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भारत से रवाना हुए व्लादिमीर पुतिन, एस जयशंकर ने एयरपोर्ट से किया विदा, दोनों देशों के बीच 21 समझौतों पर बनी सहमति

व्लादिमीर पुतिन स्वदेश रवाना होने से पहले भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा दिए गए सम्मान डिनर कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां राष्ट्रपति भवन में पुतिन का औपचारिक स्वागत हुआ, इसमें कांग्रेस पार्टी की तरफ से एकमात्र नेता शशि थरूर को आमंत्रण मिला था और वह इसमें शामिल हुए. इसके अलावा अन्य नेताओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और रूस के डेलिगेशन के प्रमुख सदस्य शामिल हुए.

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत के दो दिवसीय दौरे के बाद मॉस्को के लिए रवाना हो चुके हैं. इससे पहले शुक्रवार की शाम भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पुतिन के सम्मान में राष्ट्रपति भवन में भोज का आयोजन किया. इस भोज कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा कई अन्य नेता भी शामिल हुए. पुतिन को एयरपोर्ट से भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने विदा किया. इससे पहले रूसी राष्ट्रपति के भारत आगमन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद प्रोटोकॉल तोड़कर रिसीव करने एयरपोर्ट पहुंचे थे. वहीं पुतिन ने भी अपनी सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़ते हुए खुद की गाड़ी को छोड़कर प्रधानमंत्री मोदी के साथ फॉर्च्यूनर में रवाना हुए थे. पुतिन के भारत दौरे पर दोनों ही देशों के बीच कई अहम समझौतों पर सहमति बनी. 

राष्ट्रपति भोज में शामिल हुए पुतिन

व्लादिमीर पुतिन स्वदेश रवाना होने से पहले भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा दिए गए सम्मान डिनर कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां राष्ट्रपति भवन में पुतिन का औपचारिक स्वागत हुआ, इसमें कांग्रेस पार्टी की तरफ से एकमात्र नेता शशि थरूर को आमंत्रण मिला था और वह इसमें शामिल हुए. इसके अलावा अन्य नेताओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और रूस के डेलिगेशन के प्रमुख सदस्य शामिल हुए. बता दें कि भारत और रूस के बीच 21 एग्रीमेंट हुए. 

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'आज का दिन हमारे लिए विशेष महत्व रखता है'

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पुतिन के सम्मान में आयोजित किए गए डिनर सम्मान को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि 'आज का दिन हमारे लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि हम भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी की 25वीं वर्षगांठ मना रहे हैं. भारत-रूस की साझेदारी, शांति स्थिरता, पारस्परिक सामाजिक-आर्थिक और तकनीकी प्रगति के लिए साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है. वर्ष 2025 हमारे बहुमुखी संबंधों के लिए एक बेहद सफल वर्ष रहा है. 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन का संयुक्त बयान हमारे लिए विशेष संबंध को व्यक्त करता है और हमारे द्विपक्षीय जुड़ाव को गहरा करने के लिए एक व्यापक रोडमैप पेश करता है.' 

भारत और रूस के बीच 21 बड़े समझौते

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राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे पर दोनों देशों के बीच कुल 21 बड़े समझौते पर सहमति बनी. इनमें एनर्जी, मोबिलिटी, शिपिंग, फूड, फर्टिलाइजर, कॉमर्स, मीडिया और टेक्सटाइल सेक्टर से जुड़े कुल 21 एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए. वहीं भारत और रूस दोनों देशों ने एक साथ मिलकर अगले 5 साल के अंदर आपसी व्यापार को 70 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 100 मिलियन डॉलर तक पहुंचाने का टारगेट रखा है. इस दौरान दोनों देशों के प्रधानमंत्री ने एक-दूसरे की जमकर तारीफ की. पीएम मोदी ने कहा कि 'पिछले 25 साल से पुतिन भारत के साथ रूस की दोस्ती को मजबूत बनाने में जुटे हुए हैं. इसके काफी अच्छे नतीजे भी देखने को मिल रहे हैं.'

पुतिन ने की प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ 

भारत दौरे पर पहुंचे पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ की. इस दौरान पुतिन ने कहा कि 'जिस तरह कल भारत आने पर मोदी उन्हें रिसीव करने खुद एयरपोर्ट पहुंचे और उनके दौरे को जितना महत्व दिया, उसके लिए वह तह-ए-दिल से शुक्रिया अदा करते हैं.' पुतिन ने कहा कि 'मोदी उनके सबसे अच्छे और पक्के दोस्त हैं. दुनिया के तमाम मसलों पर अक्सर फोन पर लंबी बातचीत करते रहते हैं. इस दोस्ती की वजह से ही वह भारत से जुड़े कई प्रोजेक्ट पर निजी रूप से भी नजर बनाए रखते हैं.' 

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भारत तकनीकी रूप से संप्रभु बन रहा है- पुतिन

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आगे कहा कि 'मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत एक स्वतंत्र और संप्रभु नीति का पालन कर रहा है और साथ ही बहुत अच्छे परिणाम भी प्राप्त कर रहा है. आज भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. प्रधानमंत्री मोदी की मजबूत आर्थिक नीति और मेक इन इंडिया कार्यक्रम जैसी ऐतिहासिक पहल की बदौलत भारत तकनीकी रूप से संप्रभु बन रहा है. भारत का आईटी और फार्मास्युटिकल क्षेत्र दुनिया में अग्रणी स्थान रखता है.'

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पुतिन दो दिन के भारत दौरे के बाद शुक्रवार रात दिल्ली से मॉस्को रवाना हो गए. रवाना होने से पहले पुतिन ने भारत-रूस संबंधों को 'साथ चलें, साथ बढ़ें' की साझेदारी बताया और भविष्य में सहयोग और मजबूत होने की उम्मीद जताई. 

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