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Gym और दर्जी से जुड़ा क्या है महिला आयोग का प्रस्ताव, Detail में समझिये !

साल 2017 में पहली बार यूपी की सत्ता में आते ही योगी सरकार बहन बेटियों की सुरक्षा को लेकर बेहद सख्त रही है इसीलिये सबसे पहले एंटी रोमियो स्क्वॉड का गठन किया गया तो वहीं अब पुरुष टेलर महिलाओं के कपड़े की नाप नहीं ले पाएंगे, क्या है पूरा मामला देखिये ये खास रिपोर्ट !

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उत्तर प्रदेश में जो कभी नहीं हुआ ।वो योगी राज में हो रहा है। जिन माफियाओं को कभी चुनाव लड़ाया जाता था। उन माफियाओं के साम्राज्य को मिट्टी में मिलाया जा रहा है। जिन मुसलमानों ने सड़क पर नमाज पढ़ने की आदत डाली थी। वो मुसलमान भी अब सड़क पर नहीं मस्जिद में नमाज पढ़ते हैं। जिन लाउड स्पीकर से अजान की आवाजें गूंजती थीं। वो लाउडस्पीकर भी मस्जिदों से हटवा दिये गये। और अब योगी के यूपी में एक और नया फरमान आ गया है। जिसने दर्जी की दुकान और जिम चलाने वालों के माथे पर पसीना ला दिया है।


दरअसल साल 2017 में पहली बार यूपी की सत्ता में आते ही योगी सरकार बहन बेटियों की सुरक्षा को लेकर बेहद सख्त रही है। इसीलिये सबसे पहले एंटी रोमियो स्क्वॉड का गठन किया गया। तो वहीं खुद सीएम योगी गुंडे बदमाशों को एक बार नहीं।  कई बार चेतावनी दे चुके हैं। बहन बेटियों को छेड़ा तो। पुलिस तुम्हें नहीं छोड़ेगी। बहन बेटी को छेड़ा तो अगले चौराहे पर यमराज इंतजार करेगा।

योगी की ये दहाड़ बता रही है बहन बेटियों की सुरक्षा के लिए सरकार कितनी संवेदनशील है और अब तो इसी बीच उत्तर प्रदेश महिला आयोग का एक ऐसा प्रस्ताव आ गया है। जिस पर यूपी ही नहीं पूरे देश में चर्चा छिड़ गई है। क्योंकि कुछ ही दिनों पहले महिला आयोग की हुई बैठक में महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों के संरक्षण को लेकर चर्चा हुई।  जिसमें ये फैसला लिया गया कि।

महिला जिम और योगा सेंटर में महिला ट्रेनर का होना जरूरी है। महिला जिम का सत्यापन और CCTV भी एक्टिव होना चाहिए। अभ्यर्थियों को पहचान पत्र देख कर ही प्रवेश दिया जाए। विद्यालयों की बसों में महिला सुरक्षाकर्मी या शिक्षिका जरूर हों। नाट्य कला केंद्रों में महिला डांस ट्रेनर, CCTV की व्यवस्था हो।
बुटीक सेंटर पर कपड़ों की नाप लेने के लिए महिला टेलर ही हों। कोचिंग सेंटर पर CCTV और वॉशरूम की सुविधा होना अनिवार्य है। महिला कपड़ों के बिक्री केंद्रों पर महिला कर्मचारी होना जरूरी है।

यूपी महिला आयोग की बैठक में लिये गये इन फैसलों का सभी सदस्यों ने समर्थन किया। तो वहीं यूपी महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने इन फैसलों के बारे में कहा। "मैं बस इतना चाहती हूं कि अगर किसी महिला को पार्लर में पुरुष कर्मचारी की सेवाएं लेनी हैं तो उसे इस बात को लिखकर देना होगा"

यूपी महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने पुलिस वैरिफिकेशन पर भी जोर देते हुए कहा कि। "पार्लर, जिम और टेलर के यहां पुरुष कर्मचारी होने पर इसका सत्यापन पुलिस से जरूर कराया जाए"

बहन बेटियों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर यूपी महिला आयोग ने सख्त फैसले लिये तो संतों के संगठन ने भी इसका स्वागत किया। अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज ने इस मामले पर कहा। "यूपी में पुरुष टेलर नहीं ले सकेंगे महिलाओं के कपड़ों की माप, ना मेल ट्रेनर जिम में दे पाएंगे ट्रेनिंग, महिला आयोग का प्रस्ताव अत्यंत सराहनीय है हम इसका समर्थन करते हैं"

यूपी के महिला आयोग की ओर से बहन बेटियों की सुरक्षा और उनके अधिकारों से जुड़े प्रस्ताव आए तो साधु संतों ने इसका पूरा समर्थन किया। तो वहीं अब देखने वाली बात ये होगी। महिला आयोग के इस प्रस्ताव का यूपी पर क्या असर पड़ता है। वैसे आप महिला आयोग के प्रस्ताव को किस नजरिये से देखते हैं। क्या पुरुष टेलर को महिलाओं के कपड़े के नाप नहीं लेने चाहिए। क्या जिम में महिलाओं के लिए भी अलग से महिला ट्रेनर होनी चाहिए।  



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