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वाराणसी कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी... जिला जज को मिला धमकी भरा ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

वाराणसी में शुक्रवार सुबह जिला जज को धमकी भरा ईमेल मिला, जिसमें वाराणसी कचहरी, इलाहाबाद हाईकोर्ट और अन्य न्यायालय परिसरों में दोपहर 1 बजे तक 18 धमाकों की चेतावनी दी गई. सूचना मिलते ही कचहरी परिसर खाली कराया गया. एक लावारिस अटैची मिलने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है. शहर के जिला न्यायालय में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब जिला जज को एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ. इस ईमेल में वाराणसी कचहरी के साथ-साथ प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट और प्रदेश के कई अन्य जनपदों के न्यायालय परिसरों को बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी.

शुरुआती जानकारी के अनुसार ईमेल भेजने वाले ने दोपहर 1 बजे का समय तय करते हुए सिलसिलेवार 18 धमाके करने की बात कही. जैसे ही यह सूचना पुलिस प्रशासन तक पहुंची, तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी गई. कचहरी परिसर को खाली कराने की प्रक्रिया आनन-फानन में शुरू हुई. वादकारियों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. इसी दौरान परिसर में एक लावारिस अटैची मिलने से सनसनी और बढ़ गई. बम निरोधक दस्ता उसकी गहन जांच में जुट गया. सिर्फ कचहरी ही नहीं, बल्कि कलक्ट्रेट के कार्यालयों और रजिस्ट्री दफ्तरों को भी एहतियातन खाली कराया गया. ईमेल में अयोध्या कचहरी का भी नाम होने के कारण वहां भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और चप्पे-चप्पे की तलाशी ली जा रही है.

तमिलनाडु से भेजा गया ईमेल

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पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह ईमेल तमिलनाडु के रहने वाले सुनिया डासन नामक व्यक्ति की ओर से भेजा गया है. ईमेल में केवल बम धमाकों की धमकी ही नहीं दी गई, बल्कि तमिलनाडु सरकार और मीडिया के कथित गठजोड़ को लेकर गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं. मेल में दावा किया गया है कि वर्ष 2021 तक मीडिया को नियंत्रित करने की साजिश रची जा रही थी और बड़े पत्रकारों को अपने पक्ष में इस्तेमाल किया जा रहा था. ईमेल में कई सनसनीखेज बातें लिखी गई हैं. हालांकि पुलिस इन दावों की सत्यता की जांच कर रही है और किसी भी आरोप की पुष्टि आधिकारिक रूप से नहीं की गई है. अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में अक्सर भ्रामक और उत्तेजक आरोप लगाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जाती है.

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सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क

धमकी मिलते ही पुलिस कमिश्नरेट, डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता सक्रिय हो गया. कचहरी परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. हर संदिग्ध वस्तु की बारीकी से जांच की जा रही है. वाराणसी के साथ-साथ प्रयागराज और अन्य संवेदनशील जिलों में भी अलर्ट जारी किया गया है. साइबर सेल की टीम ईमेल के मूल स्रोत का पता लगाने में जुटी है. आईपी एड्रेस और डिजिटल लोकेशन को ट्रेस किया जा रहा है. इस मामले में तमिलनाडु पुलिस से भी संपर्क साधा गया है ताकि आरोपी की पहचान और उसकी मंशा का सही आकलन किया जा सके.

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प्रारंभिक जांच में क्या सामने आया

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पहली नजर में यह किसी शरारती या मानसिक रूप से अस्थिर व्यक्ति की हरकत प्रतीत हो रही है. लेकिन 18 धमाकों की स्पष्ट चेतावनी को हल्के में नहीं लिया जा सकता. यही कारण है कि प्रशासन कोई भी जोखिम उठाने को तैयार नहीं है.जानकारों का मानना है कि न्यायालय जैसे संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाने की धमकी समाज में भय का वातावरण पैदा करने की रणनीति हो सकती है. ऐसे मामलों में त्वरित प्रतिक्रिया और सटीक जांच बेहद जरूरी होती है.

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फिलहाल वाराणसी में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है. सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं. आम लोगों से भी अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें. प्रशासन का साफ संदेश है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी.

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