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Waqf Bill: Congress का ‘सेकुलर दांव’ भी फेल, Nitish के सिपाही ने कर दिया ‘खेल’ !

बात जब वक्फ संशोधन बिल की आई तो कांग्रेस मुस्लिमों के नाम पर सीधे नीतीश कुमार पर दबाव डालने की कोशिश करने लगी जिस पर नीतीश के सिपाही ललन सिंह ने भी ऐसा जवाब दिया… कि कांग्रेस के एजेंडे की हवा ही निकल गई !

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लोकसभा चुनाव में देश की जनता ने भले ही सरकार बनाने के लिए बहुमत नहीं दिया। लेकिन इसके बावजूद बीजेपी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने में कामयाब रही तो पीएम मोदी भी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाली। क्योंकि नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने उन्हें समर्थन दे दिया। यही वजह है कि बात जब वक्फ संशोधन बिल की आई तो कांग्रेस मुस्लिमों के नाम पर सीधे नीतीश कुमार पर दबाव डालने की कोशिश करने लगी। जिस पर नीतीश के सिपाही ललन सिंह ने भी ऐसा जवाब दिया। कि कांग्रेस के एजेंडे की हवा ही निकल गई।

दरअसल बिहार में 18 फीसदी मुस्लिम आबादी है। और लालू तेजस्वी की राजनीति ही मुस्लिम यादव यानि MY समीकरण पर चलती है। यही वजह है कि लालू परिवार चाह कर भी वक्फ संशोधन बिल का समर्थन नहीं कर सकता। इसीलिये उसने विरोध करना ही बेहतर समझा। तो वहीं नीतीश कुमार की छवि भी बिहार में एक सेकुलर नेता की रही है। वो हिंदुओं के लिए मंदिर भी चले जाते हैं और मुसलमानों के लिए उनकी टोपी लगाकर इफ्तार पार्टी में भी चले जाते हैं। बस यही बात उनके विरोधियों को शायद रास नहीं आ रही है। इसीलिये कांग्रेस नेता जयराम रमेश वक्फ बिल संसद में पेश होने से पहले ही नीतीश कुमार की सेकुलर नेता वाली छवि पर बट्टा लगाने की कोशिश करने लगे। और मुस्लिमों का नाम लेकर वक्फ बिल का विरोध करने की मांग कर दी।
 
कांग्रेस नेता जयराम रमेश को लग रहा था कि मुस्लिमों का नाम लेंगे तो नीतीश कुमार वक्फ संशोधन बिल मामले में पल्टी मार जाएंगे। जिससे सदन में ये संशोधन बिल गिर जाएगा। लेकिन उनकी ये कोशिश नाकाम रही। क्योंकि सीएम नीतीश कुमार के सिपाही और JDU सांसद ललन सिंह ने खुद मोर्चा संभालते हुए जयराम रमेश को मुंहतोड़ जवाब दिया। और एक बयान में कहा कि ।जेडीयू को या नीतीश कुमार को कांग्रेस से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है। नीतीश कुमार ने बीस सालों तक सरकार में रहते हुए मुसलमानों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक उत्थान और विकास के लिए जो कर दिया उतना किसी सरकार ने नहीं किया


वक्फ बिल के विरोध के नाम पर कांग्रेस सीएम नीतीश कुमार की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही थी। लेकिन जेडीयू नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने उनकी इस कोशिश को बेनकाब कर दिया। और एक एक काम गिनाते हुए बता दिया कि सीएम नीतीश कुमार के लिए मुस्लिम समाज सिर्फ एक वोट बैंक नहीं हैं। सरकार उनके लिए काम भी करती है। इतना ही नहीं। बात जब संसद में वक्फ संशोधन बिल का समर्थन करने की आई तो खुद ललन सिंह इसके पक्ष में दहाड़ते हुए नजर आए।

पहले संसद के बाहर और फिर संसद के अंदर। नीतीश के सिपाही ललन सिंह को जहां भी मौका मिला। विपक्ष को उधेड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ा। क्योंकि ललन सिंह भी ये बात अच्छी तरह से जानते हैं कि विपक्ष वक्फ बिल के विरोध के नाम पर राजनीति कर रहा है। क्योंकि इसी साल अक्टूबर नवंबर में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। और वक्फ बिल के विरोध के बहाने विपक्ष बिहार चुनाव के लिए अपनी जमीन तैयार करने में लगा हुआ है। लेकिन बिहार में बैठे नीतीश कुमार असली खिलाड़ी के तौर पर उभर कर सामने आए और कांग्रेस का सेकुलर वाला आखिरी दांव भी धराशायी कर दिया। तो वहीं उनके सिपाही ललन सिंह ने भी संसद में विपक्ष की बखिया उधेड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। वैसे आपको क्या लगता है। वक्फ बिल संसद से पास हो जाने के बाद बिहार में सत्ता पक्ष या विपक्ष। किसे नुकसान पहुंचाएगा। 
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