सांसदों के लिए अबे जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए यहां तक कह दिया कि। अबे कोई नोटिस नहीं लेता तुम्हें।

संसद में बोलते बोलते। भाषायी मर्यादा भूलने वाले सपाई सांसद धर्मेंद्र यादव ने जिस तरह से सत्ता पक्ष के सांसद के खिलाफ अबे जैसी भाषा का इस्तेमाल किया। उस पर बीजेपी बुरी तरह से भड़क गई। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने तो धर्मेंद्र यादव को मुंहतोड़ जवाब देते हुए कहा।" लल्ला भारत का संसद है घर का आंगन नहीं" boys will be boys, लड़कों से गलती हो जाती है, मायावती जी ने ऐसे ही नहीं कहा कि गुंडों की पार्टी है सपा

कभी समाजवादी पार्टी के बड़े नेता रहे गौरव भाटिया ने सपाई धर्मेंद्र यादव की अबे वाली भाषा पर कुछ इसी तरह से जवाब दिया। और समझा दिया कि ये संसद है। घर का आंगन नहीं। रही बात धर्मेंद्र यादव के गुस्सा होने की। तो आपको बता दें। धर्मेंद्र यादव दरअसल बेरोजगारी के बहाने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कह रहे थे आखिर बीस करोड़ नौजवानों का रोजगार कहां है।  जिस पर रहे थे।  सत्ता पक्ष के किसी सांसद ने कह दिया नौजवानों पर गोली तो नहीं चलवाई हमने। बस इसी बात पर भड़के धर्मेंद्र यादव अबे तबे पर उतर आए।

बात यहीं खत्म नहीं होती। बार बार टोके जाने से धर्मेंद्र यादव इस कदर गुस्सा हो गये कि सत्ता पक्ष के सांसद पर बेईमानी से जीत हासिल करने के आरोप लगाने लगे।

आजमगढ़ लोकसभा सीट से पहली बार जीत कर संसद पहुंचे धर्मेंद्र यादव ने 24 जुलाई को जब संसद में बोलना शुरू किया तो। बीच बीच में कुछ इसी तरह से आपा खोते नजर आए। सत्ता पक्ष के सांसदों को कभी अबे तबे कह कर बोलने लगे तो।  तो कभी बेईमानी से जीतने का आरोप लगाने लगे।और तमाम सपाई समर्थक धर्मेंद्र यादव के इसी भाषण को क्रांतिकारी बताने में लगे हुए हैं। वैसे आपको कैसा लगा धर्मेंद्र यादव का भाषण। 
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