Advertisement
Yogi विरोध में उतरे Akhilesh और Owaisi को दिग्गज पत्रकार Ashok Srivastava ने क्या गजब का जवाब दिया है ?
जबसे योगी सरकार ने दुकानदारों को दुकानों पर अपना नाम लिखने का फरमान जारी किया है।उस फरमान पर सपाई मुखिया अखिलेश यादव से लेकर हैदराबादी सांसद असदुद्दीन ओवैसी जैसे नेता इतना बवाल नहीं काटते, ऐसे नेताओं को अब वरिष्ठ पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने बड़े ही मजेदार अंदाज में जवाब दिया है
Advertisement
कभी मशहूर साहित्यकार सेक्स पियर ने कहा था नाम में क्या रखा है? लेकिन आज अगर वो जिंदा होते और योगी के उत्तर प्रदेश में होते तो समझ जाते कि नाम में बहुत कुछ रखा है। क्योंकि अगर वाकई नाम में कुछ नहीं रखा होता तो,जबसे योगी सरकार ने दुकानदारों को दुकानों पर अपना नाम लिखने का फरमान जारी किया है।उस फरमान पर सपाई मुखिया अखिलेश यादव से लेकर हैदराबादी सांसद असदुद्दीन ओवैसी जैसे नेता इतना बवाल नहीं काटते। ऐसे नेताओं को अब वरिष्ठ पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने बड़े ही मजेदार अंदाज में जवाब दिया है।
योगी का फरमान, मुस्लिमों के नाम पर घमासान
बॉलीवुड का सदाबहार गाना सावन का महीना पवन करे शोर तो आपने सुना ही होगा, लेकिन यहां तो उत्तर प्रदेश में हाल ये हो गया है कि योगी सरकार के एक आदेश के खिलाफ सावन के महीने में सियासी नेताओं ने ही शोर मचाना शुरू कर दिया है। क्योंकि हर साल की तरह इस बार भी मुजफ्फरनगर जिला प्रशासन ने कांवड़ रूट पर पड़ने वाले सभी दुकानदारों को अपनी दुकान पर खुद के नाम के साथ ही दुकान के मालिक का भी नाम लिखने का आदेश दे दिया है।बस इसी आदेश के खिलाफ देश भर में बवाल मचा हुआ है, सपाई मुखिया अखिलेश यादव कह रहे हैं कि-
Advertisement
मुजफ्फरनगर पुलिस ने जनता के भाईचारे और विपक्ष के दबाव में आकर आखिरकार होटल, फल, ठेलों वालों को अपना नाम लिखकर प्रदर्शित करने के प्रशासनिक आदेश को स्वैच्छिक बनाकर जो अपनी पीठ थपथपायी है, उतने से ही अमन-औ-चैन पसंद करनेवाली जनता मानने वाली नहीं है, ऐसे आदेश पूरी तरह से खारिज होने चाहिए, माननीय न्यायालय सकारात्मक हस्तक्षेप करते हुए शासन के माध्यम से ये सुनिश्चित करवाए कि भविष्य में ऐसा कोई भी विभाजनकारी काम शासन-प्रशासन नहीं करेगा, ये प्रेम और सौहार्द से उपजी एकता की जीत है।
Advertisement
एक तरफ जहां अखिलेश यादव योगी के आदेश को कोर्ट से खारिज करवाने पर तुले हुए हैं, तो वहीं दूसरी तरफ हैदराबाद में बैठे सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सीधे योगी को चैलेंज दे दिया।
मुजफ्फरनगर जिला प्रशासन ने हिंदू हों या मुसलमान सभी दुकानदारों को अपनी दुकान पर नाम लिखने का आदेश दिया है। लेकिन इसके बावजूद अखिलेश और ओवैसी जैसे नेता ऐसा माहौल बनाने में जुटे हुए हैं जैसे मानो ये आदेश सिर्फ मुसलमानों के लिए जारी किया गया हो। ऐसे नेताओं को अब डीडी न्यूज के वरिष्ठ पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने गजब तरीके से जवाब दिया है, 20 जुलाई को किये गये एक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा-
Advertisement
आज कल कथित सेकुलर पार्टियां नाम बताने के विरोध और नाम छुपाने के समर्थन में उतरी हुई हैं इसलिए सपा और AIMIM के प्रवक्ता से प्रोग्राम शुरू होने से पहले ही अनुमति ले ली कि प्रोग्राम में उनका नाम छुपाना है या बताना है।
यह भी पढ़ें
दरअसल 18 जुलाई को डीडी के खास प्रोग्राम दो टूक में पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने जब मुजफ्फरनगर के मुद्दे पर चर्चा शुरू की तो, इस चर्चा में सपा प्रवक्ता अशोक को भी बुलाया था और AIMIM प्रवक्ता हाजी मेहरदीन रंगरेज को भी बुलाया था।लेकिन ना तो उनका नाम लिया और ना ही उनका नाम लिखवाया गया क्योंकि इन दिनों यूपी के मुजफ्फरनगर जिले में दुकानदारों को दुकान पर अपना नाम लिखवाने का आदेश दिया गया है।जिसका सबसे ज्यादा विरोध सपा और AIMIM ही कर रही है,यही वजह है कि पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने सपा प्रवक्ता अशोक यादव और AIMIM प्रवक्ता हाजी मेहरदीन रंगरेज से पहले उनकी अनुमति लेते हुए पूछा कि क्या हम आपका नाम ले सकते हैं या फिर दिखा सकते हैं। जब दोनों प्रवक्ताओं की अनुमति मिली, जिसके बाद उनका नाम लिखा गया और फिर चर्चा शुरू हुई।