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भारत से रिश्ते सुधारने में जुटा अमेरिका, पहले सर्जियो गोर, अब रूबियो-जयशंर की बात, India-US ट्रेड डील पर बड़ी अपडेट

नए साल में भारत से रिश्ते सुधारने में अमेरिका लग गया है. पहले ट्रंप के करीबी भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारत को अमेरिका का सबसे जरूरी पार्टनर, देश करार दिया और अब यूएस विदेश मंत्री मार्को रूबियो की एस जयशंर से बात हुई है. संकेत मिलने लगे हैं कि ट्रेड डील पर जल्द कुछ होने वाला है.

Marco Rubio S Jaishankar (File Photo)
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अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर जारी अटकलों के बीच बीते दो दिन के अंदर दो बड़ी डेवलपमेंट हुई है. दरअसल सोमवार को भारत के लिए नियुक्त अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने अपना पदभार संभाला और उन्होंने भारत को अमेरिका के लिए दुनिया में सबसे जरूरी देश करार दिया. इसके एक दिन बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के बीच फोन पर बातचीत हुई है. कहा जा रहा है कि इस दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई है. 

दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की हुई टेलीफोन पर बातचीत की जानकारी जानकारी भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और स्वयं विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा दी. सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बताया कि दोनों के बीच सकारात्मक बातचीत हुई है और अगले महीने संभावित बैठक के संबंध में भी चर्चा हुई है.

भारत-अमेरिका के विदेश मंत्रियों की फोन पर बात

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सर्जियो गोर ने एक्स पर लिखा कि मार्को रुबियो और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ एक सकारात्मक बातचीत हुई. उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार वार्ता, महत्वपूर्ण खनिजों और अगले महीने संभावित बैठक के संबंध में आगे के कदमों पर चर्चा की. वहीं, एस जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि मार्को रुबीओ के साथ एक अच्छी बातचीत समाप्त हुई. व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों, परमाणु सहयोग, रक्षा और ऊर्जा पर चर्चा हुई. इन और अन्य मुद्दों पर संपर्क में रहने पर सहमति बनी है.

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भारत के साथ संबंध को पटरी पर लाने में जुटा अमेरिका

कहा जा रहा है कि नए साल में नई उर्जा के साथ ट्रंप प्रशासन भारत के साथ संबंधों को पटरी पर लाना चाहता है. ट्रंप के अधिकारी रिश्तों में जम रही बर्फ को साफ करने लगे हैं. ईरान में जारी तनाव, वेनेजुएला पर हमला, ग्रीनलैंड पर दावा...कुछ ऐसे मुद्दे हैं जहां अमेरिका को दुनियाभर के देशों का समर्थन चाहिए. हालांकि इसकी संभावना कम ही है कि भारत ट्रंप के इन एक्शंस का समर्थन करेगा, लेकिन कोशिश है कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और ग्लोबल साउथ का लीडर भारत उसके साथ रहे, ना साथ रहे, कम से कम विरोधी खेमे में भी ना जाए. इसी कारण आपने देखा होगा कि भारत को पैक्स सिलिका जैसे इलीट अमेरिकी लीग में पूर्ण मेंबर के रूप में आमंत्रित किया गया है.

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भारत को इलीट अमेरिकी लीग 'पैक्ससिलिका' के पूर्ण मेंबर के रूप में आमंत्रण

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने यह भी घोषणा की कि अगले महीने भारत को 'पैक्ससिलिका' में पूरे सदस्य के तौर पर शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा गया है. उन्होंने बताया कि 'पैक्ससिलिका' एक नई पहल है जिसे अमेरिका ने पिछले महीने ही शुरू किया है. इसका मकसद जरूरी मिनरल्स और एनर्जी इनपुट से लेकर एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, एआई डेवलपमेंट और लॉजिस्टिक्स तक एक सुरक्षित, खुशहाल और इनोवेशन पर आधारित आपूर्ति श्रृंखला विकसित करना है.

'SHANTI BILL' का भी अमेरिका ने किया था स्वागत

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इतना ही नहीं इससे पहले अमेरिका ने भारत के नये सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ़ न्यूक्लियर एनर्जी फ़ॉर ट्रांसफ़ॉर्मिंग इंडिया बिल, 2025 यानी SHANTI BILL का स्वागत किया था. आपको बता दें भारत में अमेरिकी दूतावास ने एक्स पर पोस्ट किया, "हम भारत के नये शांति बिल का स्वागत करते हैं, जो एक मज़बूत ऊर्जा सुरक्षा साझेदारी और शांतिपूर्ण नागरिक परमाणु सहयोग की दिशा में एक कदम है." "अमेरिका ऊर्जा क्षेत्र में जॉइंट इनोवेशन और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए तैयार है."  

इससे संकेत मिलने लगे थे कि दोनों देश फिर से रिश्तों को सुधारकर, कूटनीतिक, रणनीतिक रिश्तों को नई ऊंचाईयों पर ले जाना चाहते हैं. मालूम हो कि टैरिफ, रूस के साथ तेल के कारोबार और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर यूएस के दावे को खारिज किए जाने के बाद दोनों देशों के रिश्ते बिगड़ गए. हालांकि, व्यापार को लेकर दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है.

यूएस कांग्रेसमैन्स का भारत को लेकर बड़ा बयान

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इस बीच, अमेरिका के प्रभावशाली सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत की वैश्विक भूमिका को आकार देने वाला एक महत्वपूर्ण नेता बताया. सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (सीएसआईएस) के एक कार्यक्रम में बोलते हुए, प्रतिनिधि रिच मैककॉर्मिक ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का दृष्टिकोण भारत के विकास लक्ष्यों के अनुरूप एक मजबूत राष्ट्रीय फोकस को दर्शाता है. मैककॉर्मिक ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी एक अच्छे अर्थ में बेहद राष्ट्रवादी हैं."

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उन्होंने आगे कहा कि वह अपने देश की देखभाल ठीक वैसे ही कर रहे हैं जैसे हम अपने देश की करते हैं. वह अपने देश में उत्पादकता, विस्तार और प्रौद्योगिकी लाना चाहते हैं." मैककॉर्मिक ने कहा कि अमेरिकी सांसद प्रधानमंत्री मोदी के घरेलू क्षमता निर्माण पर जोर देने को समझते हैं, जिसमें रक्षा और विनिर्माण क्षेत्र भी शामिल हैं.

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