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Waqf Act: Maulana Madani ने मुसलमानों से क्यों कहा सड़क पर मतर उतरो ?

Yogi के यूपी में मुसलमान सीएए विरोध की तरह सड़कों पर उतर कर वक्फ संशोधन कानून का विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं और अब तो खुद जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी मुसलमानों से अपील कर रहे हैं कि हमें वक्फ कानून के खिलाफ सड़क पर नहीं उतरना चाहिए !

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मोदी सरकार साल 2020 में जब नागरिकता संशोधन कानून लेकर आई थी तो सड़कों पर उतर कर मुसलमानों ने पूरे देश में इसका जबरदस्त विरोध किया था।ये विरोध प्रदर्शन भी इस कदर था कि सरेआम सड़कों पर हिंसा का तांडव किया गया था।सरकारी बसें फूंक दी गई थीं। थाने जला दिये गये थे। देश का कोई भी ऐसा राज्य नहीं था जो सीएए विरोध के प्रदर्शन की आग में न झुलसा हो। यहां तक कि उत्तर प्रदेश में भी सीएए विरोध के नाम पर खूब हिंसा की गई थी। लेकिन जल्द ही ये अराजकता उन्हें भारी पड़ गई जब योगी सरकार ने चौक चौराहों पर दंगाइयों के पोस्टर लगवा दिये थे और जिसने भी सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था। भरपाई भी उन्हीं से करवाई गई थी।


सीएए विरोध के नाम पर सड़क पर उतर कर हिंसा को अंजाम देने वाले दंगाइयों की योगी सरकार ने ऐसी कमर तोड़ी थी कि इसका खौफ लगता है आज भी बरकरार है। इसीलिये कम से कम योगी के यूपी में लगता है मुसलमान सीएए विरोधी प्रदर्शन की तरह सड़कों पर उतर कर वक्फ संशोधन कानून का विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। यहां तक कि खुद जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी मुसलमानों से अपील कर रहे हैं कि हमें वक्फ कानून के खिलाफ सड़क पर नहीं उतरना चाहिए। हमारी लड़ाई सरकार से है और हम इस कानून के खिलाफ कोर्ट जाएंगे।

अखिलेश यादव, राहुल गांधी, उद्धव ठाकरे, लालू यादव, केजरीवाल जैसे तमाम विपक्षी नेताओं की पार्टी ने संसद में वक्फ बिल का भारी विरोध किया था। जिसके लिए मौलाना अरशद मदनी ने विपक्षी पार्टियों को धन्यवाद भी दिया।

पीएम मोदी की वजह से साल 2014 से विपक्ष देश की सत्ता से बाहर है। लेकिन इसके बावजूद मौलाना मदनी को ये उम्मीद है कि जिन विपक्षी पार्टियों ने आज वक्फ संशोधन बिल का विरोध किया है।वो जब देश की सत्ता में आएंगी तो वक्फ संशोधन कानून को खत्म कर देंगी। अब मोदी, अमित शाह और योगी आदित्यनाथ जैसे धाकड़ नेताओं के होते हुए मौलाना मदनी की ये इच्छा कब तक पूरी होती है। ये तो फिलहाल वक्त बताएगा। लेकिन इतना जरूर है कि गृहमंत्री अमित शाह ने डंके की चोट पर सदन में दहाड़ते हुए ऐलान कर दिया है कि संसद से पास हुआ कानून सबको मानना ही पड़ेगा।

एक तरफ गृहमंत्री अमित शाह ने ऐलान कर दिया है कि संसद से कानून पास हुआ तो इसे देश के हर नागरिक को मानना ही पड़ेगा। तो वहीं दूसरी तरफ योगी के यूपी में मुसलमान वक्फ संशोधन कानून का विरोध करने की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहे हैं। क्योंकि ये बात वो भी जानते हैं कि अगर सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन किया। और विरोध प्रदर्शन के नाम पर हिंसा। अराजकता को अंजाम दिया तो सत्ता में योगी सरकार बैठी है जो दंगाइयों के पोस्टर लगवा कर नुकसान की भरपाई करवाना भी अच्छी तरह से जानती है। शायद यही वजह है कि खुद अरशद मदनी जैसे बड़े मौलना मुसलमानों से अपील कर रहे हैं कि हमें वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ सड़कों पर नहीं उतरना चाहिए। कानूनी लड़ाई लड़नी चाहिए। 
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