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Uttarakhand Forest Fire: CM Dhami ने अधिकारियों को दिखाया रौद्र रूप, लापरवाही करने वालों की विदाई तय
सीएम धामी बार-बार अपने अधिकारियों को संदेश दे रहे थे कि ग्राउंड पर जाकर काम करना होगा। इसमें थोड़ी सी भी लापरवाही बहुत खतरनाक साबित हो सकता है। लेकिन जब यही बात कुछ अधिकारियों को समझ में नहीं आई तो उन्होंने कर्मचारियों के सस्पेंशन के आदेश दे दिए।
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जंगलों में लगी आग को बुझाने का काम धामी सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। और इस चुनौती से निपटने में सरकार और उनके अधिकारी दिन रात जुटे हुए हैं। सीएम धामी ने फिलहाल चुनावी कार्यक्रमों से खुद को दूर कर लिया है, कारण है राज्य की जनता के प्रति उनका किया वादा।
सीएम धामी अब तक अपने अधिकारियों को हर मोर्चे पर जाकर आग बुझाने की बात कह रहे थे। लेकिन जब इससे बात नहीं बनी तो उन्होंने लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ बड़ा एक्शन ले लिया है। ताकि बाकी अधिकारियों को ये बात तुरंत समझ में आ जाए कि मामला कितना गंभीर है। सीएम धामी ने देहरादून में एक साथ सभी अधिकारियों को अपने सामने बैठाकर कह दिया कि, अब काम नहीं करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, और लगे हाथ इसकी शुरूआत भी कर दी।
सीएम धामी का गुस्सा हाई!
- 17 अधिकारियों के खिलाफ सरकार ने की कार्रवाई
- धामी सरकार ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की है
- सभी कर्मचारियों को सीएम धामी ने चेतावनी भी दी है
सीएम धामी बार-बार अपने अधिकारियों को संदेश दे रहे थे कि ग्राउंड पर जाकर काम करना होगा। इसमें थोड़ी सी भी लापरवाही बहुत खतरनाक साबित हो सकता है। लेकिन जब यही बात कुछ अधिकारियों को समझ में नहीं आई तो उन्होंने कर्मचारियों के सस्पेंशन के आदेश दे दिए। पिछले कुछ दिनों से सीएम धामी अलग अलग राज्यों में लोकसभा चुनाव का प्रचार कर रहे थे। लेकिन अभी कुछ दिनों के लिए उन्होंने वापस देहरादून लौटने का फैसला किया है। ताकि जंगल में जो आग लगी है। उस पर काबू पाया जा सके।
जिस बैठक में सीएम धामी गुस्से में अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की, उस बैठक के बाद उन्होंने कहा कि…
धामी ने अधिकारियों से क्या कहा?
- प्रदेश के जंगलों में लगी आग, एक बड़ी समस्या और चुनौती बनी हुई है
- जिम्मेदार अधिकारियों को फील्ड में जाने को निर्देश दिए गए थे.
- अधिकारी फील्ड में जाकर वहां से काम कर रहे हैं.
- जिसके बाद रिपोर्ट है कि जंगलों में आग की घटनाएं आधी से भी कम हो गई है
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने और भी कई तरह के निर्देश दिए हैं। जिसमें कंट्रोल रूम को फौरन कार्रवाई करने की बात कही गई है। फायर स्टेशनों पर जंगलों में आग की सूचनाओं पर तुरंत कार्रवाई करने से लेकर इसकी तत्काल सूचना DFO, CCF, PCCF को देने की बात कही गई है।
इसके बाद खुद सीएम धामी रुद्रप्रयाग के पास जंगल में बिखरी हुई पिरूल की पत्तियों को इकठ्ठा किया। और जन-जन को इसके साथ जुड़ने का संदेश भी दिया। ये बात सही है कि पिरूल की सूखी पत्तियां वनाग्नि का सबसे बड़ा कारण होती हैं। सरकार ने प्लान किया है कि पिरुल को इकट्ठा किया जाए ताकि आग पर काबू पाने में आसानी हो। इसके लिए धामी सरकार ने पिरुल लाओ-पैसे पाओ मिशन को शुरू करने की बात कही गई है।
आग रोकने के लिए नया प्लान?
- सरकार 'पिरूल लाओ-पैसे पाओ' मिशन पर काम कर रही है
- सरकार की ओर से पिरुल कलेक्शन सेंटर बनाया गया है
- सेंटर पर 50 रू प्रति किलो की दर से पिरुल खरीदे जाएंगे
इस मिशन का संचालन पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा किया जा रहा है। और इसके लिए ₹50 करोड़ का कार्पस फंड भी रखा गया है। ये सारे प्लान उत्तराखंड के भविष्य के लिए बेहतर साबित होने वाला है। और बड़ी बात ये कि खुद सीएम धामी इन कार्यक्रमों के जरिए उत्तराखंड को आग से बचाने का काम कर रहे हैं। जो कि आने वाले दिनों में भी राज्य के लिए अच्छा साबित होने वाला है।
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