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BJP ने छोड़ा Kangana का साथ तो भड़के Ajeet Bharti ने लगा दी तगड़ी क्लास

BJP सांसद कंगना रनौत ने किसान आंदोलन पर लगाया ऐसा आरोप कि भड़क गई बीजेपी, दे दी संभल कर बोलने की नसीहत, जिस पर भड़के पत्रकार अजीत भारती ने बीजेपी आलाकमान को ही जमकर आड़े हाथों ले लिया।

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बात चाहे महाराष्ट्र के ठाकरे परिवार से टक्कर लेने की हो या फिर गांधी परिवार से मोर्चा लेना हो, बीजेपी की तेज तर्रार सांसद और एक्टर कंगना रनौत। वक्त आने पर मोदी विरोधियों को सबक सिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ती हैं। यही वजह है कि बीजेपी के फायरब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ भी डंके की चोट पर उनकी तारीफ करते हैं।बॉलीवुड की दुनिया में अपनी दमदार एक्टिंग के दम पर एक अलग पहचान बनाने वालीं एक्टर और बीजेपी सांसद कंगना रनौत अपने बयानों को लेकर भी अक्सर सुर्खियों में बनी रहती हैं।

अपनी ही पार्टी में अकेली पड़ गईं कंगना रनौत

हाल ही में उन्होंने किसान आंदोलन को लेकर एक बयान में कह दिया कि - अगर हमारी लीडरशिप कमजोर होती तो देश में बांग्लादेश जैसी स्थिति हो सकती थी, सभी ने देखा कि किसान आंदोलन के दौरान क्या हुआ था। प्रदर्शन की आड़ में हिंसा फैलाई गई, वहां बलात्कार हो रहे थे, लोगों को मारकर लटकाया जा रहा था। इस स्थिति में भारत में बांग्लादेश जैसी स्थिति हो सकती थी, केंद्र सरकार ने जब कृषि कानूनों को वापस लिया तो सभी प्रदर्शनकारी चौंक गए, इस आंदोलन के पीछे एक लंबी प्लानिंग थी।

कंगना रनौत के इसी बयान के बाद विपक्ष तो विपक्ष बीजेपी आलाकमान भी उनके पीछे पड़ गया। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक ट्वीट में कहा कि-  किसानों से किए वादों को पूरा करने में नाकाम मोदी सरकार का दुष्प्रचार तंत्र लगातार किसानों का अपमान करने में जुटा हुआ है, 378 दिन चले मैराथन संघर्ष के दौरान 700 साथियों का बलिदान देने वाले किसानों को भाजपा सांसद द्वारा बलात्कारी और विदेशी ताकतों का नुमाइंदा कहना भाजपा की किसान विरोधी नीति और नीयत का एक और सबूत है, ये शर्मनाक किसान विरोधी बोल पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब समेत पूरे देश के किसानों का घोर अपमान है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

बीजेपी सांसद कंगना रनौत के बयान के बाद विपक्ष ने जब हल्ला बोलना शुरू किया तो बीजेपी आलाकमान अपनी ही सांसद का बचाव करने की बजाए। उन्हीं को चेतावनी देते हुए कह दिया कि -

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बीजेपी कंगना रनौत के बयान से असहमति व्यक्त करती है, पार्टी की ओर से, पार्टी के नीतिगत विषयों पर बोलने के लिए कंगना रनौत को न तो अनुमति है और न ही वे बयान देने के लिए अधिकृत हैं, भारतीय जनता पार्टी की ओर से कंगना रनौत को निर्देशित किया गया है कि वे इस तरह के कोई बयान भविष्य में न दें, भारतीय जनता पार्टी 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' और सामाजिक समरसता के सिद्धांतों पर चलने के लिए कृत संकल्पित है।

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बीजेपी का ये बयान बता रहा है कि उसे कहीं ना कहीं हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनाव में वोट बैंक खोने का डर सता रहा है। इसीलिये उसने कंगना रनौत के बयान का विरोध करने के साथ ही उन्हें चेतावनी भी दे डाली कि भविष्य में इस तरह के कोई बयान ना दें तो वहीं बीजेपी के इस रवैये पर पत्रकार अजीत भारती का पारा हाई हो गया। उन्होंने तो एक पोस्ट में लिखा- 

क्या किसान आंदोलन में दलित की हत्या नहीं हुई थी? क्या निहंगों ने उत्पात नहीं मचाया था? क्या समाचारों में बलात्कार की बातें नहीं आई थीं? फिर कंगना रनौत न ऐसा क्या बोल दिया जो पार्टी डिफेंड नहीं कर पा रही है, अगर ये बयान पार्टी का मत नहीं है तो बीजेपी बताए कि क्या लाल किले पर लगा खालिस्तानी झंडा पार्टी का मत है? या हजारों करोड़ की आर्थिक क्षति पार्टी का मत है जो हाई-वे जाम करने से हुई ?

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ये बात पूरा देश जानता है कि किसान आंदोलन के नाम पर किस तरह से देश की राजधानी को घेर लिया था और 26 जनवरी साल 2021 के दिन जब पूरा देश गणतंत्र दिवस के जश्न में डूबा हुआ था। तो उस वक्त इसी किसान आंदोलन के नाम पर हिंसा का तांडव किया गया और जिस लाल किले पर शान से हिंदुस्तान का तिरंगा लहराता है। उस लाल किले पर कथित किसानों ने धार्मिक झंडा लहरा दिया था। जिससे पूरा देश शर्मसार हो गया था ।बात यहीं खत्म नहीं होती खबरें तो यहां तक आईं कि सिंघु बॉर्डर पर पंजाब के युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। टिकरी बॉर्डर पर एक लड़की से दुष्कर्म की खबर आई थी और अब बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने यही बात बोल दी तो सियासी घमासान मच गया। यहां तक कि बीजेपी आलाकमान ने भी उन्हें मुंह बंद रखने की नसीहत दे दी। 

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