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रिटायरमेंट से दो दिन पहले CJI गवई ने शुरू किया नया सिस्टम, सुप्रीम कोर्ट के वकील और वादियों को मिलेगी बड़ी राहत
देश के मुख्य न्यायधीश जस्टिस बीआर गवई दो दिन बाद रिटायर हो रहे हैं. ऐसे में आज उनके कार्यकाल के आखिरी दिन सुप्रीम कोर्ट में उनके सम्मान में सेरिमोनियल बेंच लगी. वकीलों और जजों ने उनके कार्यकाल की सराहना की. रिटायरमेंट से एक दिन पहले उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का नया ई-फाइलिंग पोर्टल लॉन्च किया
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CJI BR Gavai Retirement: देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई अपने पद से 23 नवंबर को रिटायर होने वाले हैं. इससे पहले आज उनके आज उनका सुप्रीम कोर्ट में आखिरी कार्य दिवस था. उनके सम्मान में सेरिमोनियल बेंच का आयोजन किया गया, जिसमें साथी जजों से लेकर अटॉर्नी जनरल, सॉलिसिटर जनरल और वरिष्ठ वकीलों ने उनके सेवाकाल की जमकर सराहना की. अदालत में माहौल सम्मान और भावनाओं से भरा हुआ था. जस्टिस गवई ने अपने कार्यकाल में कई बड़े फैसलों के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट के डिजिटल ढांचे को मजबूत करने पर भी खास ध्यान दिया.
ई-फाइलिंग पोर्टल का नया वर्जन लॉन्च
अपने रिटायरमेंट से ठीक एक दिन पहले जस्टिस गवई ने वकीलों और वादियों को एक अहम उपहार दिया. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के ई-फाइलिंग पोर्टल का नया वर्जन लॉन्च किया. यह पोर्टल कोर्ट की डिजिटल यात्रा में बड़ा कदम माना जा रहा है. नए सिस्टम के जरिए वकील न सिर्फ दस्तावेज ऑनलाइन जमा कर सकेंगे, बल्कि वे ऑनलाइन पेश भी हो पाएंगे. इससे देशभर के वकीलों को बिना कोर्ट पहुंचे सुनवाई में शामिल होने की सुविधा मिल सकेगी. सीजीआई (CJI) गवई ने यह घोषणा गुरुवार सुबह की बेंच के दौरान जस्टिस पीबी वराले और जस्टिस के विनोद चंद्रन के साथ बैठकर की. उन्होंने बताया कि यह अपग्रेडेड सिस्टम कई डिजिटल सेवाओं को एक ही इंटरफेस में जोड़ता है. अब एक लॉग-इन से ई-फाइलिंग, सर्टिफाइड कॉपी और हाइब्रिड मोड में फिजिकल हियरिंग की सुविधा उपलब्ध होगी. यह बदलाव सुप्रीम कोर्ट की कार्यप्रणाली को और सरल तथा आधुनिक बनाएगा.
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नया प्लेटफॉर्म धीरे-धीरे लागू होगा
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जस्टिस गवई ने स्पष्ट किया कि नया सिस्टम एक झटके में लागू नहीं होगा. इसे पायलट बेसिस पर शुरू किया गया है ताकि कोर्ट और वकील दोनों धीरे-धीरे नए ढांचे के साथ सामंजस्य बना सकें. उन्होंने कहा कि मौजूदा फाइलिंग सिस्टम पहले की तरह काम करता रहेगा और नया सिस्टम उसके साथ समानांतर चलेगा. इससे किसी भी तरह की दिक्कत या तकनीकी बाधा से बचा जा सकेगा.
एआई को अपनाने की तैयारी
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जस्टिस गवई ने यह भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है. उनका मानना है कि तकनीकी बदलाव न्याय व्यवस्था को तेज, पारदर्शी और सुलभ बनाते हैं. नई पहलें इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम हैं. जस्टिस बीआर गवई का कार्यकाल समाप्त हो गया है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट को डिजिटल रूप से मजबूत बनाने की उनकी पहलें अदालत के भविष्य को नई दिशा देती रहेंगी.
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बताते चलें कि यह तकनीकी बदलाव जस्टिस बीआर गवई के कार्यकाल की सबसे बड़े बदलावों में शामिल हो गया है. सुप्रीम कोर्ट को डिजिटल युग के अनुरूप ढालने की उनकी कोशिशें आने वाले समय में न्याय प्रक्रिया को और तेज, पारदर्शी और आम लोगों के लिए सुलभ बनाएंगी. रिटायरमेंट के साथ भले ही उनका कार्यकाल समाप्त हो गया हो, लेकिन न्याय व्यवस्था को आधुनिक बनाने की उनकी पहलें लंबे समय तक याद की जाएंगी.