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UP के विकास को मिलेगी नई रफ्तार... CM योगी ने बनाया मास्टर प्लान, वर्ष 2030 बनेगा टेकऑफ प्लेटफॉर्म

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश को 2047 तक विकसित करने के लिए बड़ा प्लान तैयार किया है. 2030 को टेकऑफ प्लेटफॉर्म मानते हुए हर जिले को एक्सप्रेस-वे से जोड़ने और कम से कम एक इंडस्ट्रियल एरिया बनाने का लक्ष्य रखा है. इससे व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य विकास कार्यों में तेजी आएगी. एक्सप्रेस-वे की कनेक्टिविटी से उत्पाद आसानी से पोर्ट या गंतव्य तक पहुंचेंगे और प्रदेशवासियों के लिए नई खुशहाली का रास्ता खुलेगा.

Yogi Adityanath (File Photo)
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उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश को 2047 तक विकसित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है. वर्ष 2030 को टेकऑफ प्लेटफॉर्म की तरह इस्तेमाल करते हुए योगी सरकार प्रदेश में विकास की गति बढ़ाने जा रही है. इस योजना के तहत 2030 तक प्रदेश के हर जिले को एक्सप्रेस-वे से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. इसके साथ ही सूबे के हर जिले में कम से कम एक इंडस्ट्रियल एरिया भी विकसित किया जाएगा.

एक्सप्रेस-वे देगा विकास को नई रफ्तार 

सीएम योगी की एक्सप्रेस-वे योजना को लेकर जानकारों का कहना है कि किसी भी क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होने से विकास के काम तेजी से होते हैं. एक्सप्रेस-वे से जुड़ने के बाद इंडस्ट्रियल एरिया में तैयार उत्पादों को पोर्ट या अन्य गंतव्यों तक आसानी से पहुंचाया जा सकेगा. इससे व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार समेत अन्य क्षेत्रों में भी प्रगति होगी. बेहतर कनेक्टिविटी से प्रदेशवासियों के जीवन स्तर में सुधार संभव है और यह योजना नई खुशहाली का सबब बन सकती है.

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वन क्षेत्र में किया जाएगा बढ़ोतरी

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने विकसित यूपी 2047 योजना के तहत प्रदेश में वन क्षेत्र को 13 से 14 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है. वर्तमान में प्रदेश में सिर्फ 10 प्रतिशत ट्री कवर है. वन क्षेत्र बढ़ाने का मकसद विकास की रफ्तार के साथ जलवायु और पर्यावरण पर विपरीत असर को कम करना है. इस पहल से उत्तर प्रदेश का विकास सतत और संतुलित बनेगा.

ग्राम्य विकास के लिए विधायक निधि की मंजूरी

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ग्राम्य विकास विभाग ने विधायक निधि की दूसरी किस्त के लिए 12.55 अरब रुपये मंजूर कर दिए हैं. इसको लेकर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि वर्ष 2025-26 में विधान सभा के 403 सदस्यों के लिए दस अरब सात करोड़ पचास लाख रुपये और विधान परिषद के 99 सदस्यों के लिए दो अरब सैंतालीस करोड़ पचास लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं. विधायक निधि से ग्रामीण इलाकों में विकास कार्यों को गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर बुनियादी ढांचे में सुधार संभव होगा.

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बताते चलें कि योगी सरकार की यह रणनीति प्रदेश की विकास रणनीति को नई दिशा देगी. एक्सप्रेस-वे, इंडस्ट्रियल एरिया और ग्राम्य विकास की योजनाओं से उत्तर प्रदेश 2047 तक विकसित और खुशहाल प्रदेश बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ेगा.

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