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वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश का निधन, पिता ने सोशल मीडिया पर शेयर किया भावुक पोस्ट
Agnivesh passes away: वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का बुधवार, 7 जनवरी 2026 को अमेरिका में निधन हो गया. उनकी उम्र मात्र 49 वर्ष थी.
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Agnivesh Passes Away: वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का बुधवार, 7 जनवरी 2026 को अमेरिका में निधन हो गया. उनकी उम्र मात्र 49 वर्ष थी. अग्निवेश वेदांता समूह की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL) के निदेशक मंडल में भी शामिल थे. उनके निधन की जानकारी उनके पिता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की और इस बड़ी क्षति को अपने शब्दों में व्यक्त किया. अनिल अग्रवाल ने कहा कि “आज मेरी जिंदगी का सबसे काला दिन है. मेरा प्यारा बेटा अग्निवेश हमें बहुत जल्दी छोड़कर चला गया.”
पिता ने सोशल मीडिया पर व्यक्त किया दुख
अनिल अग्रवाल ने बताया कि अग्निवेश बिल्कुल स्वस्थ और जीवन से भरपूर थे. वह बीमारी से उबर रहे थे और अमेरिका में स्कीइंग के दौरान हुए हादसे के बाद न्यूयॉर्क के माउंट सीनाई अस्पताल में इलाज करवा रहे थे. हालांकि उनकी सेहत में सुधार हो रहा था और सभी को लगा कि सबसे बुरा समय बीत चुका है, लेकिन अचानक दिल का दौरा उनके जीवन का अंत बन गया. अनिल अग्रवाल ने कहा, “कोई भी शब्द उस दर्द को बयां नहीं कर सकता, जो एक माता-पिता तब महसूस करते हैं जब उन्हें अपने ही बच्चे को हमेशा के लिए अलविदा कहना पड़े. एक बेटे को पिता से पहले नहीं जाना चाहिए.”
अग्निवेश का बचपन और जीवन
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अनिल अग्रवाल ने अपने बेटे को याद करते हुए बताया कि अग्निवेश का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था. वह एक मध्यम वर्गीय परिवार से थे. बचपन में अग्निवेश चंचल और शरारती थे और अपनी मां के बेहद प्यारे थे. अपनी बहन प्रिया के लिए वह हमेशा प्रोटेक्टिव रहते थे. अनिल अग्रवाल ने बताया कि अग्निवेश जीवन से भरे, सपनों वाले और हमेशा हंसते-मुस्कुराते रहने वाले इंसान थे. वह दोस्तों में भी हमेशा प्रिय और मिलनसार थे.
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अग्निवेश के साथ साझा किए गए सपने
अनिल अग्रवाल ने अपने बेटे के साथ अपने सपनों को याद किया. उन्होंने कहा कि उन्होंने अग्निवेश के साथ मिलकर समाज के लिए बड़े फैसले और योजनाएं बनाई थीं. उनका सपना था कि कोई भी बच्चा भूखा न सोए, हर बच्चा पढ़ाई से वंचित न रहे, हर महिला अपने पैरों पर खड़ी हो और युवाओं को रोजगार मिले. अनिल अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने अग्निवेश से वादा किया था कि जो कुछ भी कमाया जाएगा, उसका 75% से ज्यादा समाज को लौटाया जाएगा. अनिल अग्रवाल ने फिर से यह वादा दोहराया और कहा कि वह सादा जीवन जीने का संकल्प लेते हैं.
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परिवार और समाज के लिए छोड़ी खाली जगह
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अग्निवेश अग्रवाल का जाना न केवल उनके परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि समाज और कंपनी के लिए भी एक बड़ा झटका है. उनके पिता ने भावपूर्ण शब्दों में बताया कि यह क्षति उन्हें तोड़ कर रख गई है और अभी पूरी तरह समझ पाना मुश्किल है. अग्निवेश ने अपनी ज़िंदगी में केवल परिवार ही नहीं, बल्कि समाज और कर्मचारियों के लिए भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. उनकी यादें और उनके द्वारा साझा किए गए सपने हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे.