Advertisement

Loading Ad...

CM योगी का आदेश, UP के शिक्षकों को 25 हजार देकर करना होगा 6 महीने का ये कोर्स, नहीं किया तो जा सकती है नौकरी

CM Yogi: इससे ब्रिज कोर्स को लेकर शिक्षकों में जो तनाव और भ्रम था, वह काफी हद तक खत्म होने की उम्मीद है. शिक्षकों का कहना है कि जब कोर्स अनिवार्य है, तो आवेदन की प्रक्रिया भी आसान और बिना रुकावट की होनी चाहिए.

Image Source: Social Media
Loading Ad...

 UP teachers 6 Months Course Compulsory: प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में बीएड योग्यता के आधार पर नियुक्त शिक्षकों के लिए छह महीने का ब्रिज कोर्स करना अनिवार्य किया गया है. यह कोर्स राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान एनआईओएस (NIOS) के जरिए पूरी तरह ऑनलाइन कराया जा रहा है. इस कोर्स की फीस 25 हजार रुपये तय की गई है. सरकार का उद्देश्य है कि प्राथमिक शिक्षा में पढ़ा रहे शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रशिक्षित और योग्य हों.

करीब 35 हजार शिक्षकों पर लागू है यह नियम

प्रदेश में ऐसे करीब 35 हजार शिक्षक हैं, जिनकी नियुक्ति बीएड के आधार पर हुई है और जिनके लिए यह ब्रिज कोर्स जरूरी है. खासकर वे शिक्षक जिनकी नियुक्ति 26 जून 2018 से 11 अगस्त 2023 के बीच हुई है, उन्हें यह कोर्स करना ही होगा. इसी को लेकर बड़ी संख्या में शिक्षक एनआईओएस की वेबसाइट पर आवेदन करने की कोशिश कर रहे थे.

Loading Ad...

आवेदन की तारीख बढ़ने से मिली राहत

Loading Ad...

पहले ब्रिज कोर्स के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 25 दिसंबर रखी गई थी, लेकिन बहुत से शिक्षक समय पर आवेदन नहीं कर पाए. इसे देखते हुए अब एनआईओएस ने आवेदन की तारीख बढ़ाकर 19 जनवरी कर दी है. तारीख बढ़ने से उन शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है, जो किसी न किसी कारण से फॉर्म नहीं भर पा रहे थे.

तकनीकी दिक्कतों ने बढ़ाई थी परेशानी


Loading Ad...

कई शिक्षकों ने बताया कि एनआईओएस (NIOS) की रजिस्ट्रेशन वेबसाइट पर नियुक्ति तिथि भरने में तकनीकी समस्या आ रही थी. खासतौर पर 11 अगस्त 2023 के बाद नियुक्त शिक्षकों को परेशानी हो रही थी, क्योंकि वेबसाइट पर उसी तारीख तक की चयन सुविधा मिल रही थी. इसके बाद की तारीख डालने का कोई विकल्प नहीं था, जिस कारण वे आवेदन से वंचित रह गए थे.

शुल्क और असमंजस भी बना कारण


कुछ शिक्षक ऐसे भी थे जो यह सोचकर रुके हुए थे कि शायद शुल्क विभाग की ओर से मिलेगा, इसलिए उन्होंने आवेदन नहीं किया.वहीं कुछ शिक्षक असमंजस में थे कि ब्रिज कोर्स कब और कैसे करना है. इसी भ्रम और समय की कमी के चलते कई लोग आवेदन नहीं कर सके थे.

Loading Ad...

तारीख बढ़ने से दूर होगी चिंता

यह भी पढ़ें

अब आवेदन की तिथि बढ़ने से न सिर्फ तकनीकी कारणों से छूट गए शिक्षक फॉर्म भर सकेंगे, बल्कि वे शिक्षक भी आवेदन कर पाएंगे जो पहले किसी वजह से पीछे रह गए थे. इससे ब्रिज कोर्स को लेकर शिक्षकों में जो तनाव और भ्रम था, वह काफी हद तक खत्म होने की उम्मीद है. शिक्षकों का कहना है कि जब कोर्स अनिवार्य है, तो आवेदन की प्रक्रिया भी आसान और बिना रुकावट की होनी चाहिए.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...