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आपदा प्रभावितों के लिए उत्तरांचल ग्रामीण बैंक और सेंट जोसेफ अकादमी ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दान किया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से 'युवा आपदा मित्र योजना' के अंतर्गत प्रदेश के 4310 युवाओं को आपदा प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इन युवाओं को भूकंप, बाढ़, भूस्खलन, अग्निकांड जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों की सभी तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे ये युवा ग्रामीण और सीमांत क्षेत्रों में, या प्रतिकूल परिस्थितियों के समय समाज के बीच रहकर त्वरित सहायता प्रदान करेंगे.
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में उत्तरांचल ग्रामीण बैंक के प्रतिनिधियों ने मुलाकात की. इस दौरान बैंक प्रतिनिधियों ने उत्तराखंड में आपदा प्रभावितों की सहायता और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए 35 लाख रुपए से अधिक की धनराशि मुख्यमंत्री राहत कोष में दान की.
आपदा प्रभावितों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में दान
मुख्यमंत्री ने इस सहयोग के लिए बैंक प्रबंधन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योगदान आपदा प्रभावितों की सहायता और पुनर्निर्माण कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. उन्होंने कहा, "समाज के सभी वर्गों की ओर से किया गया सहयोग अत्यंत सराहनीय है और इससे पीड़ितों को राहत प्रदान करने में भी सहायता मिलेगी."
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इसके अलावा, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में सेंट जोसेफ अकादमी, देहरादून के स्कूल प्रबंधन ने भी मुलाकात की. उन्होंने आपदा पुनर्निर्माण कार्यों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में 10 लाख रुपए की धनराशि प्रदान की.
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मुख्यमंत्री धामी ने सेंट जोसेफ अकादमी का आभार व्यक्त किया
मुख्यमंत्री ने सेंट जोसेफ अकादमी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योगदान आपदा प्रभावितों की सहायता और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक आपदा प्रभावित व्यक्ति के साथ खड़ी है.
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‘युवा आपदा मित्र योजना’ से बढ़ेगी आपदा प्रबंधन क्षमता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से 'युवा आपदा मित्र योजना' के अंतर्गत प्रदेश के 4310 युवाओं को आपदा प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इन युवाओं को भूकंप, बाढ़, भूस्खलन, अग्निकांड जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों की सभी तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे ये युवा ग्रामीण और सीमांत क्षेत्रों में, या प्रतिकूल परिस्थितियों के समय समाज के बीच रहकर त्वरित सहायता प्रदान करेंगे.
राज्य सरकार के अनुसार, युवा आपदा मित्र योजना के तहत एनएसएस स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण एसडीआरएफ जौलीग्रांट में जारी है. 4,310 स्वयंसेवकों में एनएसएस के 850, एनसीसी के 1,700, नेहरू युवा केंद्र के 850 और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के 910 स्वयंसेवक शामिल हैं. एसडीआरएफ जौलीग्रांट में 17 बैचों में कुल 1,220 स्वयंसेवकों (नेहरू युवा केंद्र के 576 और एनएसएस के 644) को प्रशिक्षण मिलेगा.
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यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में 13 अक्टूबर से मार्च 2026 तक चरणबद्ध रूप में चलेगा.