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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से दिया इस्तीफा, स्वास्थ्य कारणों की वजह से लिया बड़ा फैसला, पीएम मोदी और साथी सदस्यों का जताया आभार

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा पत्र सौंपा है.

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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने  स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से पत्र के जरिए इसकी घोषणा की. इस दौरान उन्होंने पत्र के जरिए प्रधानमंत्री मोदी और मंत्रिपरिषद के सभी सदस्यों का आभार जताया है. बता दें कि पिछले दिनों एक कार्यक्रम के दौरान अचानक से उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया था, जहां वह एक पूर्व सांसद के कंधे पर अचानक से गिर गए थे. 

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दिया इस्तीफा

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा सौंपते हुए एक पत्र के जरिए बताया कि 'स्वास्थ्य की प्राथमिकता और चिकित्सकीय परामर्श का पालन करते हुए, मैं संविधान के अनुच्छेद 67(क) के अंतर्गत भारत के उपराष्ट्रपति पद से तत्काल प्रभाव से अपना इस्तीफा सौंप रहा हूँ. मैं भारत की महामहिम राष्ट्रपति के रूप में आपको, आपके निरंतर समर्थन और मेरे कार्यकाल के दौरान हमारे मधुर एवं सहयोगपूर्ण संबंधों के लिए अपनी गहन कृतज्ञता प्रकट करता हूँ.'

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'प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद के सदस्यों का आभार जताया'

अपने पत्र में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और मंत्रिपरिषद के सभी सम्मानित सदस्यों की प्रति आभार जताया है. उन्होंने लिखा है कि 'मैं माननीय प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद के समस्त सम्माननीय सदस्यों के प्रति भी आभार व्यक्त करता हूँ. प्रधानमंत्री जी का सहयोग और समर्थन मेरे लिए अत्यंत मूल्यवान रहा है, और मैंने इस पद पर रहते हुए बहुत कुछ सीखा है. संसद के सभी माननीय सदस्यों से जो स्नेह, विश्वास और अपनापन मुझे मिला, वह सदैव मेरी स्मृतियों में संजोया रहेगा.'

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'मेरे लिए गौरव और संतोष का विषय रहा'

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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ पत्र में आगे लिखा कि 'मैंने जिस प्रकार के अनुभव और दृष्टिकोण प्राप्त किए, उनके लिए मैं अत्यंत आभारी हूँ. हमारे महान लोकतंत्र की सेवा कर पाना मेरे लिए गौरव और संतोष का विषय रहा. इस ऐतिहासिक समय में भारत की अद्वितीय आर्थिक प्रगति और अभूतपूर्व विकास यात्रा का साक्षी बनना और उसका हिस्सा होना मेरे जीवन का एक विशेष सम्मान रहा है. इस गरिमामय पद से विदा लेते हुए, मैं भारत के वैश्विक उदय और अद्भुत उपलब्धियों पर गर्व अनुभव करता हूँ और उसके उज्ज्वल भविष्य में मेरा विश्वास अटूट है. सभी के प्रति गहन सम्मान और आभार.'

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