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ममता सरकार के खिलाफ चट्टान की तरह खड़ा हो गया एक अकेला साधू तो क्या बोले पत्रकार अजीत भारती ?

RG Kar Medical College: ट्रेनी डॉक्टर के साथ दरिंदगी के खिलाफ सड़कों पर उतरी जनता के खिलाफ ममता सरकार ने किया पुलिस फोर्स का इस्तेमाल तो चट्टान की तरह खड़ा हो गया एक अकेला साधू, जिनकी पूरे देश में हो रही है तारीफ।

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देश की राजधानी दिल्ली में साल 2012 में जिस तरह से दरिंदगी की शिकार निर्भया के लिए पूरा हिंदुस्तान सड़कों पर उतर आया था। करीब बारह साल के लंबे इंतजार के बाद एक बेटी को न्याय दिलाने के लिए पश्चिम बंगाल में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। नौ अगस्त की रात बंगाल की राजधानी कोलकाता के एक अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ बलात्कार के बाद जिस बेरहमी के साथ उसे मौत के घाट उतारा गया था। उस वीभत्स वारदात के खिलाफ पूरा बंगाल सड़कों पर उतर आया है। जिन्हें रोकने के लिए ममता सरकार ने सारी हदें पार करते हुए पुलिस फोर्स सड़कों पर उतार दी। जिसने विरोध प्रदर्शन करने वालों पर जमकर लाठियां बरसाईं। पानी की बौछार की और आंसू गैस के गोले भी दागे। इसी दौरान कोलकाता की सड़कों पर सीना तान कर खड़े एक ऐसे भगवाधारी साधू की तस्वीर सामने आई जिसे देख कर लग रहा था मानो ये भगवा धारी बंगाल की सत्ता पर बैठीं ममता सरकार को ललकार रहा हो।

भगवाधारी साधू की साहसिकता

तन पर भगवा, हाथ में तिरंगा और सामने थी ममता सरकार की पुलिस। जो प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लगाता पानी की बौछार कर रही थी। जिससे तमाम प्रदर्शनकारी मैदान छोड़ कर पीछे हट गए। कोई डटा रहा, तो वो है भगवाधारी साधू। जिसने ममता सरकार की पुलिस से डर कर पीछे हटने की बजाए। डट कर मुकाबला करना बेहतर समझा। और पानी की तेज बौछार के बावजूद बुजुर्ग साधु हाथ में तिरंगा लिए पुलिस वालों को ललकारते रहे कि और पानी की बौछार फेंको। फिर भी हम पीछे हटने वालों में नहीं हैं।बात यहीं खत्म नहीं होती। निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर पानी की तेज बौछार करने वाली ममता सरकार की पुलिस को इसी साधू ने ललकारते हुए यहां तक कह दिया कि निहत्थों पर पानी की बौछार करने से बेहतर है चूड़ियां पहन लो।

साधू के हौसले की तारीफ

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डॉक्टर बेटी के साथ हुई दरिंदगी के खिलाफ आवाज उठा रहे भगवाधारी साधू जिस तरह से चट्टान की तरह ममता सरकार की पुलिस के खिलाफ डट कर खड़े हो गए। उनके इस हौसले की देश भर में तारीफ हो रही है। पत्रकार अजीत भारती ने साधू बाबा की इस तस्वीर पर लिखा- जाओ कह दो तानाशाह से, हम नहीं डरते उसके आतंक से। छाती तान कर खड़ा भारतीय नागरिक ममता बनर्जी के आतंक को झेलने को तिरंगा ले कर आगे बढ़ रहा है।एक और पत्रकार हर्ष वर्धन त्रिपाठी ने लिखा- हर अन्याय, तानाशाही के सामने भगवा और भगवाधारी ही हमेशा लड़ पाते हैं और विजयी होते हैं।आनंद विद्यार्थी नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा- क्या विचित्र दृश्य है! वाटर कैनन का सामना कर रहा एक भगवाधारी बीच सड़क पर तिरंगा लहरा रहा है।पत्रकार चंद्रमणि शुक्ला ने साधू के हौसले को सलाम करते हुए लिखा- भगवाधारी बुजुर्ग ने अकेले ही पूरी ममता सरकार को उसकी हैसियत बता दी, इशारे तो समझिए।एक यूजर ने तो ये व्यंग्यात्मक कार्टून पोस्ट किया है- जिसमें सीएम ममता वॉटर टैंकर पर खड़ी हैं और उनके सामने हाथ में तिरंगा लेकर एक साधू खड़ा है।काजल हिंदुस्तानी ने भागवाधारी साधू पर लिखा- औरंगजेब बाबर पर भारी, एक अकेला भगवाधारी।

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ममता सरकार की मुसीबतें

ममता सरकार की पुलिस के सामने सीना तान कर खड़े भगवाधारी साधू के हौसले को सलाम करते हुए सोशल मीडिया पर कुछ इसी तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आपको बता दें... डॉक्टर बेटी के साथ बलात्कार के बाद जिस तरह से हत्या की गई। उसके बाद से ही बंगाल में बवाल मचा हुआ है। मंगलवार को जहां छात्रों ने मुख्यमंत्री आवास तक विरोध प्रदर्शन किया। तो वहीं बुधवार को बीजेपी ने बंगाल बंद बुलाया,जिसकी वजह से ममता सरकार की मुसीबतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। यही वजह है कि डॉक्टर बेटी से रेप और हत्या मामले में चौतरफा घिरी ममता सरकार ने अब विरोध प्रदर्शन को कुचलने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। जिसका खूब विरोध हो रहा है।

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