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UAE, PAK, चीन...विदेश से पढ़कर आने वाले डॉक्टर्स की देनी होगी डिटेल, दिल्ली पुलिस ने अस्पतालों को भेजा नोटिस

दिल्ली ब्लास्ट मामले में जांच तेज हो गई है. दिल्ली पुलिस ने शहर के सभी निजी अस्पतालों को नोटिस जारी कर उन डॉक्टरों की जानकारी मांगी है, जिन्होंने विदेश से MBBS की डिग्री हासिल की है और वर्तमान में दिल्ली में प्रैक्टिस कर रहे हैं. खास तौर पर पाकिस्तान, बांग्लादेश, UAE और चीन से MBBS करके आए डॉक्टरों की विस्तृत जानकारी मांगी गई है.

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दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए-नए खुलासे हो रहे हैं. दिल्ली धमाका और फरीदाबाद से विस्फोटक पदार्थों की बरामदगी के बाद देश को व्हाइट कॉलर टेररिज्म के बारे में पता चला. इसमें खुलासा हुआ कि कैसे पढ़े-लिखे, अच्छी-खासी डिग्रीधारी लोग हथियार उठा रहे हैं और आतंकवाद की दुनिया में शामिल हो रहे हैं. इस बार तो हद ही हो गई एक से बढ़कर एक डॉक्टरों का धर्म और जिहाद के नाम पर आतंक की राह पर चले जाने की घटना ने सुरक्षाबलों के कान खड़े कर दिए. इसी को देखते हुए दिल्ली पुलिस एक्टिव हो गई है. उसने शहर के सभी निजी अस्पतालों को नोटिस जारी कर विदेश से पढ़कर आने वाले और फिलहाल प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टरों-छात्रों की जानकारी मांगी है.

दिल्ली पुलिस ने निजी अस्पतालों को जारी किया नोटिस

आपको बता दें कि पुलिस ने खास तौर पर पाकिस्तान, बांग्लादेश, UAE और चीन से MBBS करने वाले डॉक्टरों के बारे में जानकारी मांगी है. अधिकारियों का कहना है कि यह कदम सुरक्षा के मद्देनजर उठाया गया है. इसके तहत अस्पताल प्रशासन को अपने यहां काम कर रहे विदेश से पढ़कर आए डॉक्टरों की डिटेल पुलिस को उपलब्ध करानी होगी.

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कहां पहुंची दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच?

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इससे पहले 26 नवंबर को दिल्ली ब्लास्ट मामले में NIA (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) ने आरोपी शोएब को 10 दिन की रिमांड पर लिया है. शोएब को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया था. उसे पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां NIA रिमांड को मंजूरी मिली. दिल्ली ब्लास्ट मामले में एक और आरोपी आमिर राशिद अली, जिसकी NIA कस्टडी उसी दिन समाप्त हो रही थी, उसे भी कोर्ट में पेश किया गया और उसकी कस्टडी 7 दिन और बढ़ा दी गई.

NIA के मुताबिक, शोएब ने डॉ. उमर मोहम्मद (जिसे उमर उन-नबी के नाम से भी जाना जाता है) को बम विस्फोट से ठीक पहले आश्रय दिया था. इसके अलावा उसने विस्फोट की योजना को अंजाम देने में जरूरी लॉजिस्टिक सपोर्ट भी प्रदान किया. यह कार बम ब्लास्ट 10 नवंबर को लाल किले के पास हुआ था जिसमें कई लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए.

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शोएब इस मामले में गिरफ्तार किया गया सातवां आरोपी है. इससे पहले NIA ने उमर के छह करीबी सहयोगियों को गिरफ्तार किया था. एजेंसी ने बताया कि वह सुसाइड बॉम्बिंग से जुड़े सभी संभावित सबूतों और संदिग्धों का पता लगाने के लिए कई राज्यों में छापेमारी कर रही है. NIA का उद्देश्य है कि इस हमले के पीछे कार्यरत पूरे आतंक नेटवर्क के सभी सदस्य पकड़े जाएं.

NIA ने दर्ज किए अल-फलाह के 30 डॉक्टरों के बयान

इसके अलावा यह भी खबर सामने आ रही है कि दिल्ली ब्लास्ट मामले के बाद सुर्खियों में आए अल-फलाह मेडिकल कॉलेज के करीब 30 डॉक्टरों के बयान NIA ने दर्ज किए हैं. जानकारी के मुताबिक, इन सभी से आतंकी डॉक्टर उमर के बारे में सवाल-जवाब किए गए हैं. कहा जा रहा है कि पूछताछ के दौरान साथी डॉक्टरों ने बताया कि उमर का व्यवहार रूड यानी आक्रामक रहता था.

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गिने-चुने लोगों को अपने कमरे में आने देता था आतंकी उमर

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आपको बता दें कि उमर कुछ चुनिंदा लोगों को ही अपने कमरे में आने की इजाजत देता था. फिलहाल उमर का एक फोन जम्मू-कश्मीर पुलिस के कब्जे में है. जानकारी के मुताबिक, उमर के उस फोन में जांच एजेंसी को 4 वीडियो मिले हैं. इनमें से एक वीडियो भी सामने आया था जिसमें आतंकी उमर जिहाद और ह्यूमन बम की वकालत कर रहा था. वहीं अन्य 3 वीडियो भी उमर ने ही बनाए थे. ये भी करीब 3 से 5 मिनट तक के वीडियो हैं. उमर के फोन के ज़रिए जांच एजेंसी उमर के सहूलतकारों और आतंक के पैरोकारों की तलाश में जुटी हुई है.

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