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'भारत से ज्यादा जरूरी कोई देश नहीं...', पदभार संभालते ही अमेरिकी राजदूत बोले- भारतीय लोग मजबूत, अद्भुत और इनोवेटिव
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दिल्ली में अपना पदभार संभालते हुए बड़ी बात कही है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के लिए भारत से ज्यादा जरूरी पार्टनर कोई देश नहीं है. उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत ही नमस्ते से की और भारत की संस्कृति और रंग की तारीफ की.
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भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास में अपना पदभार संभाला. उन्होंने इस दौरान नमस्ते से अपने भाषण की शुरुआत करते हुए भारत, भारत की संस्कृति, टैलेंट, सभ्यता और लोगों के व्यवहार की तारीफ की. उन्होंने अपने पहले के भारत के दौरे के अनुभव को याद करते हुए कहा कि उनके लिए गर्व की बात है कि जहां वो दुबारा घूमने आना चाहते थे वहां वो बतौर अमेरिकी राजदूत बनकर आए हैं.
भारत से ज्यादा जरूरी कोई देश नहीं: सर्जियो गोर
उन्होंने इस दौरान कहा कि अमेरिका के लिए भारत से ज्यादा जरूरी या पार्टनर कोई देश नहीं है. इतना ही नहीं उन्होंने ट्रेड डील को लेकर कहा कि कल यानी मंगलवार को दोनों देशों के अधिकारियों के बीच इसे लेकर बात होने वाली है. उन्होंने ये भी कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी मार्केट, आबादी और लोकतंत्र है. ऐसे में इस तरह के देश में ट्रेड डील पर बात करने में समय तो लगता है.
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राष्ट्रपति ट्रम्प और प्रधानमंत्री मोदी की दोस्ती पक्की: गोर
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अमेरिकी राजदूत गोर ने दावा किया कि राष्ट्रपति ट्रम्प और प्रधानमंत्री मोदी की दोस्ती पक्की है और असली है. उन्होंने कहा कि सच्चे दोस्त असहमत हो सकते हैं, लेकिन अंत में हमेशा अपने मतभेदों को सुलझा लेते हैं. इसके गोर ने उम्मीद जताई है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अगले एक से दो साल में भारत का दौरा कर सकते हैं. अपने पहले संबोधन की शुरुआत ‘नमस्ते’ से करने वाले भारत में अमेरिकी राजदूत होना उनके लिए गर्व की बात है. उन्होंने भारत को एक असाधारण राष्ट्र बताया और यहां काम करने को सम्मान की बात कहा.
ट्रेड डील पर आई बड़ी अपडेट
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आपको बता दें कि भारत और अमेरिका लगातार ट्रेड डील पर बातचीत कर रहे हैं और अगली बैठक मंगलवार को प्रस्तावित है. यह बयान नई दिल्ली में हाल ही में नियुक्त हुए की ओर से सोमवार को दिया गया. अमेरिकी दूतावास में कार्यभार संभालने के दौरान स्टाफ और पत्रकारों से बातचीत करते हुए गोर ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए शुभकामनाएं भेजी हैं.
गोर ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच दोस्ती असली है और भारत एवं अमेरिका का रिश्ता केवल आपसी हितों पर केंद्रित नहीं है, बल्कि बल्कि उच्चतम स्तर पर बने रिश्तों से भी बंधे हुए हैं." उन्होंने आगे कहा,"सच्चे मित्र कई मुद्दों पर असहमत हो सकते हैं, लेकिन आखिर में आपसी मतभेद को सुलझा ही लेते हैं."
मतभेद के बावजूद बातचीत जारी: गोर
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गोर के मुताबिक, भारत और अमेरिका के बीच व्यापार काफी महत्वपूर्ण है और इसके अलावा दोनों देश सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ, एनर्जी, टेक्नोलॉजी, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे. उन्होंने आगे बताया कि टैरिफ और बाजार पहुंच को लेकर मतभेद होने के बावजूद दोनों देश आपस में संपर्क बनाए रखे हुए हैं.
अमेरिका ने भारत को पैक्ससिलिका' के पूर्ण मेंबर के लिए किया आमंत्रित!
गोर ने यह भी घोषणा की कि अगले महीने भारत को 'पैक्ससिलिका' में पूरे सदस्य के तौर पर शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा गया है. उन्होंने बताया कि 'पैक्ससिलिका' एक नई पहल है जिसे अमेरिका ने पिछले महीने ही शुरू किया है. इसका मकसद जरूरी मिनरल्स और एनर्जी इनपुट से लेकर एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, एआई डेवलपमेंट और लॉजिस्टिक्स तक एक सुरक्षित, खुशहाल और इनोवेशन पर आधारित आपूर्ति श्रृंखला विकसित करना है.
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उन्होंने आगे कहा, "पिछले महीने इस ग्रुप में शामिल होने वाले देशों में जापान, दक्षिण कोरिया, यूनाइटेड किंगडम और इजराइल शामिल हैं. भारत के शामिल होने से यह ग्रुप और मजबूत होगा."
अमेरिकी कॉमर्स सेक्रेटरी के बयान पर कन्फ्यूजन दूर
गोर के बयान से अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लूटनिक की टिप्पणियों से पैदा हुआ ज्यादातर कन्फ्यूजन दूर हो गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत-अमेरिका व्यापार बातचीत इसलिए रुक गई है क्योंकि पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को फोन नहीं किया.
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विदेश मंत्रालय ने लूटनिक के बयान को खारिज करते हुए कहा, "रिपोर्ट में बताई गई बातों में इन चर्चाओं का जो जिक्र किया गया है, वह सही नहीं है." विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "भारत दो कॉम्प्लिमेंट्री इकोनॉमी के बीच आपसी फायदे वाले ट्रेड डील में दिलचस्पी रखता है और इसे पूरा करने की उम्मीद करता है."