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होली-जुमा विवाद के बीच रंग-पिचकारी बेच रहे मुस्लिमों ने Modi और Yogi पर क्या कहा ?

हिंदुओं की होली और मुसलमानों की जुमे की नमाज एक साथ पड़ने पर, यूपी से लेकर बिहार तक सियासी माहौल गरमाया हुआ है तो वहीं इसी बीच काशी में रंग, गुलाल और पिचकारी बेच रहे मुस्लिम दुकानदारों ने क्या कुछ कहा आइये आपको सुनाते हैं !

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हिंदुओं की होली और मुसलमानों की जुमे की नमाज एक साथ पड़ने पर। यूपी से लेकर बिहार तक। भले ही सियासी माहौल गरमाया हो। लेकिन लगता है महादेव की काशी पर इसका कोई असर नहीं है। यही वजह है कि धर्म नगरी काशी में धड़ल्ले से मोदी। योगी। राहुल गांधी। और ममता बनर्जी जैसे नेताओं के नाम पर रंग गुलाल और पिचकारी बिक रहे हैं।तो वहीं इनकी दुकान लगाने वालों में भी हिंदुओं के साथ साथ बड़ी संख्या में मुसलमान भी शामिल हैं।

दरअसल संभल सीओ अनुज चौधरी ने होली और जुमे की नमाज एक साथ पड़ने पर मुसलमानों को जिस तरह से होली वाले दिन घर में ही नमाज पढ़ने की नसीहत दी है। पूरे यूपी में जैसे सियासी बवाल मचा हुआ है। नेताओं से लेकर मुसलमान तक उनके बयान का विरोध कर रहे हैं। तो वहीं इसी बीच महादेव की काशी से एक ऐसी खबर आई जिसे देख कर ऐसा लग रहा जैसे मानो होली और जुमा का कोई विवाद ही नहीं है। क्योंकि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक अलग ही नजारा देखने को मिला। जहां मुस्लिम समाज के लोग हिंदुओं के लिए दुकान लगा कर रंग, गुलाल और पिचकारी बेचते हुए नजर आए।और पिचकारी भी ऐसी वैसी नहीं। मोदी।योगी। ममता। राहुल गांधी जैसे नेताओं के नाम वाली पिचकारी। रंग गुलाल बेचते हुए नजर आए।


एक और दुकानदार शकील अहमद भी रंग गुलाल और पिचकारी की दुकान लगाए हुए हैं। जिनकी दुकान पर आपको मोदी योगी के साथ साथ दिल्ली की नई नई सीएम बनीं रेखा गुप्ता के नाम की पिचकारी भी आपको देखने को मिल जाएगी।

हड़हा सराय और दालमंडी बाजार काशी ही नहीं पूरे पूर्वांचल की एक बड़ी बाजार है।जहां होली दिवाली से लेकर ईद बकरीद तक। कोई भी बड़ा त्योहार हो। हर सामान की फुटकर से लेकर थोक बिक्री होती है।और दूर दूर से लोग खरीदने भी आते हैं। सबसे बड़ी बात तो ये है कि हड़हा सराय और दालमंडी में ज्यादातर दुकानें भी मुस्लिम समाज के लोगों की ही है। जिन्हें देख कर लगता है कि कुछ मुसलमानों को भले ही रंग से परहेज हो। लेकिन परवेज अहमद और शकील अहमद जैसे मुसलमानों को रंग से कोई परहेज नहीं है। वो तो होली पर रंग और गुलाल की दुकान भी सजाते हैं। वैसे भी मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी के मुताबिक नमाज के लिए जाते वक्त रंग के छींटे भी पड़ जाए। तब भी कपड़े नापाक नहीं होते।

होली और जुमे की नमाज को लेकर संभल से शुरू हुआ सारा विवाद तो रंग का ही है। सीओ संभल अनुज चौधरी ने रंग को लेकर ही तो बयान दिया था कि जिन मुसलमानों को रंग से परेशानी है वो होली के दिन घर में ही रहें।

आपको बता दें यूपी से शुरु हुआ होली और जुमे की नमाज का विवाद बिहार तक पहुंच गया है। जहां बीजेपी विधायक ने भी मुसलमानों को होली के दिन घर में रहने की हिदायत दी। जिस पर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी जवाब देते हुए कहा था कि ये बिहार है यहां एक मुसलमान की रक्षा में पांच छ हिंदू खड़े हो जाएंगे।

बहरहाल एक तरफ जहां यूपी से लेकर बिहार तक। होली और जुमे की नमाज को लेकर राजनीति गरमायी हुई है। तो वहीं दूसरी तरफ पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मुस्लिम समाज के लोग ही रंग और गुलाल बेच रहे हैं। 
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