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उद्धव के बिगड़े बोल, मोदी को कहा गर्मी निकाल दूंगा, मोदी ने नेता ने दिया मुंहतोड़ जवाब !

शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए चुनावी मोड में आ गए हैं। इसी कड़ी में वो बीजेपी नेताओं पर लगातार निशाना साध रहे हैं और निशाना साधने के चक्कर में उनके बोल बिगड़ गए और मोदी गर्मी निकालने की धमकी दे डाली।

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इस वक्त देश में जो विपक्ष मौजूद है वो इतना बौखलाया हुआ कि पुछिए मत, भाषा की मर्यादा निचले स्तर पर जा चुकी है, कारण है सत्ता पाना। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे को तो आप जानते ही होंगे। इस बार मोदी को गाली देने की कमान उन्होने ही संभाली है। जी हां, क्योंकि किसी भी हाल में सत्ता की कुर्सी पर बैठना है। इसी साल के अंत में महाराष्ट्र में विधानसभा के चुनाव होने है, सभी पार्टिया कमर कस चुकी है, इंडिया गठबंधन लोकसभा चुनावों के नतीजों के अति उत्साहित है और वो उनकी लगातार गंदी होती जा रही भाषा में झलक भी रहा है। तो इस कड़ी में अब तक तो उध्दव के नेता संजय राउत का नाम शामिल था लेकिन अब उद्धव का नाम भी जुड़ गया। दरअसल आने वाले विधानसभा चुनाव के संबंध में कार्यकर्ताओ की बैठक में उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस तक सब का हाल चाल लिया। 

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इस बैठक में उध्दव ने इस बैठक में मोदी को चैलेंज करते हुए कहा कि अगर आप में इतनी ही गर्मी है तो आ जाओं मुंबई आपकी गर्मी उतराने के लिए तैयार हूं। अब देखना होगा कि फडणवीस रहेंगे या फिर मैं अगर हम सत्ता में आए तो धारावी पुर्नविकास का टेंडर हम रद्द कर देंगे। यहां समझने वाली बात ये है कि क्या किसी नेता की भाषा इतने निचले स्तर की हो सकती है। जो पद की गरिमा को भी तार तार कर दें। एक प्रधानमंत्री को कहना कि आओ गर्मी निकाल देंगे कितना सही है। उसपर आपकी क्या राय है जरुर बताइगा। वैसे इससे पहले भी मोदी को सैंकडों बार गाली दी जा चुकी है, और हर बार मोदी उस गाली का गहना बना कर धारण कर लिया हालांकि इस भाषणबाजी में जो देवेंद्र फडनवीस को कहा गया उसका जवाब देने के लिए महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले सामने आए। बावनकुले ने कहा की उद्धव ठाकरे अब जात-पात के नाम पर सियासत कर रहे हैं और धर्म के आधार पर वोट हासिल करने के लिए चाल चल रहे हैं। उद्धव ठाकरे ने देवेंद्र फडणवीस के लिए जिस भाषा का प्रयोग किया वो ये दिखाता है कि उद्धव मानसिक रूप से दिवालिया हो गए हैं। 

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अब चुनाव का दौर है और वार-पलटवार तो चलेगा है, जबकि अब तो साहस भी बढ़ा हुआ है। खैर फिर भी राजनेताओं को वार पलटवार के दौर में भी कम से कम भाषा की मर्यादा का ध्यान तो रखना ही चाहिए। नहीं तो फिर जनता भी समझती है और उसका नतीजा चुनावों में देखने को मिलता है, और जब नतीजे आते है तो विपक्ष ईवीएम में गड़बड़ी बताकर कमी को छुपा लेता है। खैर जिस तरह से प्रधानमंत्री ने लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया है उस पर आपकी क्या राय है कमेंट कर जरुर बताएं।

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